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Faridabad News: दरवाजे के नीचे से आती हवा ने बचाई राजेश की जान
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भाई-भाभी व भतीजे की अंगीठी के धुएं से दम घुटने से हुई मौत
बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
मुजेसर थाना इलाके की सरूरपुर कॉलोनी में मंगलवार को सामने आया था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुजेसर थाना इलाके की सरूरपुर कॉलोनी की गली नंबर 8 के मकान में कमरे के दरवाजे के ठीक पास सोना राजेश (27) को जीवनदान दे गया। दरवाजे के नीचे से आती थोड़ी-थोड़ी हवा से उसे ऑक्सीजन मिलती रही और राजेश की जान बच गई।
कमरे में सो रहे राजेश के भाई रमेश (21), उसकी पत्नी ममता (27) और 4 साल के बच्चे की अंगीठी के धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि तीनों मृतकों के शवों का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में कॉर्बन मोनोक्साइड के चलते तीनों का दम घुटा और इनकी मौत हुई। अंगीठी के धुएं से निकली इस गैस से ये हादसा हुआ। सरूरपुर कॉलोनी में ये मामला मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे सामने आया। पुलिस को सूचना मिली कि गली नंबर 8 के मकान में पति-पत्नी और बच्चे की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। किराये के मकान के कमरे में रमेश यादव, उसकी पत्नी ममता व 4 साल का बच्चा छोटू मृत पड़े थे। फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। मृतकों के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। मृतक रमेश बिहार बक्सर का मूल निवासी था। इस मकान के बगल में निर्माणाधीन मकान में ही वो राजमिस्त्री का काम करता था। लगभग 2 महीने से वो पत्नी, बच्चे व अपने बड़े भाई राजेश (27) के साथ इस मकान में किराये पर रहता था।
राजेश ने बताया कि रमेश और ममता की लगभग 8 महीने पहले शादी हुई थी। ममता की ये दूसरी शादी थी। 4 साल का बच्चा भी पहली शादी से था। मंगलवार अल-सुबह लगभग 4 बजे पैर में लगी चोट के चलते दर्द होने लगा तो राजेश की नींद खुली। वो दवा लेकर फिर सो गया। सुबह लगभग 11 बजे नींद से जगा तो देखा कि भाई, उसकी पत्नी व बच्चा सो रहे थे। उसने तीनों को जगाने का प्रयास किया तो वे जागे ही नहीं। लगभग साढ़े 11 बजे उसने मकान मालिक को इस बारे में बताया। मकान मालिक यहां आए और कुछ देर बातचीत के बाद सूचना पुलिस को दी गई।
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बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
मुजेसर थाना इलाके की सरूरपुर कॉलोनी में मंगलवार को सामने आया था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुजेसर थाना इलाके की सरूरपुर कॉलोनी की गली नंबर 8 के मकान में कमरे के दरवाजे के ठीक पास सोना राजेश (27) को जीवनदान दे गया। दरवाजे के नीचे से आती थोड़ी-थोड़ी हवा से उसे ऑक्सीजन मिलती रही और राजेश की जान बच गई।
कमरे में सो रहे राजेश के भाई रमेश (21), उसकी पत्नी ममता (27) और 4 साल के बच्चे की अंगीठी के धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि तीनों मृतकों के शवों का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में कॉर्बन मोनोक्साइड के चलते तीनों का दम घुटा और इनकी मौत हुई। अंगीठी के धुएं से निकली इस गैस से ये हादसा हुआ। सरूरपुर कॉलोनी में ये मामला मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे सामने आया। पुलिस को सूचना मिली कि गली नंबर 8 के मकान में पति-पत्नी और बच्चे की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। किराये के मकान के कमरे में रमेश यादव, उसकी पत्नी ममता व 4 साल का बच्चा छोटू मृत पड़े थे। फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। मृतकों के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। मृतक रमेश बिहार बक्सर का मूल निवासी था। इस मकान के बगल में निर्माणाधीन मकान में ही वो राजमिस्त्री का काम करता था। लगभग 2 महीने से वो पत्नी, बच्चे व अपने बड़े भाई राजेश (27) के साथ इस मकान में किराये पर रहता था।
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राजेश ने बताया कि रमेश और ममता की लगभग 8 महीने पहले शादी हुई थी। ममता की ये दूसरी शादी थी। 4 साल का बच्चा भी पहली शादी से था। मंगलवार अल-सुबह लगभग 4 बजे पैर में लगी चोट के चलते दर्द होने लगा तो राजेश की नींद खुली। वो दवा लेकर फिर सो गया। सुबह लगभग 11 बजे नींद से जगा तो देखा कि भाई, उसकी पत्नी व बच्चा सो रहे थे। उसने तीनों को जगाने का प्रयास किया तो वे जागे ही नहीं। लगभग साढ़े 11 बजे उसने मकान मालिक को इस बारे में बताया। मकान मालिक यहां आए और कुछ देर बातचीत के बाद सूचना पुलिस को दी गई।
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