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Faridabad News: अकबरपुर पशु औषधालय में लटका रहता है ताला
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-अस्पताल के औषधालय में नियमित रूप से मौजूद नहीं रहता कर्मचारी
पशुओं के इलाज के लिए भटकने पर मजबूर हैं पशुपालक
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां । खंड के अकबरपुर गांव स्थित राजकीय पशु औषधालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से पशुपालक परेशान हैं। अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों का आरोप है कि औषधालय में नियमित रूप से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता, जिससे बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा। हालात ऐसे हैं कि दिन के समय भी औषधालय के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की आबादी करीब 6000 है और लगभग हर घर में गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशु पाले जाते हैं। ऐसे में पशु औषधालय का सही ढंग से संचालन बेहद जरूरी है, लेकिन यहां की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पशुपालकों को मजबूर होकर निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि औषधालय भवन की हालत भी काफी जर्जर हो चुकी है। इमारत को देखकर ऐसा लगता है मानो लंबे समय से इसका उपयोग ही नहीं हुआ हो। परिसर में लगा कटखड़ा टूटा हुआ है और उसके पाइप भी जंग खाकर खराब हो चुके हैं, जो विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।
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वीएलडीए के पास अतिरिक्त चार्ज :
औषधालय में वीएलडीए के पास अतिरिक्त चार्ज है, जबकि एक पशु सहायक और एक सफाई कर्मचारी भी तैनात हैं। इसके बावजूद तीनों कर्मचारी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि औषधालय में नियमित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए और भवन की मरम्मत कराकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।
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पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं के लिए सुविधा नहीं देने के कारण ग्रामीण परेशान हैं। इसमें सुधार होना चाहिए ताकि पशु पालकों को कोई परेशानी न हो।
- मुबारिक खान पशुपालक
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गांव में बना पशु औषधालय अक्सर बंद रहता है, यहां पर तीन लोगों का स्टाफ हैं लेकिन एक भी समय पर ड्यूटी नहीं देता।
-रज्जाक खान पशु पालक
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गांव की आबादी करीब 6000 है और हर घर में गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशु पाले जाते हैं। ऐसे में पशु औषधालय का सही ढंग से संचालन बेहद जरूरी है।
- साबिर खान ग्रामीण
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औषधालय में नियमित रूप से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता, जिससे बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा। हालात ऐसे हैं कि दिन के समय भी औषधालय के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है
- मोमिन पशु पालक
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पशुओं के इलाज के लिए भटकने पर मजबूर हैं पशुपालक
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां । खंड के अकबरपुर गांव स्थित राजकीय पशु औषधालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से पशुपालक परेशान हैं। अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों का आरोप है कि औषधालय में नियमित रूप से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता, जिससे बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा। हालात ऐसे हैं कि दिन के समय भी औषधालय के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की आबादी करीब 6000 है और लगभग हर घर में गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशु पाले जाते हैं। ऐसे में पशु औषधालय का सही ढंग से संचालन बेहद जरूरी है, लेकिन यहां की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पशुपालकों को मजबूर होकर निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि औषधालय भवन की हालत भी काफी जर्जर हो चुकी है। इमारत को देखकर ऐसा लगता है मानो लंबे समय से इसका उपयोग ही नहीं हुआ हो। परिसर में लगा कटखड़ा टूटा हुआ है और उसके पाइप भी जंग खाकर खराब हो चुके हैं, जो विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।
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वीएलडीए के पास अतिरिक्त चार्ज :
औषधालय में वीएलडीए के पास अतिरिक्त चार्ज है, जबकि एक पशु सहायक और एक सफाई कर्मचारी भी तैनात हैं। इसके बावजूद तीनों कर्मचारी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि औषधालय में नियमित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए और भवन की मरम्मत कराकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।
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पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं के लिए सुविधा नहीं देने के कारण ग्रामीण परेशान हैं। इसमें सुधार होना चाहिए ताकि पशु पालकों को कोई परेशानी न हो।
- मुबारिक खान पशुपालक
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गांव में बना पशु औषधालय अक्सर बंद रहता है, यहां पर तीन लोगों का स्टाफ हैं लेकिन एक भी समय पर ड्यूटी नहीं देता।
-रज्जाक खान पशु पालक
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गांव की आबादी करीब 6000 है और हर घर में गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशु पाले जाते हैं। ऐसे में पशु औषधालय का सही ढंग से संचालन बेहद जरूरी है।
- साबिर खान ग्रामीण
……..
औषधालय में नियमित रूप से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता, जिससे बीमार पशुओं का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा। हालात ऐसे हैं कि दिन के समय भी औषधालय के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है
- मोमिन पशु पालक