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Faridabad News: एनआईटी की सात प्रमुख सड़कों और 25 चौराहों का नए सिरे से विकास किया जाएगा
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एफएमडीए की परियोजना से पूरे एनआईटी कॉरिडोर में ट्रैफिक प्रबंधन होगा बेहतर
फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, आधुनिक जल निकासी और सुरक्षित चौराहों पर रहेगा विशेष फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के सबसे व्यस्त एनआईटी (न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप) क्षेत्र में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम, सड़क हादसों और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने बड़ी परियोजना शुरू की है। इसके तहत सात प्रमुख सड़क कॉरिडोर के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) का नए सिरे से विकास किया जाएगा और 25 प्रमुख चौराहों को आधुनिक यातायात मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। परियोजना के लिए विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी 90 दिनों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी जिसके आधार पर आगे विकास कार्य शुरू होंगे।
एनआईटी फरीदाबाद का सबसे पुराना औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां हार्डवेयर बाजार, जिला अस्पताल के साथ कई प्रमुख अस्पताल, शिक्षण संस्थान, सरकारी कार्यालय, बैंक, मेट्रो स्टेशन और हजारों व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के कारण पूरे जिले का बड़ा यातायात इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। दिल्ली, गुरुग्राम, बल्लभगढ़, सेक्टर-15,16, 21 और एनएच-19 से जुड़ाव होने के कारण सुबह और शाम के समय यहां वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
एनआईटी क्षेत्र हर मानसून में जलभराव की समस्या से भी जूझता है। नीलम चौक, हार्डवेयर चौक, बीके चौक, बाटा चौक और मस्जिद चौक के आसपास पानी भरने से वाहनों की गति धीमी पड़ जाती है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। पिछले कुछ वर्षों में हुई भारी बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। जलभराव के कारण छोटे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
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इसी समस्या को देखते हुए परियोजना में पहली बार सतत शहरी जल निकासी प्रणाली (सस्टेनेबल ड्रेनेज सिस्टम), रेन गार्डन और स्वेल जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है, ताकि वर्षा जल का बेहतर प्रबंधन हो सके और सड़कों पर पानी जमा न हो।
पूरी सड़क व्यवस्था बदलेगी
एफएमडीए की योजना केवल सड़क चौड़ी करने तक सीमित नहीं है। परियोजना के तहत सड़क की पूरी उपलब्ध चौड़ाई का वैज्ञानिक उपयोग किया जाएगा। फुटपाथों को व्यवस्थित किया जाएगा, साइकिल ट्रैक विकसित किए जाएंगे और बस स्टॉप को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। दिव्यांगजन के लिए रैंप, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग, दिशासूचक बोर्ड, रोड मार्किंग, बैठने की व्यवस्था और हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। परियोजना में चौराहों की ज्यामिति सुधारने, लेन प्रबंधन और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिससे सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके।
इन मार्गों का बदलेगा स्वरूप
परियोजना में हार्डवेयर चौक-बीके चौक, बीके चौक-मुल्ला होटल चौक, भगत सिंह चौक-नीलम चौक, नीलम चौक-बाटा चौक, मुल्ला होटल चौक-मस्जिद चौक, दयानंद महिला कॉलेज वाई-जंक्शन से मीट मार्केट वाई-जंक्शन तथा व्यापार सदन से तिकोन पार्क तक के मार्ग शामिल हैं। वहीं बीके चौक, नीलम चौक, हार्डवेयर चौक, बाटा चौक, वंदे भारत चौक, मस्जिद चौक, मुल्ला होटल चौक, शहीद भगत सिंह चौक, चिमनी बाई चौक, अवंती बाई चौक, तिकोन पार्क और अन्य प्रमुख चौराहों की नई डिजाइन तैयार होगी।
लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
परियोजना पूरी होने के बाद एनआईटी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-21, सेक्टर-28 और बल्लभगढ़ की ओर आने-जाने वाले लाखों लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। यात्रा समय कम होगा, जाम घटेगा, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को सुरक्षित मार्ग मिलेंगे तथा बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम होने की संभावना है। हालांकि परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि डीपीआर के सुझावों को कितनी जल्दी मंजूरी मिलती है और उनका समयबद्ध क्रियान्वयन कितना प्रभावी होता है।
एनआईटी के मुख्य मार्गों की तस्वीर बदलने के लिए काम किया जा रहा है। जल्द जमीनी स्तर पर भी इसे शुरू कर दिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर
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फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, आधुनिक जल निकासी और सुरक्षित चौराहों पर रहेगा विशेष फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के सबसे व्यस्त एनआईटी (न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप) क्षेत्र में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम, सड़क हादसों और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने बड़ी परियोजना शुरू की है। इसके तहत सात प्रमुख सड़क कॉरिडोर के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) का नए सिरे से विकास किया जाएगा और 25 प्रमुख चौराहों को आधुनिक यातायात मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। परियोजना के लिए विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी 90 दिनों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी जिसके आधार पर आगे विकास कार्य शुरू होंगे।
एनआईटी फरीदाबाद का सबसे पुराना औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां हार्डवेयर बाजार, जिला अस्पताल के साथ कई प्रमुख अस्पताल, शिक्षण संस्थान, सरकारी कार्यालय, बैंक, मेट्रो स्टेशन और हजारों व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के कारण पूरे जिले का बड़ा यातायात इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। दिल्ली, गुरुग्राम, बल्लभगढ़, सेक्टर-15,16, 21 और एनएच-19 से जुड़ाव होने के कारण सुबह और शाम के समय यहां वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
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बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
एनआईटी क्षेत्र हर मानसून में जलभराव की समस्या से भी जूझता है। नीलम चौक, हार्डवेयर चौक, बीके चौक, बाटा चौक और मस्जिद चौक के आसपास पानी भरने से वाहनों की गति धीमी पड़ जाती है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। पिछले कुछ वर्षों में हुई भारी बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। जलभराव के कारण छोटे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
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इसी समस्या को देखते हुए परियोजना में पहली बार सतत शहरी जल निकासी प्रणाली (सस्टेनेबल ड्रेनेज सिस्टम), रेन गार्डन और स्वेल जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है, ताकि वर्षा जल का बेहतर प्रबंधन हो सके और सड़कों पर पानी जमा न हो।
पूरी सड़क व्यवस्था बदलेगी
एफएमडीए की योजना केवल सड़क चौड़ी करने तक सीमित नहीं है। परियोजना के तहत सड़क की पूरी उपलब्ध चौड़ाई का वैज्ञानिक उपयोग किया जाएगा। फुटपाथों को व्यवस्थित किया जाएगा, साइकिल ट्रैक विकसित किए जाएंगे और बस स्टॉप को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। दिव्यांगजन के लिए रैंप, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग, दिशासूचक बोर्ड, रोड मार्किंग, बैठने की व्यवस्था और हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। परियोजना में चौराहों की ज्यामिति सुधारने, लेन प्रबंधन और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिससे सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके।
इन मार्गों का बदलेगा स्वरूप
परियोजना में हार्डवेयर चौक-बीके चौक, बीके चौक-मुल्ला होटल चौक, भगत सिंह चौक-नीलम चौक, नीलम चौक-बाटा चौक, मुल्ला होटल चौक-मस्जिद चौक, दयानंद महिला कॉलेज वाई-जंक्शन से मीट मार्केट वाई-जंक्शन तथा व्यापार सदन से तिकोन पार्क तक के मार्ग शामिल हैं। वहीं बीके चौक, नीलम चौक, हार्डवेयर चौक, बाटा चौक, वंदे भारत चौक, मस्जिद चौक, मुल्ला होटल चौक, शहीद भगत सिंह चौक, चिमनी बाई चौक, अवंती बाई चौक, तिकोन पार्क और अन्य प्रमुख चौराहों की नई डिजाइन तैयार होगी।
लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
परियोजना पूरी होने के बाद एनआईटी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-21, सेक्टर-28 और बल्लभगढ़ की ओर आने-जाने वाले लाखों लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। यात्रा समय कम होगा, जाम घटेगा, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को सुरक्षित मार्ग मिलेंगे तथा बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम होने की संभावना है। हालांकि परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि डीपीआर के सुझावों को कितनी जल्दी मंजूरी मिलती है और उनका समयबद्ध क्रियान्वयन कितना प्रभावी होता है।
एनआईटी के मुख्य मार्गों की तस्वीर बदलने के लिए काम किया जा रहा है। जल्द जमीनी स्तर पर भी इसे शुरू कर दिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर