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Faridabad News: रेवले स्टेशन पर धीमी गति से चल रहा पुनर्विकास कार्य, यात्री परेशानी
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30 महीने में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट 25 महीने बीत जाने के बावजूद अपने शुरुआती ढांचे से आगे नहीं बढ़ पाया है
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का सपना अब यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। वर्ष 2023 में जिस उत्साह और बड़े दावों के साथ स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की शुरुआत हुई थी वह अब कछुआ चाल में सिमटता नजर आ रहा है। 30 महीने में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट 25 महीने बीत जाने के बावजूद अपने शुरुआती ढांचे से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके कारण यात्रियों का काफी परेशानी हो रही है।
रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण स्टेशन परिसर अव्यवस्थित नजर आता है। सबसे अधिक परेशानी पार्किंग व्यवस्था को लेकर सामने आ रही है। मल्टीलेवल पार्किंग का कार्य अब तक अधूरा पड़ा है जिससे यात्रियों को सड़क किनारे या दूर-दराज इलाकों में वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या होने के साथ हादसों का खतरा भी बना रहता है।
स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर निर्माण सामग्री, खुदाई और बैरिकेडिंग के चलते आवाजाही मुश्किल हो गई है। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में हालात और बिगड़ जाते हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी असुविधा होती है।
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पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट, आधुनिक वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, बड़ा कंकोर्स एरिया, इंटरमीडिएट ट्रांजिट हॉल, नए प्लेटफॉर्म शेड और अत्याधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस पूरी परियोजना की लागत करीब 400 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो स्टेशन भवन का विस्तार तेजी से हो रहा है और न ही यात्रियों को कोई अस्थायी सुविधा दी गई है।
यात्रियों का कहना है कि निर्माण के नाम पर अव्यवस्था लंबे समय से फैली हुई है। प्रशासन की तरफ से अस्थायी इंतजामों की काफी कमी है। स्टेशन परिसर में साफ-सफाई प्रभावित रहती है और संकेतक बोर्डों की कमी के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों को रास्ता ढूंढने में दिक्कत होती है। टिकट काउंटर तक पहुंचने वाले रास्ते संकरे हो गए हैं जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं।
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि परियोजना में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है और कुछ नए सब-कॉन्ट्रैक्टर्स को भी कार्य सौंपा गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण में देरी तकनीकी बदलावों और डिजाइन संशोधनों के कारण हुई है ताकि भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकें। उनका कहना है कि स्टेशन के तैयार होने के बाद फरीदाबाद को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला स्टेशन मिलेगा जो एनसीआर के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल होगा।
इस परियोजना का समय एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। जल्द ही लोगों को सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। - बीएस भंडारी, स्टेशन अधीक्षक, ओल्ड फरीदाबाद
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का सपना अब यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। वर्ष 2023 में जिस उत्साह और बड़े दावों के साथ स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की शुरुआत हुई थी वह अब कछुआ चाल में सिमटता नजर आ रहा है। 30 महीने में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट 25 महीने बीत जाने के बावजूद अपने शुरुआती ढांचे से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके कारण यात्रियों का काफी परेशानी हो रही है।
रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण स्टेशन परिसर अव्यवस्थित नजर आता है। सबसे अधिक परेशानी पार्किंग व्यवस्था को लेकर सामने आ रही है। मल्टीलेवल पार्किंग का कार्य अब तक अधूरा पड़ा है जिससे यात्रियों को सड़क किनारे या दूर-दराज इलाकों में वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या होने के साथ हादसों का खतरा भी बना रहता है।
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स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर निर्माण सामग्री, खुदाई और बैरिकेडिंग के चलते आवाजाही मुश्किल हो गई है। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में हालात और बिगड़ जाते हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी असुविधा होती है।
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पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट, आधुनिक वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, बड़ा कंकोर्स एरिया, इंटरमीडिएट ट्रांजिट हॉल, नए प्लेटफॉर्म शेड और अत्याधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस पूरी परियोजना की लागत करीब 400 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो स्टेशन भवन का विस्तार तेजी से हो रहा है और न ही यात्रियों को कोई अस्थायी सुविधा दी गई है।
यात्रियों का कहना है कि निर्माण के नाम पर अव्यवस्था लंबे समय से फैली हुई है। प्रशासन की तरफ से अस्थायी इंतजामों की काफी कमी है। स्टेशन परिसर में साफ-सफाई प्रभावित रहती है और संकेतक बोर्डों की कमी के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों को रास्ता ढूंढने में दिक्कत होती है। टिकट काउंटर तक पहुंचने वाले रास्ते संकरे हो गए हैं जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं।
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि परियोजना में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है और कुछ नए सब-कॉन्ट्रैक्टर्स को भी कार्य सौंपा गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण में देरी तकनीकी बदलावों और डिजाइन संशोधनों के कारण हुई है ताकि भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकें। उनका कहना है कि स्टेशन के तैयार होने के बाद फरीदाबाद को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला स्टेशन मिलेगा जो एनसीआर के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल होगा।
इस परियोजना का समय एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। जल्द ही लोगों को सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। - बीएस भंडारी, स्टेशन अधीक्षक, ओल्ड फरीदाबाद