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Faridabad News: 24 घंटे खुली रहती है लाइब्रेरी, नहीं आते छात्र व आमजन
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5 से 7 लोग ही पढ़ाई के लिए आते हैं, शाम के बाद खाली हो जाती है लाइब्रेरी
छात्रों का कहना- रात को निगरानी न होने के कारण असहज महसूस होता है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ने का बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से शहर के जिले के कॉलेजों की लाइब्रेरी को 24 घंटों के लिए आम जनता और छात्रों दोनों के लिए खोल रखा है। इस पहल का उद्देश्य था कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति कभी भी आकर पुस्तकालय का लाभ उठा सके। हालांकि, वास्तविक स्थिति इससे कुछ अलग है। लाइब्रेरी में रोजाना औसतन केवल 5 से 7 लोग ही पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं।
खासकर शाम के बाद लाइब्रेरी लगभग खाली नजर आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा की कमी, पर्याप्त और एकांत माहौल जैसी वजहों से लोग देर शाम या रात के समय वहां रुकने से कतराते हैं। छात्रों का भी कहना है कि दिन के समय तो लाइब्रेरी में माहौल अच्छा रहता है, लेकिन रात को कोई निगरानी न होने के कारण असहज महसूस होता है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि प्रयास सराहनीय जरूर हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण छात्र व आमजन इसका पूरा लाभ नहीं मिल उठा पा रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को बेहतर किया जाए तो अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
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वर्जन-- -- -
दिन में लाइब्रेरी में पढ़ाई का अच्छा माहौल रहता है, लेकिन शाम के बाद यहां बिल्कुल सन्नाटा हो जाता है। लड़कियों के लिए तो देर शाम रुकना और भी मुश्किल हो जाता है। – प्रियंका यादव, राजकीय महिला विद्यालय की छात्रा
प्रशासन थोड़ा माहौल बेहतर करे और रोशनी व निगरानी बढ़ाए तो ज्यादा लोग इसका फायदा उठा पाएंगे।- आकाश वर्मा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र
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छात्रों का कहना- रात को निगरानी न होने के कारण असहज महसूस होता है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ने का बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से शहर के जिले के कॉलेजों की लाइब्रेरी को 24 घंटों के लिए आम जनता और छात्रों दोनों के लिए खोल रखा है। इस पहल का उद्देश्य था कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति कभी भी आकर पुस्तकालय का लाभ उठा सके। हालांकि, वास्तविक स्थिति इससे कुछ अलग है। लाइब्रेरी में रोजाना औसतन केवल 5 से 7 लोग ही पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं।
खासकर शाम के बाद लाइब्रेरी लगभग खाली नजर आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा की कमी, पर्याप्त और एकांत माहौल जैसी वजहों से लोग देर शाम या रात के समय वहां रुकने से कतराते हैं। छात्रों का भी कहना है कि दिन के समय तो लाइब्रेरी में माहौल अच्छा रहता है, लेकिन रात को कोई निगरानी न होने के कारण असहज महसूस होता है।
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कॉलेज प्रशासन का कहना है कि प्रयास सराहनीय जरूर हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण छात्र व आमजन इसका पूरा लाभ नहीं मिल उठा पा रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को बेहतर किया जाए तो अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
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दिन में लाइब्रेरी में पढ़ाई का अच्छा माहौल रहता है, लेकिन शाम के बाद यहां बिल्कुल सन्नाटा हो जाता है। लड़कियों के लिए तो देर शाम रुकना और भी मुश्किल हो जाता है। – प्रियंका यादव, राजकीय महिला विद्यालय की छात्रा
प्रशासन थोड़ा माहौल बेहतर करे और रोशनी व निगरानी बढ़ाए तो ज्यादा लोग इसका फायदा उठा पाएंगे।- आकाश वर्मा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र