{"_id":"6940614de942ca1ac403b34c","slug":"suspected-terrorists-were-plotting-to-terrorize-the-country-for-a-year-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-58017-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: 1 साल से देश को दहलाने की साजिश रच रहे थे संदिग्ध आतंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: 1 साल से देश को दहलाने की साजिश रच रहे थे संदिग्ध आतंकी
विज्ञापन
धौज क्रशर जोन में बम धमाका कर विस्फोटक का ट्रायल भी किया था
एनआईए की पूछताछ में लगभग एक साल पहले ट्रायल की बात कबूली
वहीं पर पिस्टल से गोलियां भी चलाकर देखी थी आरोपियों ने
बीते सप्ताह बृहस्पतिवार को डॉ. मुज्जमिल, डॉ. शाहीन व जसीर वानी को क्रशर जोन ले जाकर कराया गया सीन रिक्रिएशन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के संदिग्ध आतंकी डॉक्टरों ने फरीदाबाद में ही बम धमाका कर विस्फोटक का ट्रायल भी किया था। लगभग एक साल पहले धौज क्रशर जोन में किए गए इस ट्रायल के दौरान डॉ. मुज्जमिल, डॉ. शाहीन व दिल्ली बम धमाके में खुद को खत्म कर चुका डॉ. उमर शामिल थे। एनआईए की पूछताछ में आरोपियों से ये खुलासा हुआ है।
बृहस्पतिवार को एनआईए की टीम जब डॉ. मुज्जमिल, डॉ. शाहीन और जम्मू कश्मीर के छात्र जसीर वानी को अल फलाह यूनिवर्सिटी लेकर आई तो उन्हें धौज क्रशर जोन ले जाकर सीन रिक्रिएशन भी कराया गया। इस दौरान डॉ. मुज्जमिल व डॉ. शाहीन ने ये भी खुलासा किया कि इन्होंने वहां पिस्टल से गोलियां भी चलाई थी। विस्फोटक का ट्रायल करने के साथ ही ये पिस्टल को भी चलाकर साफ करना चाह रहे थे कि इनके पास आए हथियार सही से काम कर रहे हैं भी या नहीं।
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो आरोपियों से पूछताछ में हुए इस खुलासे से स्पष्ट है कि ये बीते लगभग 1 साल से भी अधिक समय से देश को दहलाने की साजिश फरीदाबाद में रहकर कर रहे थे। यूरिया से अमोनियम नाइट्रेट और केमिकल मिलाकर बनाए गए विस्फोटक का सालभर पहले धमाका कर ट्रायल करने के बाद ये विस्फोटक व हथियार जुटाने में लग गए थे। आरोपियों ने पूछताछ में ये भी खुलासा किया कि क्रशर जोन को इसलिए ट्रायल के लिए चुना गया ताकि वहां के शोर में धमाके की आवाज दब जाए और किसी को पता न चले। आरोपियों ने स्टील पाइप में विस्फोटक भरकर उसे चट्टान में फंसाकर विस्फोट किया था। आरोपियों की मानें तो उनका ये ट्रायल सफल रहा था और इससे चट्टान का एक हिस्सा टूट गया था और स्टील का पाइप भी पूरी तरह फट गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनआईए की पूछताछ में लगभग एक साल पहले ट्रायल की बात कबूली
वहीं पर पिस्टल से गोलियां भी चलाकर देखी थी आरोपियों ने
बीते सप्ताह बृहस्पतिवार को डॉ. मुज्जमिल, डॉ. शाहीन व जसीर वानी को क्रशर जोन ले जाकर कराया गया सीन रिक्रिएशन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के संदिग्ध आतंकी डॉक्टरों ने फरीदाबाद में ही बम धमाका कर विस्फोटक का ट्रायल भी किया था। लगभग एक साल पहले धौज क्रशर जोन में किए गए इस ट्रायल के दौरान डॉ. मुज्जमिल, डॉ. शाहीन व दिल्ली बम धमाके में खुद को खत्म कर चुका डॉ. उमर शामिल थे। एनआईए की पूछताछ में आरोपियों से ये खुलासा हुआ है।
बृहस्पतिवार को एनआईए की टीम जब डॉ. मुज्जमिल, डॉ. शाहीन और जम्मू कश्मीर के छात्र जसीर वानी को अल फलाह यूनिवर्सिटी लेकर आई तो उन्हें धौज क्रशर जोन ले जाकर सीन रिक्रिएशन भी कराया गया। इस दौरान डॉ. मुज्जमिल व डॉ. शाहीन ने ये भी खुलासा किया कि इन्होंने वहां पिस्टल से गोलियां भी चलाई थी। विस्फोटक का ट्रायल करने के साथ ही ये पिस्टल को भी चलाकर साफ करना चाह रहे थे कि इनके पास आए हथियार सही से काम कर रहे हैं भी या नहीं।
विज्ञापन
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो आरोपियों से पूछताछ में हुए इस खुलासे से स्पष्ट है कि ये बीते लगभग 1 साल से भी अधिक समय से देश को दहलाने की साजिश फरीदाबाद में रहकर कर रहे थे। यूरिया से अमोनियम नाइट्रेट और केमिकल मिलाकर बनाए गए विस्फोटक का सालभर पहले धमाका कर ट्रायल करने के बाद ये विस्फोटक व हथियार जुटाने में लग गए थे। आरोपियों ने पूछताछ में ये भी खुलासा किया कि क्रशर जोन को इसलिए ट्रायल के लिए चुना गया ताकि वहां के शोर में धमाके की आवाज दब जाए और किसी को पता न चले। आरोपियों ने स्टील पाइप में विस्फोटक भरकर उसे चट्टान में फंसाकर विस्फोट किया था। आरोपियों की मानें तो उनका ये ट्रायल सफल रहा था और इससे चट्टान का एक हिस्सा टूट गया था और स्टील का पाइप भी पूरी तरह फट गया था।
विज्ञापन