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Faridabad News: जिला अस्पताल परिसर होगा हरा-भरा, 30 लाख रुपये होंगे खर्च
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अस्पताल परिसर में घास लगाने, सजावटी पौधे और लैंडस्केपिंग से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बादशाह खान सिविल अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को जल्द ही परिसर में बदहाल और खाली पड़ी जगहों के बजाय हरियाली और बेहतर लैंडस्केपिंग देखने को मिलेगी। अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) की बागवानी शाखा ने करीब 30 लाख रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है।
योजना के तहत अस्पताल परिसर में घास लगाने, सजावटी पौधे लगाने और लैंडस्केपिंग से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। साथ ही जहां अनचाही घास-फूस और खरपतवार उग आए हैं, वहां सफाई कर जमीन को लैंडस्केपिंग के लिए तैयार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित किस्म की घास और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि काम की अवधि दो साल रखी गई है। यानी एजेंसी की जिम्मेदारी केवल पौधे और घास लगाने तक सीमित नहीं रहेगी। उसे दो साल तक विकसित की गई हरियाली और लैंडस्केपिंग का रखरखाव भी करना होगा। इससे पौधों की देखभाल, घास की नियमित कटाई और परिसर की हरियाली बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की रहेगी। बादशाह खान अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार उपचार के लिए पहुंचते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बादशाह खान सिविल अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को जल्द ही परिसर में बदहाल और खाली पड़ी जगहों के बजाय हरियाली और बेहतर लैंडस्केपिंग देखने को मिलेगी। अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) की बागवानी शाखा ने करीब 30 लाख रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है।
योजना के तहत अस्पताल परिसर में घास लगाने, सजावटी पौधे लगाने और लैंडस्केपिंग से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। साथ ही जहां अनचाही घास-फूस और खरपतवार उग आए हैं, वहां सफाई कर जमीन को लैंडस्केपिंग के लिए तैयार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित किस्म की घास और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि काम की अवधि दो साल रखी गई है। यानी एजेंसी की जिम्मेदारी केवल पौधे और घास लगाने तक सीमित नहीं रहेगी। उसे दो साल तक विकसित की गई हरियाली और लैंडस्केपिंग का रखरखाव भी करना होगा। इससे पौधों की देखभाल, घास की नियमित कटाई और परिसर की हरियाली बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की रहेगी। बादशाह खान अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार उपचार के लिए पहुंचते हैं।
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