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Faridabad News: बीके अस्पताल में एकीकृत लैब बनाए जाने पर अटका पेंच
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल में जनवरी से मरीजों के लिए एकीकृत लैब की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी थी। जनवरी माह के पंद्रह दिन बीत जाने तक भी अभी तक इस बात का निर्णय नहीं हो पाया है कि लैब का निर्माण कहां होगा। इसके लिए शुरू में जिला अस्पताल को चुना गया था लेकिन जगह की कमी के कारण उसे सेक्टर-55 स्थित सामुदायिक केंद्र में शुरू किए जाने पर सहमति बनी थी। यह सामुदायिक केंद्र भी दूर होने के कारण सहमति नहीं बन पाई है।
जिले के मरीजों को किसी भी प्रकार की जांच करवाने के लिए किसी भी निजी अस्पताल में भटकना न पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीके अस्पताल में जनवरी माह से टीबी, मलेरिया और एचआईवी के अलावा अन्य सभी बीमारों से संबंधित जांच की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाने के दावे किए गए थे, लेकिन अभी तक उच्चाधिकारियों की ओर से इस बात का निर्णय नहीं किया गया कि यह लैब कहां बनाई जानी है। पहले इसके लिए इस लैब की शुरूआत जिला अस्पताल में किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में इस लैब की शुरूआत सेक्ठर-55 स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किए जाने पर भी विचार किया गया। उच्चाधिकारियों की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन निरीक्षण के बाद भी अभी तक इस बात का निर्णय नहीं लिया गया कि वास्तव में लैब का निर्माण कहां किया जाना है।
50 लाख रुपये का बजट जारी होने के बाद भी बढ़ा इंतजार
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को 50 लाख रुपये का बजट भी दिया गया है। अभी तक लैब में इलेक्ट्रोलाइट का टेस्ट नहीं हो पा रहा था लेकिन आने वाले समय में इस टेस्ट के साथ-साथ अन्य कई टेस्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाने की बात कही गई थी।
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लैब से संबंधित सभी अनिवार्य सूची उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। फिलहाल लैब का निर्माण कहां किया जाना है, इस बात की मंजूरी अभी तक उन्हें उच्चाधिकारियों की ओर से नहीं दी गई है। लैब को पहले से जिला अस्पताल में बनाया जाना था, लेकिन बाद में इसे सेक्टर-55 के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए जाने पर भी विचार किया गया। उच्चाधिकारियों की ओर से आदेश के बाद स्लैब का काम शुरू कर दिया जाएगा।
एसएस दहिया, लैब प्रमुख
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फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल में जनवरी से मरीजों के लिए एकीकृत लैब की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी थी। जनवरी माह के पंद्रह दिन बीत जाने तक भी अभी तक इस बात का निर्णय नहीं हो पाया है कि लैब का निर्माण कहां होगा। इसके लिए शुरू में जिला अस्पताल को चुना गया था लेकिन जगह की कमी के कारण उसे सेक्टर-55 स्थित सामुदायिक केंद्र में शुरू किए जाने पर सहमति बनी थी। यह सामुदायिक केंद्र भी दूर होने के कारण सहमति नहीं बन पाई है।
जिले के मरीजों को किसी भी प्रकार की जांच करवाने के लिए किसी भी निजी अस्पताल में भटकना न पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीके अस्पताल में जनवरी माह से टीबी, मलेरिया और एचआईवी के अलावा अन्य सभी बीमारों से संबंधित जांच की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाने के दावे किए गए थे, लेकिन अभी तक उच्चाधिकारियों की ओर से इस बात का निर्णय नहीं किया गया कि यह लैब कहां बनाई जानी है। पहले इसके लिए इस लैब की शुरूआत जिला अस्पताल में किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में इस लैब की शुरूआत सेक्ठर-55 स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किए जाने पर भी विचार किया गया। उच्चाधिकारियों की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन निरीक्षण के बाद भी अभी तक इस बात का निर्णय नहीं लिया गया कि वास्तव में लैब का निर्माण कहां किया जाना है।
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50 लाख रुपये का बजट जारी होने के बाद भी बढ़ा इंतजार
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को 50 लाख रुपये का बजट भी दिया गया है। अभी तक लैब में इलेक्ट्रोलाइट का टेस्ट नहीं हो पा रहा था लेकिन आने वाले समय में इस टेस्ट के साथ-साथ अन्य कई टेस्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाने की बात कही गई थी।
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लैब से संबंधित सभी अनिवार्य सूची उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। फिलहाल लैब का निर्माण कहां किया जाना है, इस बात की मंजूरी अभी तक उन्हें उच्चाधिकारियों की ओर से नहीं दी गई है। लैब को पहले से जिला अस्पताल में बनाया जाना था, लेकिन बाद में इसे सेक्टर-55 के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए जाने पर भी विचार किया गया। उच्चाधिकारियों की ओर से आदेश के बाद स्लैब का काम शुरू कर दिया जाएगा।
एसएस दहिया, लैब प्रमुख