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Faridabad News: पौराणिक स्थलों को मिलगी नई पहचान, पांच करोड़ से सजेगा अंजनी-सीता कुंड
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- गांव भुलवाना में चमेली वन में स्थिति कुंड में केंद्र सरकार द्वारा अटल भूजल योजना के तहत कराया जाएगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। गांव भुलवाना स्थित चमेली वन में अटल भूजल योजना के तहत लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्राचीन अंजनी कुंड व पहरावनी मंदिर (सीता कुंड) के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंदिर के महंत बिहारी दास महाराज की अध्यक्षता में संत विक्रम दास महाराज, महंत रामकिशन दास महात्यागी महाराज, मंदिर के मुख्य सेवादार घनश्याम वशिष्ठ उर्फ कान्हा भैया व सिंचाई विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
रविवार को शुरू हुए विकास कार्य के दौरान घनश्याम वशिष्ठ उर्फ कान्हा भैया ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से इस अंजनी कुंड तथा पहरावनी मंदिर (सीता कुंड) के जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ है, जिसे अप्रैल 2026 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण कार्य शुरू होने पर मंदिर के महंत रामकिशन दास महात्यागी महाराज ने कहा कि चमेलीवन में मौजूद अंजनी कुंड आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, जिसका जीर्णोद्धार आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र ऐतिहासिक चमेलीवन धाम मंदिर जल्द ही श्रद्धालुओं को नए रूप में दिखाई देगा। कुंड के जीर्णोद्धार पर केंद्र सरकार द्वारा पांच करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की जाएगी।
बनाया जाएगा परिक्रमा मार्ग : कान्हा भैया ने बताया कि अंजनी कुंड का जीर्णोद्धार चंडीगढ़ की सुखना लेक की तर्ज पर किया जाएगा। चमेलीवन में लगभग तीन एकड़ भूमि पर अंजनी कुंड का जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया गया है। जिसमें कुंड के चारों तरफ 12 फुट चौड़ाई का परिक्रमा मार्ग बनाया जाएगा। परिक्रमा मार्ग में टिन शेड और लोहे की ग्रिल लगाई जाएंगी। कुंड में पार्टीशन कर एक हिस्से में गाैघाट का निर्माण तथा दूसरे घाट का उपयोग श्रद्धालु करेंगे।
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हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी : कुंड पर माता अंजनी और बाल स्वरूप हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। चमेलीवन लगभग दो सौ एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। लगभग 10 एकड़ में प्राचीन मंदिर और तीन एकड़ भूमि में अंजनी कुंड है। वन के निकट स्थित उझीना ड्रेन से अंजनी कुंड में पानी भरा जाएगा तथा मीठे पानी की आपूर्ति के लिए एक बूस्टर का निर्माण होगा। चमेलीवन स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिदिन हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान व अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। अंजनी कुंड तथा पहरावनी मंदिर (सीता कुंड) के जीर्णोद्धार होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ जाएगी। कुंड के चारों तरफ परिक्रमा मार्ग, गौ घाट और श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। गांव भुलवाना स्थित चमेली वन में अटल भूजल योजना के तहत लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्राचीन अंजनी कुंड व पहरावनी मंदिर (सीता कुंड) के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंदिर के महंत बिहारी दास महाराज की अध्यक्षता में संत विक्रम दास महाराज, महंत रामकिशन दास महात्यागी महाराज, मंदिर के मुख्य सेवादार घनश्याम वशिष्ठ उर्फ कान्हा भैया व सिंचाई विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
रविवार को शुरू हुए विकास कार्य के दौरान घनश्याम वशिष्ठ उर्फ कान्हा भैया ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से इस अंजनी कुंड तथा पहरावनी मंदिर (सीता कुंड) के जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ है, जिसे अप्रैल 2026 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण कार्य शुरू होने पर मंदिर के महंत रामकिशन दास महात्यागी महाराज ने कहा कि चमेलीवन में मौजूद अंजनी कुंड आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, जिसका जीर्णोद्धार आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र ऐतिहासिक चमेलीवन धाम मंदिर जल्द ही श्रद्धालुओं को नए रूप में दिखाई देगा। कुंड के जीर्णोद्धार पर केंद्र सरकार द्वारा पांच करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की जाएगी।
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बनाया जाएगा परिक्रमा मार्ग : कान्हा भैया ने बताया कि अंजनी कुंड का जीर्णोद्धार चंडीगढ़ की सुखना लेक की तर्ज पर किया जाएगा। चमेलीवन में लगभग तीन एकड़ भूमि पर अंजनी कुंड का जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया गया है। जिसमें कुंड के चारों तरफ 12 फुट चौड़ाई का परिक्रमा मार्ग बनाया जाएगा। परिक्रमा मार्ग में टिन शेड और लोहे की ग्रिल लगाई जाएंगी। कुंड में पार्टीशन कर एक हिस्से में गाैघाट का निर्माण तथा दूसरे घाट का उपयोग श्रद्धालु करेंगे।
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हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी : कुंड पर माता अंजनी और बाल स्वरूप हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। चमेलीवन लगभग दो सौ एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। लगभग 10 एकड़ में प्राचीन मंदिर और तीन एकड़ भूमि में अंजनी कुंड है। वन के निकट स्थित उझीना ड्रेन से अंजनी कुंड में पानी भरा जाएगा तथा मीठे पानी की आपूर्ति के लिए एक बूस्टर का निर्माण होगा। चमेलीवन स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिदिन हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान व अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। अंजनी कुंड तथा पहरावनी मंदिर (सीता कुंड) के जीर्णोद्धार होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ जाएगी। कुंड के चारों तरफ परिक्रमा मार्ग, गौ घाट और श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था की जाएगी।