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Faridabad News: डिस्कवरी पार्क सोसाइटी में बिल्डर के खिलाफ लोगों में नाराजगी
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डिस्कवरी पार्क में बिजली बिल को लेकर निवासियों में नाराजगी। संवाद
- फोटो : टूंडला रेलवे स्टेशन पर जम्मू कश्मीर अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए आरक्षण कराते श्रद्धालु संवाद
बिजली बिल में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-80 स्थित डिस्कवरी पार्क सोसाइटी के निवासियों ने बिजली बिल में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाते हुए बिल्डर और रखरखाव टीम के खिलाफ नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि उन्हें बिजली बिल की कोई लिखित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे बिल को लेकर असंतोष बना हुआ है।
निवासी अमित गुप्ता और निखिल ने बताया कि उन्हें जितनी राशि बिजली बिल के रूप में बताई जाती है, उतना ही भुगतान करना पड़ता है। बिल किस आधार पर तैयार किया गया है, इसकी कोई विस्तृत जानकारी या दस्तावेज साझा नहीं किए जाते। उनका आरोप है कि बिजली बिल में कॉमन एरिया की बिजली खपत का शुल्क भी जोड़ दिया जाता है, जबकि वे पहले से ही कॉमन एरिया के रखरखाव और मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं। इसके बावजूद अलग से बिजली बिल में भी अतिरिक्त राशि वसूली जाती है।
निवासी युगल का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के चलते वास्तविक बिजली खपत और वसूले जा रहे शुल्क का मिलान करना संभव नहीं हो पाता। सोसाइटी के निवासियों ने इस संबंध में संबंधित प्रबंधन और बिल्डर से कई बार शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की है कि बिजली बिल की पूरी जानकारी दी जाए और बिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि निवासियों को अनावश्यक भुगतान न करना पड़े।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-80 स्थित डिस्कवरी पार्क सोसाइटी के निवासियों ने बिजली बिल में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाते हुए बिल्डर और रखरखाव टीम के खिलाफ नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि उन्हें बिजली बिल की कोई लिखित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे बिल को लेकर असंतोष बना हुआ है।
निवासी अमित गुप्ता और निखिल ने बताया कि उन्हें जितनी राशि बिजली बिल के रूप में बताई जाती है, उतना ही भुगतान करना पड़ता है। बिल किस आधार पर तैयार किया गया है, इसकी कोई विस्तृत जानकारी या दस्तावेज साझा नहीं किए जाते। उनका आरोप है कि बिजली बिल में कॉमन एरिया की बिजली खपत का शुल्क भी जोड़ दिया जाता है, जबकि वे पहले से ही कॉमन एरिया के रखरखाव और मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं। इसके बावजूद अलग से बिजली बिल में भी अतिरिक्त राशि वसूली जाती है।
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निवासी युगल का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के चलते वास्तविक बिजली खपत और वसूले जा रहे शुल्क का मिलान करना संभव नहीं हो पाता। सोसाइटी के निवासियों ने इस संबंध में संबंधित प्रबंधन और बिल्डर से कई बार शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की है कि बिजली बिल की पूरी जानकारी दी जाए और बिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि निवासियों को अनावश्यक भुगतान न करना पड़े।
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