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Faridabad News: ओपीडी के साथ अब मिलेगी आईपीडी की सुविधा
Wed, 06 Dec 2023 11:29 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:29 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसीबल्लभगढ़। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में इन पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) को शुरू करने के लिए वार्ड बनाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। सभी वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड को लगाया जा रहा है। वहीं, अन्य जरूरी सामान की खरीद शुरू कर दी गई है। ओपीडी के बाद अब आईपीडी और इमरजेंसी सेवा इस साल के अंत तक शुरू कर दी जाएगी। मेडिकल कॉलेज के आसपास के 20 से अधिक गांववासियों को फायदा होगा।
श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी सेवाएं 16 जुलाई 2022 में शुरू की गई, लेकिन मरीजों की संख्या में इजाफा नहीं होने की वजह 2023-24 के द्वितीय बैच में (प्रथम नवीनीकरण) प्रवेश लेने की अनुमति के प्रस्ताव को भारतीय चिकित्सा परिषद ने अस्वीकार कर दिया गया है। उसके बाद महाविद्यालय की ओर से अपील की गई और छह महीने के हरियाणा सरकार द्वारा दी गई अंडरटेकिंग के बाद अनुमति प्रदान कर दी गई। वह अनुमति जनवरी माह में खत्म होने वाली है। उसी के चलते महाविद्यालय में मरीजों की संख्या को बढ़ाने के लिए कई प्रकार की सुविधाओं को शुरू करने की कवायद की जा रही है।
इमरजेंसी और आईपीडी है सबसे अहम
निदेशक बीएम वशिष्ठ ने बताया कि सरकार की ओर से दिया गया छह महीने का समय जनवरी माह में खत्म होने वाला है। उससे पहले उनकी ओर से आईपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसमें उनकी ओर से वार्ड में बेड लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, साइन बोर्ड भी लगने शुरू हो गए है। उन्होंने बताया कि हर बीमारी के मरीज को भर्ती करने के लिए अलग-अलग वार्ड को बनाया गया है। उनके अस्पताल 400 बेड का बनेगा। इसमें इमरजेंसी के बेड भी शामिल होंगे।
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ओपीडी में बढ़ेंगी मरीजों की संख्या
आईपीडी और इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने के बाद ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ जाएगी। क्योंकि ओपीडी में आने वाले मरीजों को कई बार अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। इसलिए अब ओपीडी में आने वाले मरीजों को सुविधा अनुसार भर्ती किया जाएगा। जल्द ही अस्पताल में खून की जांच, एक्सरे आदि सेवाएं भी शुरू होगी।
20 से अधिक गांव के लोगों को होगा फायदा
यमुना के आसपास बसे करीब 20 से अधिक गांव के मरीजों को फायदा होगा। अब तक यहां के लोगों को अपने इलाज के लिए दयालपुर के पीएचसी, मोहना के पीएचसी, बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल और बीके अस्पताल जाना पड़ता था, जोकि काफी दूर है। आईपीडी और इमरजेंसी सेवा शुरू होने के बाद गांव हीरापुर, गांव मोहना, गांव चांदपुर, गांव अरुआ, गांव मोठूका, गांव छांयसा, गांव अटाली, गांव महमदपुर, गांव नरहावली, गांव नरियाला, गांव दयालपुर, गांव कोराली, गांव फजौपुर खादर, गांव पंचायती झुग्गी, गांव मखनपुर, गांव लतीफपुर, गांव बागपुर आदि को फायदा होगा।
इन सुविधाओं को जल्द किया जाएगा शुरू
महाविद्यालय परिसर के अंदर मरीजों को कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को लगाए जा रहे है। वहीं, पुलिस आयुक्त से मिलकर महाविद्यालय परिसर के अंदर एक पुलिस चौकी को खोला जाएगा। लोगों को आने जाने में कोई परेशानी न हो, उसके लिए रोडवेज महाप्रबंधक से बैठक करके रोडवेज बस सेवा को शुरू किया जाएगा। जिससे मरीज आसानी से अस्पताल में उपचार लेने के लिए पहुंच पाएंगे।
एनओसी के लिए ली जाएगी बैठक
फायर फाइटिंग सिस्टम का कार्य कुछ रह गया है। इसे लेकर ठेकेदार की ओर से कार्य करना बंद कर दिया गया है। उच्च अधिकारियों की ओर से ठेकेदार को पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया। इसकी वजह से कार्य को रोक दिया गया। अब ठेकेदार के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद कार्य को जल्द शुरू करके एनओसी ली जाएगी।
- डॉ. बीएन वशिष्ठ, निदेशक श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय
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श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी सेवाएं 16 जुलाई 2022 में शुरू की गई, लेकिन मरीजों की संख्या में इजाफा नहीं होने की वजह 2023-24 के द्वितीय बैच में (प्रथम नवीनीकरण) प्रवेश लेने की अनुमति के प्रस्ताव को भारतीय चिकित्सा परिषद ने अस्वीकार कर दिया गया है। उसके बाद महाविद्यालय की ओर से अपील की गई और छह महीने के हरियाणा सरकार द्वारा दी गई अंडरटेकिंग के बाद अनुमति प्रदान कर दी गई। वह अनुमति जनवरी माह में खत्म होने वाली है। उसी के चलते महाविद्यालय में मरीजों की संख्या को बढ़ाने के लिए कई प्रकार की सुविधाओं को शुरू करने की कवायद की जा रही है।
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इमरजेंसी और आईपीडी है सबसे अहम
निदेशक बीएम वशिष्ठ ने बताया कि सरकार की ओर से दिया गया छह महीने का समय जनवरी माह में खत्म होने वाला है। उससे पहले उनकी ओर से आईपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसमें उनकी ओर से वार्ड में बेड लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, साइन बोर्ड भी लगने शुरू हो गए है। उन्होंने बताया कि हर बीमारी के मरीज को भर्ती करने के लिए अलग-अलग वार्ड को बनाया गया है। उनके अस्पताल 400 बेड का बनेगा। इसमें इमरजेंसी के बेड भी शामिल होंगे।
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ओपीडी में बढ़ेंगी मरीजों की संख्या
आईपीडी और इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने के बाद ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ जाएगी। क्योंकि ओपीडी में आने वाले मरीजों को कई बार अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। इसलिए अब ओपीडी में आने वाले मरीजों को सुविधा अनुसार भर्ती किया जाएगा। जल्द ही अस्पताल में खून की जांच, एक्सरे आदि सेवाएं भी शुरू होगी।
20 से अधिक गांव के लोगों को होगा फायदा
यमुना के आसपास बसे करीब 20 से अधिक गांव के मरीजों को फायदा होगा। अब तक यहां के लोगों को अपने इलाज के लिए दयालपुर के पीएचसी, मोहना के पीएचसी, बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल और बीके अस्पताल जाना पड़ता था, जोकि काफी दूर है। आईपीडी और इमरजेंसी सेवा शुरू होने के बाद गांव हीरापुर, गांव मोहना, गांव चांदपुर, गांव अरुआ, गांव मोठूका, गांव छांयसा, गांव अटाली, गांव महमदपुर, गांव नरहावली, गांव नरियाला, गांव दयालपुर, गांव कोराली, गांव फजौपुर खादर, गांव पंचायती झुग्गी, गांव मखनपुर, गांव लतीफपुर, गांव बागपुर आदि को फायदा होगा।
इन सुविधाओं को जल्द किया जाएगा शुरू
महाविद्यालय परिसर के अंदर मरीजों को कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को लगाए जा रहे है। वहीं, पुलिस आयुक्त से मिलकर महाविद्यालय परिसर के अंदर एक पुलिस चौकी को खोला जाएगा। लोगों को आने जाने में कोई परेशानी न हो, उसके लिए रोडवेज महाप्रबंधक से बैठक करके रोडवेज बस सेवा को शुरू किया जाएगा। जिससे मरीज आसानी से अस्पताल में उपचार लेने के लिए पहुंच पाएंगे।
एनओसी के लिए ली जाएगी बैठक
फायर फाइटिंग सिस्टम का कार्य कुछ रह गया है। इसे लेकर ठेकेदार की ओर से कार्य करना बंद कर दिया गया है। उच्च अधिकारियों की ओर से ठेकेदार को पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया। इसकी वजह से कार्य को रोक दिया गया। अब ठेकेदार के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद कार्य को जल्द शुरू करके एनओसी ली जाएगी।
- डॉ. बीएन वशिष्ठ, निदेशक श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय