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Faridabad News: सरस आजीविका मेला आमजन के लिए खुला, दूसरे दिन रही कम भीड़
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मेले में सेक्टर-12 व आसपास के क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी मैदान में सोमवार से शुरू हुआ सरस आजीविका मेला मंगलवार को आमजन के लिए खोल दिया गया। मेले के दूसरे दिन सेक्टर-12 व आसपास के क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचे, हालांकि भीड़ काफी कम रही।
दुकानदारों के अनुसार शनिवार और रविवार को अच्छी बिक्री की उम्मीद है। मेले के दूसरे दिन अधिकांश दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों को सजाने में जुटे रहे। कई स्टॉल अभी पूरी तरह सज नहीं पाए, जिस कारण कुछ स्थानों पर दुकानें खाली दिखाई दीं। इसके बावजूद महिला उद्यमी अपनी कला और प्रतिभा को दर्शाने के साथ-साथ आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्साह के साथ मेले में भाग ले रही हैं।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस सरस आजीविका मेले में दूसरे दिन भी स्टॉल अलॉटमेंट का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान कुछ महिला उद्यमियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। झज्जर से आई एक महिला उद्यमी ने स्टॉल अलॉटमेंट के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अधिक राशि मांगने का आरोप लगाया। मामला सामने आने के बाद उसे दबाने के प्रयास की भी चर्चा रही।
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देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचीं महिला उद्यमी
हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, केरल और राजस्थान से महिला उद्यमियों को मेले में आमंत्रित किया गया है। दूसरे दिन तक मेले के सभी 150 स्टॉल बुक हो चुके थे। महिला उद्यमी जिलेवासियों से अच्छी प्रतिक्रिया और बिक्री की उम्मीद लगाए हुए हैं। मेले में आने वाले लोगों के लिए खाने-पीने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां मक्के की रोटी व साग के अलावा राजस्थान की दाल-बाटी-चूरमा, मिर्ची वड़ा, गजक सहित कई पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं। वहीं खरीदारी के लिए विभिन्न राज्यों के परिधान, घर की सजावट का सामान, अचार-चटनी और राजस्थान के कोटा पत्थरों से बनी आकर्षक वस्तुएं लोगों को खूब लुभा रही हैं।
मधुमेह से ग्रस्त मरीजों के लिए सरस मेले में आए हैं एलोवेरा के लड्डू
हेमलता
बल्लभगढ़। सेक्टर-12 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मैदान में सोमवार से सरस आजीविका मेला शुरू हो गया। यह मेला 5 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी प्रदर्शनी लगा रही हैं। इसमें खंड अटेली महेंद्रगढ़ की रहने वाली सुनीता पौष्टिक खाद्य पदार्थ लेकर आई हैं। सुनीता ने बताया कि उनकी महिला समूह का नाम दुर्गा शक्ति स्वयं सहायता समूह है। जो दुर्गा शक्ति पौष्टिक खाद्य पदार्थ को बनाती है। उनका सबसे खास पदार्थ मधुमेह के मरीजों के लिए है। उनके पास देशी घी के एलोवेरा के लड्डू हैं, जो मधुमेह के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। एलोवेरा के लड्डू एलोवेरा, मोटा आटा और खांड से मिलकर बनता है। इसका सेवन करने से शुगर के मरीज का शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा उनके पास मल्टीग्रेन दलिया, राव मधी पाचक चूर्ण और नींबू व काली नमक वाले मेथी दाने है।
10 मसालों से मिलकर बनता है चाय मसाला
उन्होंने बताया कि उनकी ओर से चाय मशाला, लस्सी मशाला, बेसन, आंवला केंडी, आचार खाद्य पदार्थ भी तैयार किया जाते हैं। उनके पास जो चाय का मसाला है, वह 10 मसालों को मिलकर बनाया गया है। इसकी एक चुटकी ही उनकी चाय का स्वाद दोगुना कर देगी। उनको सरकार की ओर से कारोबार शुरू करने के लिए लोन दिया गया था। अब इस मेले में जो स्टॉल दी गई है वह भी फ्री में दी गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी मैदान में सोमवार से शुरू हुआ सरस आजीविका मेला मंगलवार को आमजन के लिए खोल दिया गया। मेले के दूसरे दिन सेक्टर-12 व आसपास के क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचे, हालांकि भीड़ काफी कम रही।
दुकानदारों के अनुसार शनिवार और रविवार को अच्छी बिक्री की उम्मीद है। मेले के दूसरे दिन अधिकांश दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों को सजाने में जुटे रहे। कई स्टॉल अभी पूरी तरह सज नहीं पाए, जिस कारण कुछ स्थानों पर दुकानें खाली दिखाई दीं। इसके बावजूद महिला उद्यमी अपनी कला और प्रतिभा को दर्शाने के साथ-साथ आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्साह के साथ मेले में भाग ले रही हैं।
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जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस सरस आजीविका मेले में दूसरे दिन भी स्टॉल अलॉटमेंट का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान कुछ महिला उद्यमियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। झज्जर से आई एक महिला उद्यमी ने स्टॉल अलॉटमेंट के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अधिक राशि मांगने का आरोप लगाया। मामला सामने आने के बाद उसे दबाने के प्रयास की भी चर्चा रही।
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देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचीं महिला उद्यमी
हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, केरल और राजस्थान से महिला उद्यमियों को मेले में आमंत्रित किया गया है। दूसरे दिन तक मेले के सभी 150 स्टॉल बुक हो चुके थे। महिला उद्यमी जिलेवासियों से अच्छी प्रतिक्रिया और बिक्री की उम्मीद लगाए हुए हैं। मेले में आने वाले लोगों के लिए खाने-पीने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां मक्के की रोटी व साग के अलावा राजस्थान की दाल-बाटी-चूरमा, मिर्ची वड़ा, गजक सहित कई पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं। वहीं खरीदारी के लिए विभिन्न राज्यों के परिधान, घर की सजावट का सामान, अचार-चटनी और राजस्थान के कोटा पत्थरों से बनी आकर्षक वस्तुएं लोगों को खूब लुभा रही हैं।
मधुमेह से ग्रस्त मरीजों के लिए सरस मेले में आए हैं एलोवेरा के लड्डू
हेमलता
बल्लभगढ़। सेक्टर-12 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मैदान में सोमवार से सरस आजीविका मेला शुरू हो गया। यह मेला 5 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी प्रदर्शनी लगा रही हैं। इसमें खंड अटेली महेंद्रगढ़ की रहने वाली सुनीता पौष्टिक खाद्य पदार्थ लेकर आई हैं। सुनीता ने बताया कि उनकी महिला समूह का नाम दुर्गा शक्ति स्वयं सहायता समूह है। जो दुर्गा शक्ति पौष्टिक खाद्य पदार्थ को बनाती है। उनका सबसे खास पदार्थ मधुमेह के मरीजों के लिए है। उनके पास देशी घी के एलोवेरा के लड्डू हैं, जो मधुमेह के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। एलोवेरा के लड्डू एलोवेरा, मोटा आटा और खांड से मिलकर बनता है। इसका सेवन करने से शुगर के मरीज का शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा उनके पास मल्टीग्रेन दलिया, राव मधी पाचक चूर्ण और नींबू व काली नमक वाले मेथी दाने है।
10 मसालों से मिलकर बनता है चाय मसाला
उन्होंने बताया कि उनकी ओर से चाय मशाला, लस्सी मशाला, बेसन, आंवला केंडी, आचार खाद्य पदार्थ भी तैयार किया जाते हैं। उनके पास जो चाय का मसाला है, वह 10 मसालों को मिलकर बनाया गया है। इसकी एक चुटकी ही उनकी चाय का स्वाद दोगुना कर देगी। उनको सरकार की ओर से कारोबार शुरू करने के लिए लोन दिया गया था। अब इस मेले में जो स्टॉल दी गई है वह भी फ्री में दी गई है।