खुला राजा का राज: ईरान में किडनी बेच चुका किडनी कांड का सूत्रधार, इसलिए जानता था ट्रांसप्लांट के खेल का हर दाव
आरोपी ने पुलिस को बताया वह साल 2011 में ईरान जाकर अपनी किडनी बेच चुका है। इसी कारण आरोपी को किडनी ट्रांसप्लांट में होने वाले खेल के बारे में जानकारी थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पति को सरकारी नौकरी का झांसा देकर किडनी ट्रांसप्लांट करने के मामले में एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने रैकेट के मुख्य सूत्रधार राजा को बिहार से गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पुलिस को बताया वह साल 2011 में ईरान जाकर अपनी किडनी बेच चुका है। इसी कारण आरोपी को किडनी ट्रांसप्लांट में होने वाले खेल के बारे में जानकारी थी।
पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपी से फर्जी दस्तावेजों के बारे में जानकारी हासिल की है। आरोपी ने बताया उसने फर्जी आधार कार्ड और पेन कार्ड बनवाने में मदद की थी। आरोपी द्वारा बनवाए गए पेन कार्ड का इस्तेमाल शिकायत कर्ता महिला ने किया था। पुलिस आरोपी को दिल्ली भी लेकर गई थी। बिहार से आने के बाद आरोपी जिस-जिस स्थान पर आकर ठहरा था सभी की निशानदेही कराई गई है।
सेक्टर-16 चौकी प्रभारी एसआई उमेद ने बताया आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया कि फेसबुक के जरिए उसकी पहचान शिकायतकर्ता रिंकी सौरोत से हुई थी। महिला ने किडनी दान करने के लिए एक फेसबुक पेज पर कमेंट किया था। आरोपी राजा ने उसी के माध्यम से महिला से संपर्क साधा था। साल 2020 में दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई थी। ऑपरेशन के दौरान आरोपी फरीदाबाद में नहीं था।
एसआई उमेद का कहना है आरोपी राजा की एक किडनी नहीं है। वह कहां गई वह उनकी जांच का विषय नहीं है। फरीदाबाद में दर्ज केस से संबंधित जानकारी लेने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपी की तरफ से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता रविंद्र नागर ने बताया राजा की एक ही किडनी है। साल 2011 में वह ईरान गया था वहीं उसका ऑपरेशन हुआ था। कितने रुपये में किडनी का सौदा हुआ इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
ये है पूरा मामला
पलवल निवासी रिंकी सौरोत ने सेक्टर-16 चौकी में दी शिकायत में बताया कि वह पति के साथ बल्लभगढ़ में रहती है। करीब दो साल पहले पति के फेसबुक अकाउंट पर किडनी दान करने का विज्ञापन देखा था। उसने गलती से उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने रिंकी से संपर्क किया तो उन्होंने किडनी दान करने से मना कर दिया। आरोपियों ने रिंकी के पति की सरकारी नौकरी लगाने का झांसा दिया। महिला किडनी देने के लिए तैयार हो गई।
पीड़िता का कहना है किडनी दिल्ली के विनोद मंगोत्रा नामक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट की जानी थी। नियम के तहत परिवार का सदस्य ही किडनी दान कर सकता है। आरोपियों ने विनोद की पत्नी अंबिका के नाम से रिंकी का फर्जी आधार कार्ड और शादी पंजीकरण सर्टिफिकेट बनवाए। सेक्टर-16 क्यूआरजी अस्पताल में रिंकी की किडनी विनोद को ट्रांसप्लांट कर दी। आरोप है क्यूआरजी अस्पताल की मिलीभगत से सारा काम हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।