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Faridabad News: बारिश की राहत के बाद उमस की चिपचिपी आफत
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-रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में तेज धूप और भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बढ़ती उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण लोगों को पसीने और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आर्द्रता का स्तर करीब 55 प्रतिशत रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी अधिक होने के कारण गर्मी का अहसास सामान्य से ज्यादा हो रहा है। पसीना निकलने के बाद भी शरीर को अपेक्षित ठंडक नहीं मिल पा रही है। उमस भरे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। बीके अस्पताल की ओपीडी में डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। अस्पताल में पहले जहां प्रतिदिन 30 से 32 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 50 से 55 तक पहुंच गई है।
बीके अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सन्नी डहनवाल ने बताया कि गर्मी और उमस के दौरान खान-पान में लापरवाही से पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पानी और बाहर का भोजन डायरिया का कारण बन सकता है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी से कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजा भोजन करने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है, जिससे लोगों की परेशानी जारी रहने की संभावना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में तेज धूप और भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बढ़ती उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण लोगों को पसीने और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आर्द्रता का स्तर करीब 55 प्रतिशत रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी अधिक होने के कारण गर्मी का अहसास सामान्य से ज्यादा हो रहा है। पसीना निकलने के बाद भी शरीर को अपेक्षित ठंडक नहीं मिल पा रही है। उमस भरे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। बीके अस्पताल की ओपीडी में डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। अस्पताल में पहले जहां प्रतिदिन 30 से 32 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 50 से 55 तक पहुंच गई है।
बीके अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सन्नी डहनवाल ने बताया कि गर्मी और उमस के दौरान खान-पान में लापरवाही से पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पानी और बाहर का भोजन डायरिया का कारण बन सकता है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी से कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजा भोजन करने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है, जिससे लोगों की परेशानी जारी रहने की संभावना है।
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