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Faridabad News: आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष, डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका

Sat, 03 Oct 2026 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:35 AM IST
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The accused is technically proficient; there is a possibility of tampering with digital evidence.
नई कंपनी बनाकर पूर्व कंपनी का गुप्त सोर्स कोड, क्लाइंट डेटा उपयोग करने के आरोपी की याचिका खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीपीटीपी क्षेत्र स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर इस्तीफा देने के बाद नई कंपनी बनाकर पूर्व कंपनी का गुप्त सोर्स कोड, क्लाइंट डेटा और सॉफ्टवेयर कॉन्फिगरेशन कथित तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी आशुतोष दुबे उर्फ अमन की जमानत याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेंद्र गुप्ता की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने माना कि आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष है और जांच के महत्वपूर्ण चरण में डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

जमानत याचिका पर बचाव पक्ष ने दलील दी कि आशुतोष केवल कर्मचारी था और नई कंपनी का निदेशक, मालिक या हिस्सेदार नहीं था। उसकी पत्नी बीमार और गर्भवती है तथा घर पर उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। आरोपी 26 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी और सह-आरोपियों के कब्जे से सोर्स कोड बरामद हुआ है, जिसे एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। जांच अभी जारी है और कुछ सह-आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। अदालत ने कहा कि डिजिटल साक्ष्य आसानी से नष्ट या बदले जा सकते हैं और आरोपी की तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए जांच प्रभावित होने की आशंका है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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कंपनी के ग्राहकों को जोड़ने का भी आरोप
बीपीटीपी थाने में कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि आशीष भाटिया की शिकायत पर 15 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत के मुताबिक, आशुतोष दुबे अपने भाई संतोष कुमार, आरोपी पूनम और अन्य आरोपियों के साथ कंपनी में कार्यरत था। आरोप है कि सभी ने एक-एक कर कंपनी से इस्तीफा दे दिया और मैसर्स श्रिजन ग्लोबल एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड नाम से नई कंपनी बनाई। इसके बाद पूर्व कंपनी के गुप्त सोर्स कोड, क्लाइंट डेटा, सॉफ्टवेयर कॉन्फिगरेशन और तकनीकी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल कर नई कंपनी के लिए सेवाएं दी गईं। शिकायत में पूर्व कंपनी के ग्राहकों को भी नई कंपनी से जोड़ने का आरोप लगाया गया है।
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