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Faridabad News: ग्रामीण इलाकों में पानी निकासी का संकट होगा खत्म, चार गांवों के तालाबों में लगेंगे हाई-पावर पंप
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बरसात में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो से जूझते हैं लोग, नगर निगम ने तैयार की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की निकासी की व्यवस्था ठीक न होने के कारण बारिश के दिनों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं सीवर चोक होने पर भी ग्रामीण इलाकों में पानी भर जाता है। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए निगम की तरफ से चार इलाकों में बने तालाबों से जलनिकासी की व्यवस्था के लिए योजना तैयार कर ली है। जल्द इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
नगर निगम फरीदाबाद के डिवीजन-5 के तहत आने वाले फरीदपुर, बडोली, प्रह्लादपुर और भतौला गांवों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर ली है। यह पहली बार है जब इन चारों गांवों को एक ही योजना के तहत शामिल किया गया है। इन चारों स्थानों पर निगम की तरफ से हाई-पावर पंप लगाए जाएंगे। सभी तालाबों में 10 हॉर्सपावर क्षमता वाले सीवर सबमर्सिबल मोटर पंप लगाए जाएंगे, जो भारी बारिश के दौरान जमा पानी और सीवर ओवरफ्लो को तेजी से बाहर निकालने में सक्षम होंगे।
हर साल जलभराव की शिकायतें आती हैं
योजना के तहत फरीदपुर गांव के शिव मंदिर तालाब, बडोली गांव के शनि देव मंदिर तालाब, प्रह्लादपुर तालाब और भतौला गांव के सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब को चुना गया है। ये वही स्थान हैं जहां से हर साल जलभराव की शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आती रही हैं।
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बीमारियों के खतरे पर लगेगा ब्रेक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जलभराव और सीवर ओवरफ्लो से डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। तालाबों में पंप लगने से पानी का ठहराव कम होगा जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी घटेंगे।
5 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
नगर निगम ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए 5 महीने की समय-सीमा तय की है। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले मानसून से पहले यह व्यवस्था पूरी तरह कार्यशील हो जाए ताकि ग्रामीणों को फिर से जलभराव की परेशानी न झेलनी पड़े।
शहरी क्षेत्रों के अनुभव से लिया गया मॉडल
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले फरीदाबाद के कई शहरी इलाकों में इसी तरह की पंप आधारित जल निकासी व्यवस्था लागू की जा चुकी है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उसी अनुभव को अब ग्रामीण क्षेत्रों में उतारा जा रहा है।
अन्य गांवों के लिए भी बनेगा मॉडल
अगर यह योजना सफल रहती है तो भविष्य में फरीदाबाद जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों में भी इसी तर्ज पर जल निकासी व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे जिले में जल प्रबंधन को लेकर एक नया मॉडल तैयार होगा।
लोगों की सुविधाओं के लिए निगम की तरफ से हर स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द लोगों को इस योजना का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा - अजय, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की निकासी की व्यवस्था ठीक न होने के कारण बारिश के दिनों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं सीवर चोक होने पर भी ग्रामीण इलाकों में पानी भर जाता है। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए निगम की तरफ से चार इलाकों में बने तालाबों से जलनिकासी की व्यवस्था के लिए योजना तैयार कर ली है। जल्द इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
नगर निगम फरीदाबाद के डिवीजन-5 के तहत आने वाले फरीदपुर, बडोली, प्रह्लादपुर और भतौला गांवों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर ली है। यह पहली बार है जब इन चारों गांवों को एक ही योजना के तहत शामिल किया गया है। इन चारों स्थानों पर निगम की तरफ से हाई-पावर पंप लगाए जाएंगे। सभी तालाबों में 10 हॉर्सपावर क्षमता वाले सीवर सबमर्सिबल मोटर पंप लगाए जाएंगे, जो भारी बारिश के दौरान जमा पानी और सीवर ओवरफ्लो को तेजी से बाहर निकालने में सक्षम होंगे।
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हर साल जलभराव की शिकायतें आती हैं
योजना के तहत फरीदपुर गांव के शिव मंदिर तालाब, बडोली गांव के शनि देव मंदिर तालाब, प्रह्लादपुर तालाब और भतौला गांव के सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब को चुना गया है। ये वही स्थान हैं जहां से हर साल जलभराव की शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आती रही हैं।
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बीमारियों के खतरे पर लगेगा ब्रेक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जलभराव और सीवर ओवरफ्लो से डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। तालाबों में पंप लगने से पानी का ठहराव कम होगा जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी घटेंगे।
5 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
नगर निगम ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए 5 महीने की समय-सीमा तय की है। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले मानसून से पहले यह व्यवस्था पूरी तरह कार्यशील हो जाए ताकि ग्रामीणों को फिर से जलभराव की परेशानी न झेलनी पड़े।
शहरी क्षेत्रों के अनुभव से लिया गया मॉडल
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले फरीदाबाद के कई शहरी इलाकों में इसी तरह की पंप आधारित जल निकासी व्यवस्था लागू की जा चुकी है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उसी अनुभव को अब ग्रामीण क्षेत्रों में उतारा जा रहा है।
अन्य गांवों के लिए भी बनेगा मॉडल
अगर यह योजना सफल रहती है तो भविष्य में फरीदाबाद जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों में भी इसी तर्ज पर जल निकासी व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे जिले में जल प्रबंधन को लेकर एक नया मॉडल तैयार होगा।
लोगों की सुविधाओं के लिए निगम की तरफ से हर स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द लोगों को इस योजना का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा - अजय, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम