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Faridabad News: एशियन पैरा गेम्स में सविता ने जीता रजत पदक

Fri, 27 Oct 2023 10:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 10:55 PM IST
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Savita won silver medal in Asian Para Games
संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की ललक ने भैसरावली (तिगांव) की सविता अधाना को अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज बना दिया। परिवार और कोच की मदद से उन्होंने आगे बढ़ने की ठानी। सविता ने अपने जीवन की पहली ही एशियन पैरा गेम्स स्पर्धा में पदक जीत लिया।
व्हील चेयर (दोनों पैरों से अक्षम) पर होने के बावजूद सविता ने मात्र डेढ़ वर्ष की कठिन मेहनत के बाद एशियन पैरा गेम्स तीरंदाजी कंपाउंड (टीम) स्पर्धा में रजत पदक जीता। इससे पहले वह इसी वर्ष यूएसए में आयोजित पैरा विश्व कप के एकल स्पर्धा में 720 अंक में से 697 अंक लेकर नया कीर्तिमान बना चुकी हैं। उनके पिता रियाल अधाना का कहना है कि किसान की बेटी ने देश में नाम रौशन कर दिया। सविता ने वर्ष 2021 दिसंबर में अपनी मां सवित्री देवी के साथ श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कटरा (वैष्णो देवी) में जाकर अभ्यास शुरू किया था। बचपन में पोलियो का शिकार होने के कारण वह चलने में अक्षम हैं। वह करीब 35 वर्ष से व्हील चेयर के माध्यम से ही अपना सब काम करती हैं। दो वर्ष पहले उन्होंने अपने रिश्तेदार पैरा शूटर सिंह राज अधाना को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर लौटने के बाद पीएम मोदी से व्यक्तिगत रूप से मिलते देखा। इसके बाद उन्होंने भी खेल में अपना कॅरियर बनाने का निर्णय लिया।
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ग्रामीण क्षेत्र में रहने के बावजूद उन्होंने व्हील चेयर के माध्यम से होने वाले खेलों के विषय में जानकारी एकत्रित करनी शुरू कर दी। उसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 के अंत में तीरंदाजी में अपना भविष्य बनाने का निर्णय लिया। उनके भाई सुमित अधाना ने बताया कि उन्होंने कटरा में तीरंदाजी कोच कुलदीप वेदवान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। उनके भाई के अनुसार अभी तक वह कुल सात पदक जीत चुकी हैं, इनमें से तीन पैरा विश्व कप और तीन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक झटक चुकी हैं।
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बचपन से ही व्हील चेयर पर
करीब दो वर्ष की आयु में वह पोलियोग्रस्त हो गई। इसके बाद उन्होंने व्हील चेयर को अपना सहारा बना लिया। उन्होंने गांव भैसरावली स्थित राजकीय स्कूल में ही 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की। उसके बाद आने जाने की परेशानी के चलते पढ़ाई छोड़ दी। तीरंदाजी में पदक जीतने के बाद उन्होंने दोबारा से पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने ओपन शिक्षा के माध्यम से 10वीं की पढ़ाई करने का निर्णय लिया है।

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किशोरावस्था में ही हो चुकी है शादी
सविता की शादी 17 वर्ष की आयु में शादी हो चुकी है। उनके भाई सुमित अधाना ने बताया कि शादी के करीब दो महीने बाद ही सविता ने अपने पति से संबंध तोड़ दिया। उसके बाद वह गांव में ही माता-पिता के साथ रहने लगी। उस दौरान वह घर पर ही घरेलू काम में मां का सहयोग करती थी।
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