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शहर की पेयजल व्यवस्था भी होगी स्मार्ट
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शहर की पेयजल व्यवस्था भी होगी स्मार्ट
फरीदाबाद। शहर की पेयजल व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू करने जा रहा है। प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए तीन मल्टीनेशनल कंपनियों ने आवेदन किया है। तीनों कंपनियों के प्रतिनिधि 13 जनवरी को सेक्टर-20ए स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में मौजूद रहेंगे। इस दौरान सभी कंपनियां पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) देंगे कि वह किस तरह शहर की पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करेंगे। बैठक में स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गरिमा मित्तल सहित जिला उपायुक्त यशपाल यादव, निगमायुक्त डॉ. यश गर्ग व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इनकी मौजूदगी में तीनों कंपनियों में से बेहतर पीपीटी देने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित कंपनी पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू कर देंगी।
स्काडा के तहत शहर की पेयजल व्यवस्था का वितरण समान रूप से होगा। कहीं भी पानी की लाइन में लीकेज व चोरी कंट्रोल सेंटर में पता लग जाएगी। इसकी निगरानी स्मार्ट सिटी के अधिकारी अपने मोबाइल फोन पर भी कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत सभी बूस्टरों पर सेंसर लगाए जाएंगे। यहां कितना पानी आया और कितना आगे आपूर्ति किया गया, जिससे पानी की बर्बादी को रोका जा सके। डॉ. गरिमा मित्तल का कहना है कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारना पहली प्राथमिकता है। हर घर में साफ पानी आपूर्ति करना स्मार्ट सिटी के तहत पूरा किया जाएगा।
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फरीदाबाद। शहर की पेयजल व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू करने जा रहा है। प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए तीन मल्टीनेशनल कंपनियों ने आवेदन किया है। तीनों कंपनियों के प्रतिनिधि 13 जनवरी को सेक्टर-20ए स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में मौजूद रहेंगे। इस दौरान सभी कंपनियां पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) देंगे कि वह किस तरह शहर की पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करेंगे। बैठक में स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गरिमा मित्तल सहित जिला उपायुक्त यशपाल यादव, निगमायुक्त डॉ. यश गर्ग व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इनकी मौजूदगी में तीनों कंपनियों में से बेहतर पीपीटी देने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित कंपनी पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू कर देंगी।
स्काडा के तहत शहर की पेयजल व्यवस्था का वितरण समान रूप से होगा। कहीं भी पानी की लाइन में लीकेज व चोरी कंट्रोल सेंटर में पता लग जाएगी। इसकी निगरानी स्मार्ट सिटी के अधिकारी अपने मोबाइल फोन पर भी कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत सभी बूस्टरों पर सेंसर लगाए जाएंगे। यहां कितना पानी आया और कितना आगे आपूर्ति किया गया, जिससे पानी की बर्बादी को रोका जा सके। डॉ. गरिमा मित्तल का कहना है कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारना पहली प्राथमिकता है। हर घर में साफ पानी आपूर्ति करना स्मार्ट सिटी के तहत पूरा किया जाएगा।
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