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Faridabad News: टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में आंदोलन करेगा शिक्षक संघ
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30 सितंबर तक जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर सीएम व शिक्षामंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
नंबर गेम-50 हजार शिक्षक पर असर पड़ने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य करने के विरोध में हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हरिओम राठी व प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 14 सितंबर को पत्र जारी किया है। इसके तहत पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों को अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान बताया गया है।
एसोसिएशन के अनुसार, इससे प्रदेश में करीब 50 हजार शिक्षक प्रभावित होंगे, जिनमें लगभग 12 हजार प्राथमिक शिक्षक हैं। संघ का कहना है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं थी। वर्ष 2017 में आरटीई एक्ट की धारा 23 में संशोधन के बाद 31 मार्च 2015 तक सेवा में आए शिक्षकों को भी निर्धारित अवधि में टीईटी पास करने का प्रावधान किया गया था।
प्रदेश अध्यक्ष हरिओम राठी ने बताया कि 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। संघ ने विभाग का पत्र वापस लेने की मांग की है। फरीदाबाद निवासी प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अब नई शर्त लागू करने से शिक्षकों में असमंजस है। उन्होंने कहा कि सरकार आरटीई कानून में आवश्यक संशोधन कर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता सुनिश्चित करे।
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नंबर गेम-50 हजार शिक्षक पर असर पड़ने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य करने के विरोध में हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हरिओम राठी व प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 14 सितंबर को पत्र जारी किया है। इसके तहत पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों को अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान बताया गया है।
एसोसिएशन के अनुसार, इससे प्रदेश में करीब 50 हजार शिक्षक प्रभावित होंगे, जिनमें लगभग 12 हजार प्राथमिक शिक्षक हैं। संघ का कहना है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं थी। वर्ष 2017 में आरटीई एक्ट की धारा 23 में संशोधन के बाद 31 मार्च 2015 तक सेवा में आए शिक्षकों को भी निर्धारित अवधि में टीईटी पास करने का प्रावधान किया गया था।
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प्रदेश अध्यक्ष हरिओम राठी ने बताया कि 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। संघ ने विभाग का पत्र वापस लेने की मांग की है। फरीदाबाद निवासी प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अब नई शर्त लागू करने से शिक्षकों में असमंजस है। उन्होंने कहा कि सरकार आरटीई कानून में आवश्यक संशोधन कर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता सुनिश्चित करे।
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