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तेज हवा चलने के बाद भी हवा खराब
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फरीदाबाद। तेज हवा चलने के बावजूद शहरवासियों को प्रदूषित हवा से छुटकारा नहीं मिल रहा है। शनिवार को सुबह-शाम सड़कों पर स्मॉग देखने को मिला। इससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की समस्या हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को फरीदाबाद का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 275 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
प्रदूषण की रोकथाम को लेकर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। सड़कों पर धूल मिट्टी न उड़े इसके लिए जेटिंग मशीन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर सख्ती की जा रही है। इन सबके बावजूद शहर की वायु गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। हवा में हुए मामूली सुधार होने को देखते हुए वायु प्रबंधन आयोग की ओर से शहर की कंपनियों को सप्ताह में पांच दिन चलाने की अनुमति जरूर प्रदान की गई। लेकिन प्रदूषण रोकथाम के लिए निगम, एचएसवीपी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। शनिवार को सड़कों पर उड़ती धूल और कूड़ा जलने से शहर की हवा जलरीली रही। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को फरीदाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स सात अंक अधिक दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को फरीदाबाद का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 275 दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब छह गुना अधिक है।
सेक्टर-11में हवा का स्तर बेहद खराब
शनिवार को सेक्टर-11 में हवा का स्तर बेहद खराब रहा। यहां एक्यूआई 316 दर्ज किया गया। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या हुई। वहीं सेक्टर-16 क्षेत्र में 300, सेक्टर-30 क्षेत्र में 272 व एनआईटी क्षेत्र में 255 एयर क्वॉलिटी इंडेक्स दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ क्षेत्र की हवा इनकी तुलना में कुछ साफ रही। यहां का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 184 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जो भी नियम लागू किए गए हैं, उनका सख्ती से पालन किया जा रहा है। हमारी टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी रखे हुए हैं।
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निर्माण कार्यों पर रोक जारी, सरकारी योजनाओं को छूट
दिनेश कुमार ने बताया कि वायु प्रबंधन आयोग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर में कंपनियों को पांच दिन चलाने की छूट दी गई है। इसके अलावा बड़े प्रोजेक्ट जैसे एक्सप्रेस वे, ग्रीन हाईवे, अस्पताल, नर्सिंग होम, रेलवे से जुड़ा निर्माण किया जा सकता है। इसके अलावा सभी प्रकार के निर्माण कार्य बंद रहेंगे।
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प्रदूषण की रोकथाम को लेकर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। सड़कों पर धूल मिट्टी न उड़े इसके लिए जेटिंग मशीन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर सख्ती की जा रही है। इन सबके बावजूद शहर की वायु गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। हवा में हुए मामूली सुधार होने को देखते हुए वायु प्रबंधन आयोग की ओर से शहर की कंपनियों को सप्ताह में पांच दिन चलाने की अनुमति जरूर प्रदान की गई। लेकिन प्रदूषण रोकथाम के लिए निगम, एचएसवीपी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। शनिवार को सड़कों पर उड़ती धूल और कूड़ा जलने से शहर की हवा जलरीली रही। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को फरीदाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स सात अंक अधिक दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को फरीदाबाद का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 275 दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब छह गुना अधिक है।
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सेक्टर-11में हवा का स्तर बेहद खराब
शनिवार को सेक्टर-11 में हवा का स्तर बेहद खराब रहा। यहां एक्यूआई 316 दर्ज किया गया। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या हुई। वहीं सेक्टर-16 क्षेत्र में 300, सेक्टर-30 क्षेत्र में 272 व एनआईटी क्षेत्र में 255 एयर क्वॉलिटी इंडेक्स दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ क्षेत्र की हवा इनकी तुलना में कुछ साफ रही। यहां का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 184 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जो भी नियम लागू किए गए हैं, उनका सख्ती से पालन किया जा रहा है। हमारी टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी रखे हुए हैं।
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निर्माण कार्यों पर रोक जारी, सरकारी योजनाओं को छूट
दिनेश कुमार ने बताया कि वायु प्रबंधन आयोग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर में कंपनियों को पांच दिन चलाने की छूट दी गई है। इसके अलावा बड़े प्रोजेक्ट जैसे एक्सप्रेस वे, ग्रीन हाईवे, अस्पताल, नर्सिंग होम, रेलवे से जुड़ा निर्माण किया जा सकता है। इसके अलावा सभी प्रकार के निर्माण कार्य बंद रहेंगे।