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Faridabad News: घर में नहीं है साइकिल, कागजों में चल रही कार
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फैमिली आईडी कार्ड में विभाग की तरफ से की गई गलती, कई गरीबों के बीपीएल कार्ड हो गए कैंसिल
कार्ड की गलतियां ठीक करवाने के लिए उपायुक्त कार्यालय में लगी भीड़
प्रशासन की लापरवाही के कारण गरीबों को काटने पड़ रहे हैं चक्कर
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। जहां सरकार अधिक आय वाले लोगों से बीपीएल कार्ड से नाम हटवाने के लिए कह रही है वहीं विभाग खुद गरीबों के नाम बीपीएल श्रेणी से हटाने में जुटा है। जिन लोगों के घरों में साइकिल तक नहीं है विभाग उनके फैमिली आईडी कार्ड में कार दिखाकर उनके कार्ड कैंसिल कर रहा है। जिले में ऐसे लोगों की संख्या सैकड़ों में है। उपायुक्त कार्यालय में पहुंचे लोगों में ऐसी महिलाएं अधिक थीं जिनके घर में कोई कमाने वाला तक नहीं है। उनके परिवार का गुजारा सिर्फ सरकार की तरफ से मिलने वाले राशन से चल रहा है।
उपायुक्त कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर बने 11 नंबर कमरे में करीब एक हफ्ते से रोजाना लोगों की भीड़ लग रही है। लोगों का कहना है कि उनके फैमिली आईडी कार्ड पर कार की डिटेल आ रही है जबकि उनके पास कोई कार नहीं है। जब वे आरटीओ कार्यालय गए तो वहां से चेक करने के बाद एक फॉर्म दिया गया और फैमिली आईडी कार्ड विभाग में जाकर अपडेट करवाने की बात कही गई। डीसी ऑफिस में पिछले करीब सात दिनों से रोजाना ऐसे करीब 20 लोग पहुंच रहे हैं जो कार तो दूर की बात है किसी प्रकार का वाहन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उनके बीपीएल कार्ड रद्द कर दिए गए हैं।
आरटीओ कार्यालय का काम हो रहा प्रभावित
आरटीओ कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि रोजाना करीब 30 से 40 लोग इस तरह की समस्या लेकर आ रहे हैं। लोगों के फैमिली आईडी कार्ड में कार की डिटेल दिख रही है लेकिन जांच करने पर कार उनके नाम पर नहीं निकलती तो उन्हें फार्म दे दिया जाता है। वहीं, कई लोग ऐसे भी पहुंच रहे हैं जिनका आरटीओ ऑफिस दूसरे जिले का या दूसरी तहसील का होता है उन्हें संबंधित ऑफिस भेज दिया जाता है। इससे आरटीओ कार्यालय का काम प्रभावित हो रहा है।
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गुरुग्राम व बल्लभगढ़ के चक्कर लगाने को मजबूर लोग
कई लोगों के नाम पर चढ़ी हुई कार का नंबर गुरुग्राम व बल्लभगढ़ आरटीओ से संबंधित है। इस कारण उनको गुरुग्राम या बल्लभगढ़ जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आधा दिन डीसी ऑफिस में चक्कर लगाने में खराब हो जाता है बाकी आधा दूसरे कार्यालय में जाने में खराब हो जाता है। वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि गुरुग्राम में अधिक भीड़ होने के कारण उन्हें एक काम के लिए कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं।
वर्जन
5 महीने पहले मेरे पति की मौत हो गई थी। पति रेहड़ी लगाते थे। मेरे चार बच्चे हैं। सरकार की तरफ से मिलने वाले राशन से मेरी काफी मदद हो जाती थी। मेरा कार्ड कैंसिल कर दिया गया है। - रीता, संजय कॉलोनी
मेरे एक बेटे की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। उससे पहले मेरे पति की भी मौत हो चुकी है। अब केवल एक बेटा है जो कुछ काम नहीं करता। मेरे फैमिली आईडी कार्ड पर कार की डिटेल दिख रही है इसी के चलते मेरा बीपीएल कार्ड कैंसिल कर दिया गया है। - उर्मिला, संजय कॉलोनी
मेरे पति सब्जी बेचने का काम करते हैं। हम लोग किराये पर रहते हैं। हमारे पास कोई वाहन नहीं है लेकिन फैमिली आईडी कार्ड पर कार की डिटेल दिख रही है इसलिए कार्ड कैंसिल कर दिया गया है। - अनीता, तिगांव
मेरे पति की मौत हो चुकी है, मेरा बेटा भी पूरी तरह से दिव्यांग है। घर का खर्च काफी मुश्किल से चलता है। हमारा राशन कार्ड रद्द हो गया है। यहां पर बता रहे हैं कि तुम्हारे पास कार है इसलिए रद्द हुआ है। हमें तो कुछ समझ नहीं आ रहा है। - अनीता, इंद्र कॉलोनी
वर्जन
इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा कुछ है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - राजेश नागर, खाद्य आपूर्ति मंत्री, हरियाणा सरकार
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कार्ड की गलतियां ठीक करवाने के लिए उपायुक्त कार्यालय में लगी भीड़
प्रशासन की लापरवाही के कारण गरीबों को काटने पड़ रहे हैं चक्कर
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। जहां सरकार अधिक आय वाले लोगों से बीपीएल कार्ड से नाम हटवाने के लिए कह रही है वहीं विभाग खुद गरीबों के नाम बीपीएल श्रेणी से हटाने में जुटा है। जिन लोगों के घरों में साइकिल तक नहीं है विभाग उनके फैमिली आईडी कार्ड में कार दिखाकर उनके कार्ड कैंसिल कर रहा है। जिले में ऐसे लोगों की संख्या सैकड़ों में है। उपायुक्त कार्यालय में पहुंचे लोगों में ऐसी महिलाएं अधिक थीं जिनके घर में कोई कमाने वाला तक नहीं है। उनके परिवार का गुजारा सिर्फ सरकार की तरफ से मिलने वाले राशन से चल रहा है।
उपायुक्त कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर बने 11 नंबर कमरे में करीब एक हफ्ते से रोजाना लोगों की भीड़ लग रही है। लोगों का कहना है कि उनके फैमिली आईडी कार्ड पर कार की डिटेल आ रही है जबकि उनके पास कोई कार नहीं है। जब वे आरटीओ कार्यालय गए तो वहां से चेक करने के बाद एक फॉर्म दिया गया और फैमिली आईडी कार्ड विभाग में जाकर अपडेट करवाने की बात कही गई। डीसी ऑफिस में पिछले करीब सात दिनों से रोजाना ऐसे करीब 20 लोग पहुंच रहे हैं जो कार तो दूर की बात है किसी प्रकार का वाहन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उनके बीपीएल कार्ड रद्द कर दिए गए हैं।
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आरटीओ कार्यालय का काम हो रहा प्रभावित
आरटीओ कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि रोजाना करीब 30 से 40 लोग इस तरह की समस्या लेकर आ रहे हैं। लोगों के फैमिली आईडी कार्ड में कार की डिटेल दिख रही है लेकिन जांच करने पर कार उनके नाम पर नहीं निकलती तो उन्हें फार्म दे दिया जाता है। वहीं, कई लोग ऐसे भी पहुंच रहे हैं जिनका आरटीओ ऑफिस दूसरे जिले का या दूसरी तहसील का होता है उन्हें संबंधित ऑफिस भेज दिया जाता है। इससे आरटीओ कार्यालय का काम प्रभावित हो रहा है।
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गुरुग्राम व बल्लभगढ़ के चक्कर लगाने को मजबूर लोग
कई लोगों के नाम पर चढ़ी हुई कार का नंबर गुरुग्राम व बल्लभगढ़ आरटीओ से संबंधित है। इस कारण उनको गुरुग्राम या बल्लभगढ़ जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आधा दिन डीसी ऑफिस में चक्कर लगाने में खराब हो जाता है बाकी आधा दूसरे कार्यालय में जाने में खराब हो जाता है। वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि गुरुग्राम में अधिक भीड़ होने के कारण उन्हें एक काम के लिए कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं।
वर्जन
5 महीने पहले मेरे पति की मौत हो गई थी। पति रेहड़ी लगाते थे। मेरे चार बच्चे हैं। सरकार की तरफ से मिलने वाले राशन से मेरी काफी मदद हो जाती थी। मेरा कार्ड कैंसिल कर दिया गया है। - रीता, संजय कॉलोनी
मेरे एक बेटे की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। उससे पहले मेरे पति की भी मौत हो चुकी है। अब केवल एक बेटा है जो कुछ काम नहीं करता। मेरे फैमिली आईडी कार्ड पर कार की डिटेल दिख रही है इसी के चलते मेरा बीपीएल कार्ड कैंसिल कर दिया गया है। - उर्मिला, संजय कॉलोनी
मेरे पति सब्जी बेचने का काम करते हैं। हम लोग किराये पर रहते हैं। हमारे पास कोई वाहन नहीं है लेकिन फैमिली आईडी कार्ड पर कार की डिटेल दिख रही है इसलिए कार्ड कैंसिल कर दिया गया है। - अनीता, तिगांव
मेरे पति की मौत हो चुकी है, मेरा बेटा भी पूरी तरह से दिव्यांग है। घर का खर्च काफी मुश्किल से चलता है। हमारा राशन कार्ड रद्द हो गया है। यहां पर बता रहे हैं कि तुम्हारे पास कार है इसलिए रद्द हुआ है। हमें तो कुछ समझ नहीं आ रहा है। - अनीता, इंद्र कॉलोनी
वर्जन
इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा कुछ है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - राजेश नागर, खाद्य आपूर्ति मंत्री, हरियाणा सरकार