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Faridabad News: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई उद्यमियों की टेंशन

Sat, 16 May 2026 12:40 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 12:40 AM IST
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Rising petrol and diesel prices have increased the tension of entrepreneurs.
पहले ही कच्चे माल की बढ़ी कीमतों और निर्यात में आई गिरावट से जूझ रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रहे फरीदाबाद के औद्योगिक जगत की कमर अब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने तोड़ दी है। कच्चे माल की बढ़ी कीमतों और निर्यात में आई गिरावट से जूझ रहे उद्यमी अब ईंधन के बढ़े दाम से और परेशान नजर आ रहे हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों के उद्यमी सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिनके औद्योगिक क्षेत्र अभी तक नियमित नहीं हुए हैं।

जिले के अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का बुरा हाल है। सड़कों और नालियों के अभाव के कारण यहां ट्रक और डंपर चालक आने से कतराते हैं। उद्यमियों का कहना है कि खराब सड़कों की वजह से उन्हें पहले ही सामान्य से अधिक किराया देना पड़ता था। अब डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा और बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं, जिससे तैयार माल को बाजार तक पहुंचाने में अब और अधिक पैसे चुकाने होंगे।
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बढ़ेगी उत्पादन लागत, निर्यात होगा प्रभावित

नियमित औद्योगिक क्षेत्रों के हालात भी बहुत बेहतर नहीं हैं। वैश्विक मंदी के कारण विदेशी ऑर्डर पहले ही कम हो चुके हैं। उद्यमियों के अनुसार, बिजली कटौती के दौरान भारी-भरकम जेनरेटर चलाने के लिए डीजल का उपयोग अनिवार्य है। ईंधन महंगा होने से प्रति यूनिट उत्पादन लागत में भारी इजाफा होगा। ऊपर से अगर ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ तो हालात और भी खराब हो सकते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर माल बेचना नामुमकिन होता जा रहा है।
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बातचीत

डीजल के दाम बढ़ने से जेनरेटर चलाना महंगा हो गया है। बिजली कटौती के समय उत्पादन जारी रखना अब बड़ी समस्या हो गया है।
- वेद शर्मा, उद्यमी


सड़कों की खस्ताहाली के चलते पहले से ही सामान लाने और ले जाने के लिए अधिक किराया देना होता था और बढ़ते ईंधन दामों ने ट्रांसपोर्टेशन खर्च और महंगा होने का संकेत दे दिया है।
-आरके भाटी, उद्यमी


कच्चे माल के बाद अब पेट्रोल-डीजल की मार पड़ी है। निर्यात के ऑर्डर पहले ही कम हैं, ऊपर से बढ़ी लागत मुनाफे को पूरी तरह खत्म करने की तरफ बढ़ रही है।
-दिगंबर सिंह, उद्यमी


अनियमित क्षेत्र होने के कारण बुनियादी सुविधाएं शून्य हैं। भाड़ा बढ़ने से लॉजिस्टिक लागत भी बढ़ जाएगी, जिससे हम बाजार की प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं।
-पवन, उद्यमी
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