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Faridabad News: बढ़ते प्रदूषण से त्वचा संबंधी मरीजों की संख्या में इजाफा
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बीके अस्पताल में रोजाना करीब 250 मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। खास तौर पर त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी देखी जा रही है। बीके अस्पताल में रोजाना करीब 250 मरीज त्वचा संबंधी परेशानियों के साथ पहुंच रहे हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है।
चिकित्सकों के अनुसार हवा में धूलकणों, जहरीले गैसों और प्रदूषित तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण लोगों में खुजली, त्वचा की ड्राइनेस, लाल चकत्ते, एलर्जी और फंगल संक्रमण की शिकायतें बढ़ रही हैं। अस्पताल के त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर उसे संवेदनशील बना देता है, जिससे हल्की-सी असुविधा भी संक्रमण का कारण बन सकती है।
बीके अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस राठी ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि घर से बाहर निकलते समय चेहरे और हाथों को ढकें, मॉइस्चराइजर का नियमित उपयोग करें और बाहर से आने के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ करें। इसके अलावा, पानी का अधिक सेवन करने और संतुलित आहार लेने की भी सलाह दी गई है ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यदि त्वचा संबंधी समस्या दो-तीन दिनों में ठीक न हो या लगातार बढ़ती जाए, तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। प्रदूषण के इस मौसम में लापरवाही से छोटी समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। खास तौर पर त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी देखी जा रही है। बीके अस्पताल में रोजाना करीब 250 मरीज त्वचा संबंधी परेशानियों के साथ पहुंच रहे हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है।
चिकित्सकों के अनुसार हवा में धूलकणों, जहरीले गैसों और प्रदूषित तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण लोगों में खुजली, त्वचा की ड्राइनेस, लाल चकत्ते, एलर्जी और फंगल संक्रमण की शिकायतें बढ़ रही हैं। अस्पताल के त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर उसे संवेदनशील बना देता है, जिससे हल्की-सी असुविधा भी संक्रमण का कारण बन सकती है।
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बीके अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस राठी ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि घर से बाहर निकलते समय चेहरे और हाथों को ढकें, मॉइस्चराइजर का नियमित उपयोग करें और बाहर से आने के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ करें। इसके अलावा, पानी का अधिक सेवन करने और संतुलित आहार लेने की भी सलाह दी गई है ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यदि त्वचा संबंधी समस्या दो-तीन दिनों में ठीक न हो या लगातार बढ़ती जाए, तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। प्रदूषण के इस मौसम में लापरवाही से छोटी समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।