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Faridabad News: खुले नाले में गिरने से युवक की मौत पर आयोग सख्त, नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस

Mon, 10 Nov 2025 12:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:23 AM IST
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The commission issued a strict notice to the municipal commissioner on the death of a youth who fell into an open drain.
आदर्श नगर में 31 जुलाई 2024 को हुआ था हादसा, नगर निगम ने मामले में बरती लापरवाही
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अमर उजाला ब्यूरो


फरीदाबाद। आदर्श नगर में 31 जुलाई 2024 को खुले नाले में गिरकर 22 वर्षीय युवक प्रिंस की मौत के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने इस संबंध में फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने कहा है कि निगम प्रशासन ने न केवल आयोग के पूर्व निर्देशों की अनदेखी की बल्कि मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने में भी भारी लापरवाही बरती है।


आयोग ने नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13(2) के तहत उनके खिलाफ अनुशंसात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। आयोग ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल्य प्रशासनिक लापरवाही से कहीं अधिक है। आयोग के अनुसार नगर निगम ने अपने दायित्वों से बचने की कोशिश करते हुए आदेशों की अवहेलना की और संवैधानिक मूल्यों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई है।
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मामले में परिजनों ने नगर निगम की लापरवाही को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर आयोग ने निगम को दो बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा था लेकिन निगम की ओर से अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। रविवार को पारित अपने आदेश में आयोग ने कहा कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग पर थोपने का प्रयास कर रहा है जो संस्थागत टालमटोल का उदाहरण है। आयोग ने कहा कि यह रवैया जनता को भ्रमित करने के साथ शासन में जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है।
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आयोग ने निगम को दी सख्त चेतावनी


आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है और इस प्रकार की लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगी। आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि एफआईआर से संबंधित जांच को तीव्र गति से पूरा करने के निर्देश उप पुलिस आयुक्त बल्लभगढ़ को भी दिए गए हैं। साथ ही राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर परिषदों और नगर समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट आयोग को भेजने के आदेश दिए गए हैं।



अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी


डॉ. पुनीत अरोड़ा के अनुसार मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की गई है। उस दिन फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त सहित सभी संबंधित विभागों को अपनी अद्यतन रिपोर्ट पूर्ण आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। आयोग का यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही और मानव अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक कठोर संदेश माना जा रहा है। इस संदर्भ में जब नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा से संपर्क का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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