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Faridabad News: छात्रों ने शतरंज की बारीकियों को समझते हुए खेले मुकाबले
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सराय ख्वाजा स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में किया गया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सराय ख्वाजा स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को जूनियर रेड क्रॉस और सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड की ओर से शतरंज गतिविधि का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा के मार्गदर्शन में और एससीईआरटी हरियाणा एवं जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल के निर्देशानुसार करवाया गया। गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, एकाग्रता, तर्क शक्ति, धैर्य, निर्णय क्षमता और रणनीतिक सोच को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के दौरान शारीरिक शिक्षा की अध्यापिका दीपांजली शर्मा ने छात्रों को शतरंज का इतिहास, बोर्ड की संरचना, सभी मोहरों की चालें और विशेष तकनीकों जैसे कास्टलिंग व पॉन प्रमोशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों ने शतरंज की बारीकियों को समझते हुए आपस में मुकाबले खेले।
प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह जीवन में दूरदर्शिता, धैर्य और सटीक निर्णय लेने का अभ्यास है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे इस खेल को पढ़ाई में भी अपनाएं और अपने मानसिक विकास को मजबूत करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सराय ख्वाजा स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को जूनियर रेड क्रॉस और सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड की ओर से शतरंज गतिविधि का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा के मार्गदर्शन में और एससीईआरटी हरियाणा एवं जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल के निर्देशानुसार करवाया गया। गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, एकाग्रता, तर्क शक्ति, धैर्य, निर्णय क्षमता और रणनीतिक सोच को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के दौरान शारीरिक शिक्षा की अध्यापिका दीपांजली शर्मा ने छात्रों को शतरंज का इतिहास, बोर्ड की संरचना, सभी मोहरों की चालें और विशेष तकनीकों जैसे कास्टलिंग व पॉन प्रमोशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों ने शतरंज की बारीकियों को समझते हुए आपस में मुकाबले खेले।
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प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह जीवन में दूरदर्शिता, धैर्य और सटीक निर्णय लेने का अभ्यास है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे इस खेल को पढ़ाई में भी अपनाएं और अपने मानसिक विकास को मजबूत करें।
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