फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   The smart city is not ready; an incident like the one in Noida could happen.

Faridabad News: स्मार्ट सिटी नहीं है तैयार, हो सकता है नोएडा जैसा हादसा

Wed, 21 Jan 2026 12:42 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
The smart city is not ready; an incident like the one in Noida could happen.
जिले के पास नहीं है खुद की गोताखोरों की टीम
विज्ञापन

डूबने वाले को बचाने के लिए टीम को पहुंचने में लगेगा एक घंटे का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। नोएडा में कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की मौत जैसा कोई हादसा स्मार्ट सिटी में होता है तो फरीदाबाद प्रशासन के पास भी उस हादसे से निपटने के लिए खुद की कोई गोताखोरों की टीम नहीं है। एसडीआरएफ की टीम जिले में गुरुग्राम से बुलाई जाती है।
वहीं एनडीआरएफ की टीम भटिंडा से बुलाई जाती है। इन दोनों टीमों को जिले में पहुंचने के लिए एक से 10 घंटे का समय लगता है। तब तक नदी, नहर, सीवर आदि में गिरे व्यक्ति की मौत हो सकती है। फरीदाबाद जिले के चीफ वार्डन (सिविल डिफेंस) एमपी सिंह ने बताया कि उनके पास 22 प्रशिक्षित वॉलंटियर है। इनको जिले के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया हुआ है। इसके अलावा जिले के पास एसडीआरएफ की टीम नहीं है। अगर कभी कोई व्यक्ति नहर या नदी में गिरता है तो गुरुग्राम से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया जाता है। जिनको जिले में आने में कम से कम एक घंटे का समय लगता है। अगर जाम मिल जाता है तो उनको डेढ़ से दो घंटे भी लग जाते हैं।
विज्ञापन



भटिंडा से आती है एनडीआरएफ की टीम
एमपी सिंह ने बताया कि अगर किसी को खोजने में एसडीआरएफ की टीम असमर्थ होती है तो भटिंडा स्थित एनडीआरएफ की टीम को बुलाया जाता है। जिनको आने से कम से कम 10 से 12 घंटे का समय लगता है। कई बार टीम का आने में एक दिन का समय भी लग जाता है। इसके अलावा अगर कोई बड़ी आपदा के दौरान कहीं तुरंत पहुंचना होता है तो गृह मंत्रालय के आदेश के बाद हवाई यात्रा के जरिए टीम को भेजा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर साल सरकारी कार्यालयों में दी जाती है ट्रेनिंग
एमपी सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद हर साल एसडीआरएफ की टीम जिले में आकर आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न जगहों पर जाकर मॉक ड्रिल करती है। ताकि लोग को आपदा की स्थिति में मदद कर सकें।


11 दिन बीत जाने के बाद भी एनडीआरएफ की टीम महेंद्र को नहीं ढूंढ पाई
9 जनवरी को गांव खेड़ी कला के रहने वाले युवक महेंद्र अपनी पत्नी को यूपी के गांव मकसूदपुर में बाइक पर छोड़ने के लिए गया था। शनिवार की दोपहर करीब 2 बजे वह अपनी पत्नी को छोड़कर वापस मंझावली पुल के रास्ते फरीदाबाद आ रहा था। जैसे ही वह मंझावली पुल के पास पहुंचा, तभी उसकी बाइक असंतुलित होकर डिवाइडर से टकरा गई। डिवाइडर से टकराने के बाद बाइक पुल के ऊपर गिर गई। वहीं युवक पुल से नीचे यमुना नदी में गिर गया। इस हादसे की सूचना पुल पर मौजूद लोगों ने पुलिस और एनडीआरएफ की टीम को दी। टीम पिछले 11 दिनों से सुबह से लेकर शाम 5 बजे तक यमुना नदी में युवक की तलाश कर रही है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। टीम की ओर से करीब 10 किलोमीटर यमुना नदी में तलाश की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed