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Faridabad News: 20 मिनट में पहुंच जाएंगे फरीदाबाद से गुरुग्राम, नमो भारत बदलेगी तस्वीर
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16 किमी के कॉरिडोर में एक किमी भूमिगत चलेगी नमो भारत, बाटा चौक स्टेशन पर बनेगा इंटरचेंज
राहुल राज
फरीदाबाद। नमो भारत आरआरटीएस ट्रेन की रफ्तार शहर में जमीन के ऊपर ही नहीं, नीचे भी होगी। फरीदाबाद में प्रस्तावित करीब 16 किलोमीटर के कॉरिडोर में लगभग एक किलोमीटर हिस्सा भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगा, जबकि बाकी 15 किलोमीटर रूट एलिवेटेड रहेगा। नमो भारत रेल कॉरिडोर बाटा चौक से सेक्टर-12 तक भूमिगत रहेगा।
बाटा चौक पर नमो भारत का स्टेशन भी भूमिगत बनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस स्टेशन को दिल्ली मेट्रो से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को दोनों सेवाओं के बीच इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। नमो भारत कॉरिडोर सैनिक कॉलोनी से शुरू होकर एनआईटी और ग्रेटर फरीदाबाद के विभिन्न सेक्टरों को जोड़ते हुए बादशाहपुर तक पहुंचेगा। जिले में नमो भारत आरआरटीएस के दो स्टेशन बनाए जाएंगे। पहला स्टेशन बाटा चौक पर और दूसरा सेक्टर-85/86 में प्रस्तावित है। इसके बाद कॉरिडोर नोएडा में प्रवेश करेगा।
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परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही ट्रैक पर नमो भारत के साथ लोकल मेट्रो चलाई जाएगी। इससे फरीदाबाद के लोगों को शहर के भीतर आवागमन के साथ गुरुग्राम पहुंचने में आसानी होगी। नमो भारत आरआरटीएस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये है। आरआरटीएस के प्रस्तावित कॉरिडोर में जिले के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। मेट्रो रूट सैनिक कॉलोनी से शुरू होकर एनआईटी-3, एनआईटी-1 और बाटा चौक से गुजरेगा। इसके बाद कॉरिडोर सेक्टर-12/13/14/15, सेक्टर-80, सेक्टर-81/82, सेक्टर-85/86 और सेक्टर-88/89 को जोड़ेगा। फरीदाबाद जिले में बादशाहपुर आखिरी स्टेशन होगा। यहां से कॉरिडोर आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा में प्रवेश करेगा। मेट्रो स्टेशन का निर्माण होने से स्थानीय यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाने में आसानी होगी।
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हर सात से दस मिनट के अंतराल पर ट्रेनें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव
नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर बनने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद का सफर करीब 20 मिनट में पूरा होगा। फिलहाल सड़क मार्ग से दोनों शहरों के बीच आने-जाने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। ऐसे में यह कॉरिडोर दोनों शहरों के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी का नया विकल्प बनेगा। प्रस्तावित कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें लगभग 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनें हर सात से दस मिनट के अंतराल पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। परियोजना का निर्माण दिसंबर 2026 तक शुरू किया जाएगा और साल 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्जन
नमो भारत आरआरटीएस का करीब एक किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा। परियोजना को लेकर फिलहाल किसी तरह की समस्या नहीं है। सभी स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। -संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, एचएसवीपी