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Faridabad News: गीला-सूखा कचरा अलग नहीं होने से बढ़ रही समस्या
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गीला-सूखा कचरा अलग नहीं, बढ़ रही कूड़े की समस्या- पॉलीथीन में भरकर दिया जा रहा घरों का कचरा, निगम की गाड़ियां बिना छंटाई किए उठा रहीं
- नियमों की अनदेखी पर न लोगों पर कार्रवाई, न ही गीले कचरे के निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कूड़े के ढेर बढ़ने की एक बड़ी वजह घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग नहीं करना भी है। घरों से कचरा पॉलीथीन में भरकर दिया जा रहा है और नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर तैनात कर्मचारी उसे बिना छंटाई के ही उठा लेते हैं। इससे कचरे का पृथक्करण करने की व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है। वहीं, कचरे के निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से समस्या और गंभीर हो रही है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने के पीछे यह भी एक अहम कारण माना जा रहा है।
नियमों के अनुसार, घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना और निर्धारित व्यवस्था के तहत सफाई कर्मचारियों को देना चाहिए। इसके लिए अलग-अलग रंग की बाल्टियों या डस्टबिन का इस्तेमाल किया जा सकता है। गीले कचरे में रसोई से निकलने वाले फल-सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन और अन्य जैविक अपशिष्ट शामिल होते हैं। वहीं, सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, गत्ते, धातु और दूसरी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री आती है। दोनों तरह के कचरे को मिलाकर देने से इनका अलग-अलग निस्तारण करना मुश्किल हो जाता है।
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पॉलीथीन में मिलाकर दिया जा रहा कचरा
शहर की कॉलोनियों और सेक्टरों में बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलने वाला कचरा पॉलीथीन में भरकर बाहर रख देते हैं। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के कर्मचारी भी कई जगह इसे अलग-अलग करने के बजाय एक साथ गाड़ी में डाल लेते हैं। इससे गीला कचरा सूखे कचरे को भी गंदा कर देता है। नतीजतन, प्लास्टिक, कागज और दूसरी उपयोगी सामग्री का पुनर्चक्रण करना कठिन हो जाता है। वहीं, गीले कचरे से दुर्गंध और गंदगी फैलने की आशंका बनी रहती है।
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नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई नहीं
कचरे को अलग-अलग रखने के नियमों की लंबे समय से अनदेखी हो रही है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से लोगों को जागरूक करने और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई करने की व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आती। घरों से कचरा उठाने के दौरान ही उसकी छंटाई सुनिश्चित की जाए तो आगे की प्रक्रिया आसान हो सकती है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरा लेने के निर्देश देना जरूरी है।
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शहर में कूड़ा उठान की व्यवस्था न होने से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम प्रशासन की यह विफलता है। वर्षों पहले ही कूड़ा निस्तारण का प्लांट बन जाना चाहिए था । वहीं कूड़ा गाड़ी वाले कर्मचारी भी गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए नहीं बोलते हैं।
चंद्रभान, संजय कॉलोनी
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शहर में जिधर से निकलो उधर कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर निगम प्रशासन को तत्काल कूड़ा उठाने की व्यवस्था करनी चाहिए। कूड़ा लेने आने वाले कर्मचारी भी गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए बोलते ही नहीं हैं और न ही इस बारे में बताते हैं।
उर्मिला, एनआईटी-3
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- नियमों की अनदेखी पर न लोगों पर कार्रवाई, न ही गीले कचरे के निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कूड़े के ढेर बढ़ने की एक बड़ी वजह घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग नहीं करना भी है। घरों से कचरा पॉलीथीन में भरकर दिया जा रहा है और नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर तैनात कर्मचारी उसे बिना छंटाई के ही उठा लेते हैं। इससे कचरे का पृथक्करण करने की व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है। वहीं, कचरे के निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से समस्या और गंभीर हो रही है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने के पीछे यह भी एक अहम कारण माना जा रहा है।
नियमों के अनुसार, घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना और निर्धारित व्यवस्था के तहत सफाई कर्मचारियों को देना चाहिए। इसके लिए अलग-अलग रंग की बाल्टियों या डस्टबिन का इस्तेमाल किया जा सकता है। गीले कचरे में रसोई से निकलने वाले फल-सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन और अन्य जैविक अपशिष्ट शामिल होते हैं। वहीं, सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, गत्ते, धातु और दूसरी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री आती है। दोनों तरह के कचरे को मिलाकर देने से इनका अलग-अलग निस्तारण करना मुश्किल हो जाता है।
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पॉलीथीन में मिलाकर दिया जा रहा कचरा
शहर की कॉलोनियों और सेक्टरों में बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलने वाला कचरा पॉलीथीन में भरकर बाहर रख देते हैं। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के कर्मचारी भी कई जगह इसे अलग-अलग करने के बजाय एक साथ गाड़ी में डाल लेते हैं। इससे गीला कचरा सूखे कचरे को भी गंदा कर देता है। नतीजतन, प्लास्टिक, कागज और दूसरी उपयोगी सामग्री का पुनर्चक्रण करना कठिन हो जाता है। वहीं, गीले कचरे से दुर्गंध और गंदगी फैलने की आशंका बनी रहती है।
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नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई नहीं
कचरे को अलग-अलग रखने के नियमों की लंबे समय से अनदेखी हो रही है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से लोगों को जागरूक करने और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई करने की व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आती। घरों से कचरा उठाने के दौरान ही उसकी छंटाई सुनिश्चित की जाए तो आगे की प्रक्रिया आसान हो सकती है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरा लेने के निर्देश देना जरूरी है।
शहर में कूड़ा उठान की व्यवस्था न होने से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम प्रशासन की यह विफलता है। वर्षों पहले ही कूड़ा निस्तारण का प्लांट बन जाना चाहिए था । वहीं कूड़ा गाड़ी वाले कर्मचारी भी गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए नहीं बोलते हैं।
चंद्रभान, संजय कॉलोनी
शहर में जिधर से निकलो उधर कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर निगम प्रशासन को तत्काल कूड़ा उठाने की व्यवस्था करनी चाहिए। कूड़ा लेने आने वाले कर्मचारी भी गीला-सूखा कचरा अलग करने के लिए बोलते ही नहीं हैं और न ही इस बारे में बताते हैं।
उर्मिला, एनआईटी-3