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Faridabad News: राहत की खबर... लगातार दूसरे दिन 200 से कम रहा प्रदूषण स्तर
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फरीदाबाद का एक्यूआई 171 तो बल्लभगढ़ का 191 का किया गया दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदूषण स्तर लगातार एक हफ्ते तक 300 एक्यूआई से अधिक रहने के बाद अब घट रहा है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से नीचे आ आ गया है। इसकी वजह से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। हालांकि, बल्लभगढ़ के प्रदूषण स्तर में मंगलवार की तुलना में बढोतरी दर्ज की गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार बुधवार को बल्लभगढ़ का एक्यूआई 191 दर्ज किया गया है, जो मंगलवार को 141 था। इसमें पीएम 2.5 कणों की औसत मात्रा 191 और पीएम 10 के कणों की औसत मात्रा 163 रही। वहीं फरीदाबाद के एक्यूआई में सुधार देखने को मिला है। फरीदाबाद का एक्यूआई 194 से घटकर 171 पर आ गया है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हवा चलने के कारण प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार हवा 11 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने से प्रदूषण कम हुआ है। बल्लभगढ़ का प्रदूषण स्तर बीते पांच सालों में नवंबर माह में सबसे कम रहा है।
151-200 की वायु गुणवत्ता श्रेणी को मध्यम माना जाता है। हालांकि, प्रदूषण का यह स्तर भी अस्थमा, हृदय रोग और फेंफड़ों की समस्या से पीड़ित रोगियों के खराब माना जाता है। हृदय या फेफड़ों की समस्याओं वाले लोग अधिक गंभीर लक्षण अनुभव कर सकते हैं। लोगों ने बताया कि उन्हें सुबह के समय सांस लेने में तकलीफ और आखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। दिल्ली एनसीआर में अभी ग्रेप का दूसरा चरण लागू है। ग्रेप के पहले चरण में ही भोजनालयों, रेस्तरां और होटलों में कोयले और लकड़ी के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाता है। इसके बावजूद शहर में कई जगह होटल और रेहड़ी पटरी वाले कोयले की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में बड़खल मोड, बीके चौक और एनआईटी मार्केट के ढाबों में धडल्ले से तंदूर जल रहे हैं। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद में भी कई जगह कूड़ा जलाया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदूषण स्तर लगातार एक हफ्ते तक 300 एक्यूआई से अधिक रहने के बाद अब घट रहा है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से नीचे आ आ गया है। इसकी वजह से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। हालांकि, बल्लभगढ़ के प्रदूषण स्तर में मंगलवार की तुलना में बढोतरी दर्ज की गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार बुधवार को बल्लभगढ़ का एक्यूआई 191 दर्ज किया गया है, जो मंगलवार को 141 था। इसमें पीएम 2.5 कणों की औसत मात्रा 191 और पीएम 10 के कणों की औसत मात्रा 163 रही। वहीं फरीदाबाद के एक्यूआई में सुधार देखने को मिला है। फरीदाबाद का एक्यूआई 194 से घटकर 171 पर आ गया है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हवा चलने के कारण प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार हवा 11 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने से प्रदूषण कम हुआ है। बल्लभगढ़ का प्रदूषण स्तर बीते पांच सालों में नवंबर माह में सबसे कम रहा है।
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151-200 की वायु गुणवत्ता श्रेणी को मध्यम माना जाता है। हालांकि, प्रदूषण का यह स्तर भी अस्थमा, हृदय रोग और फेंफड़ों की समस्या से पीड़ित रोगियों के खराब माना जाता है। हृदय या फेफड़ों की समस्याओं वाले लोग अधिक गंभीर लक्षण अनुभव कर सकते हैं। लोगों ने बताया कि उन्हें सुबह के समय सांस लेने में तकलीफ और आखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। दिल्ली एनसीआर में अभी ग्रेप का दूसरा चरण लागू है। ग्रेप के पहले चरण में ही भोजनालयों, रेस्तरां और होटलों में कोयले और लकड़ी के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाता है। इसके बावजूद शहर में कई जगह होटल और रेहड़ी पटरी वाले कोयले की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में बड़खल मोड, बीके चौक और एनआईटी मार्केट के ढाबों में धडल्ले से तंदूर जल रहे हैं। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद में भी कई जगह कूड़ा जलाया जा रहा है।
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