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Faridabad News: छोटे लक्षणों में छिपा बड़ा खतरा, कैंसर से बचाव का माध्यम है जागरूकता
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फरीदाबाद में बढ़ रहे कैंसर के मामले, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
जागरूकता और समय पर जांच से बचाई जा सकती है जान
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर फरीदाबाद के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहें और शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों का कहना है कि असंतुलित जीवनशैली, प्रदूषण, तंबाकू और शराब के सेवन के कारण कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।
मेट्रो अस्पताल, फरीदाबाद के निदेशक एवं एचओडी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. विशाल खुराना ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पैंक्रियाटिक (अग्नाशय) कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने 8 से 10 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। डॉ. खुराना के अनुसार पेट या पीठ में लगातार दर्द, बिना कारण वजन घटना, पीलिया, मतली और शुगर लेवल में अचानक बदलाव जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि धूम्रपान, शराब, मोटापा, प्रोसेस्ड फूड्स, डायबिटीज और पारिवारिक इतिहास जैसे कारण इस कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बचें तथा समय-समय पर जांच कराएं।
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वहीं फोर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धार्थ शंकर सूद ने बताया कि भारत में कैंसर के मामले दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिनमें फरीदाबाद जैसे औद्योगिक शहर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, मोटापा, तंबाकू और शराब का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ मामलों में कैंसर वंशानुगत भी होता है, इसलिए जिन परिवारों में पहले से यह बीमारी रही है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. सूद ने कहा कि बिना कारण वजन घटना, लगातार खांसी, बार-बार पेट दर्द, स्तन में गांठ या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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जागरूकता और समय पर जांच से बचाई जा सकती है जान
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर फरीदाबाद के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहें और शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों का कहना है कि असंतुलित जीवनशैली, प्रदूषण, तंबाकू और शराब के सेवन के कारण कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।
मेट्रो अस्पताल, फरीदाबाद के निदेशक एवं एचओडी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. विशाल खुराना ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पैंक्रियाटिक (अग्नाशय) कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने 8 से 10 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। डॉ. खुराना के अनुसार पेट या पीठ में लगातार दर्द, बिना कारण वजन घटना, पीलिया, मतली और शुगर लेवल में अचानक बदलाव जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि धूम्रपान, शराब, मोटापा, प्रोसेस्ड फूड्स, डायबिटीज और पारिवारिक इतिहास जैसे कारण इस कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बचें तथा समय-समय पर जांच कराएं।
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वहीं फोर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धार्थ शंकर सूद ने बताया कि भारत में कैंसर के मामले दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिनमें फरीदाबाद जैसे औद्योगिक शहर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, मोटापा, तंबाकू और शराब का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ मामलों में कैंसर वंशानुगत भी होता है, इसलिए जिन परिवारों में पहले से यह बीमारी रही है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. सूद ने कहा कि बिना कारण वजन घटना, लगातार खांसी, बार-बार पेट दर्द, स्तन में गांठ या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।