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फिर जहरीली हुई शहर की हवा, एक्यूआई पहुंचा 406, नहीं हो रहा ग्रेप के नियमों का पालन, जगह-जगह उड़ रही धूल
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Then the city air became poisonous, AQI reached 406, the rules of Grape are not being followed, dust is flying everywhere
फरीदाबाद। शहर में फिर ग्रेडेड रिस्पांस एक्सन प्लान (ग्रेप) की अनदेेेखी शुरू हो गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश के बावजूद शहर में जगह-जगह धूल उड़ रही हैं। इससे प्रदूषण स्तर एक बार फिर सामान्य से आठ गुणा अधिक गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। फरीदाबाद में कामकाजी दिनों में दो लाख से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में शहर की टूटी सड़कों पर इनकी रफ्तार से जमकर धूल उड़ रही है। लिहाजा बीते कुछ दिनों की राहत के बाद फिर प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। बुधवार को प्रदूषण स्तर बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार बुधवार शाम चार बजे तक फरीदाबाद का एक्यूआई गंभीर श्रेणी के साथ 406 दर्ज किया गया। जो सामान्य से आठ गुणा ज्यादा है। बल्लभगढ़ का एक्यूआई सामान्य से सात गुणा अधिक बेहद खराब श्रेणी के साथ 370 दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि हवा की रफ्तार कम होने से भी फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। इस समय पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी बढ़ रही है। इससे हवा की रफ्तार पांच किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम रह रही है। साथ ही इसमें नमी की मात्रा भी 60 फीसदी से अधिक है। ऐसे में सड़कों से उड़ रही धूल से हवा जहरीली हो रही है। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन और लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ सकता है।
नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
बाईपास रोड पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे जगह-जगह सड़क पर धूल पसरे हैं। ऐसे में वाहनों के रफ्तार से उड़ रही धूल हवा को जहरीली बना रही है। इसके अलावा सेक्टर-16, 16ए, 17, 22, 23, 24, सूरजकुंड रोड, सोहना रोड, सेक्टर-56 आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां की अधिकांश सड़कें टूटी है। इससे भी शहर में प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है।
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क्षेत्रीय स्तर पर एक्यूआई
नाथू कॉलोनी-351
सेक्टर 16ए-433
सेक्टर 11-427
सेक्टर 30-428
एनआईटी- 410
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार बुधवार शाम चार बजे तक फरीदाबाद का एक्यूआई गंभीर श्रेणी के साथ 406 दर्ज किया गया। जो सामान्य से आठ गुणा ज्यादा है। बल्लभगढ़ का एक्यूआई सामान्य से सात गुणा अधिक बेहद खराब श्रेणी के साथ 370 दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि हवा की रफ्तार कम होने से भी फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। इस समय पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी बढ़ रही है। इससे हवा की रफ्तार पांच किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम रह रही है। साथ ही इसमें नमी की मात्रा भी 60 फीसदी से अधिक है। ऐसे में सड़कों से उड़ रही धूल से हवा जहरीली हो रही है। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन और लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ सकता है।
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नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
बाईपास रोड पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे जगह-जगह सड़क पर धूल पसरे हैं। ऐसे में वाहनों के रफ्तार से उड़ रही धूल हवा को जहरीली बना रही है। इसके अलावा सेक्टर-16, 16ए, 17, 22, 23, 24, सूरजकुंड रोड, सोहना रोड, सेक्टर-56 आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां की अधिकांश सड़कें टूटी है। इससे भी शहर में प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है।
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क्षेत्रीय स्तर पर एक्यूआई
नाथू कॉलोनी-351
सेक्टर 16ए-433
सेक्टर 11-427
सेक्टर 30-428
एनआईटी- 410