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Faridabad News: उमस से बढ़े दाद-खाज और खुजली के मरीज
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बीके अस्पताल की ओपीडी में बढ़ी भीड़, साफ-सफाई में लापरवाही से बढ़ रहा संक्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में लगातार पड़ रही तेज धूप और बढ़ती उमस का असर अब लोगों की त्वचा पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम में नमी बढ़ने के साथ दाद, खाज, खुजली, फंगल संक्रमण और घमौरियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बीके नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में इन दिनों सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में करीब दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पसीना अधिक आने, त्वचा का लंबे समय तक नम रहने और साफ-सफाई में लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज दाद, खुजली, लाल चकत्ते, त्वचा पर जलन और फंगल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर घरेलू उपचार करते रहते हैं, जिससे संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाता है।
एनआईटी निवासी मोहित सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पसीना आने के कारण दाद और खुजली की समस्या हो गई है। दवा लेने के बाद भी पूरी राहत नहीं मिलने पर उन्हें अस्पताल आना पड़ा। वहीं बल्लभगढ़ निवासी चंदा ने बताया कि उनके बच्चे की गर्दन और पीठ पर लाल दाने और तेज खुजली हो रही थी। पहले इसे सामान्य एलर्जी समझा, लेकिन परेशानी बढ़ने पर चिकित्सक से उपचार कराना पड़ा।
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बीके अस्पताल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस राठी ने बताया कि उमस भरे मौसम में त्वचा पर लगातार पसीना बना रहने से फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है। तंग और गीले कपड़े पहनना, शरीर को लंबे समय तक नम रखना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान न रखना संक्रमण का प्रमुख कारण है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सूती और ढीले कपड़े पहनें, शरीर को सूखा रखें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसी से अपनी तौलिया और कपड़े साझा न करें तथा दाद-खाज या खुजली होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम का इस्तेमाल न करें। समय पर इलाज कराने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में लगातार पड़ रही तेज धूप और बढ़ती उमस का असर अब लोगों की त्वचा पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम में नमी बढ़ने के साथ दाद, खाज, खुजली, फंगल संक्रमण और घमौरियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बीके नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में इन दिनों सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में करीब दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पसीना अधिक आने, त्वचा का लंबे समय तक नम रहने और साफ-सफाई में लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज दाद, खुजली, लाल चकत्ते, त्वचा पर जलन और फंगल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर घरेलू उपचार करते रहते हैं, जिससे संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाता है।
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एनआईटी निवासी मोहित सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पसीना आने के कारण दाद और खुजली की समस्या हो गई है। दवा लेने के बाद भी पूरी राहत नहीं मिलने पर उन्हें अस्पताल आना पड़ा। वहीं बल्लभगढ़ निवासी चंदा ने बताया कि उनके बच्चे की गर्दन और पीठ पर लाल दाने और तेज खुजली हो रही थी। पहले इसे सामान्य एलर्जी समझा, लेकिन परेशानी बढ़ने पर चिकित्सक से उपचार कराना पड़ा।
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बीके अस्पताल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस राठी ने बताया कि उमस भरे मौसम में त्वचा पर लगातार पसीना बना रहने से फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है। तंग और गीले कपड़े पहनना, शरीर को लंबे समय तक नम रखना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान न रखना संक्रमण का प्रमुख कारण है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सूती और ढीले कपड़े पहनें, शरीर को सूखा रखें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसी से अपनी तौलिया और कपड़े साझा न करें तथा दाद-खाज या खुजली होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम का इस्तेमाल न करें। समय पर इलाज कराने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।