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पीटीआई 14 अगस्त को देंगे परिवार सहित गिरफ्तारी
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फरीदाबाद। नई भर्ती के लिए 23 अगस्त को रखी गई परीक्षा को रद्द करने और बर्खास्त पीटीआई को बहाल करने की मांग के लिए अध्यापक 14 अगस्त को परिवार सहित गिरफ्तारी देंगे। इनमें अन्य सभी विभागों के कर्मचारी भी शामिल होंगे। यह निर्णय बुधवार को सेक्टर-7 स्थित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उप प्रधान अतर सिंह केसवाल ने की। मंच संचालक सचिव बलबीर बालगुहेर ने किया है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिक्त पदों के बारे गलत जानकारी देने और कमजोर पैरवी करने की वजह से पीटीआई अध्यापक सुप्रीम कोर्ट में मामला हारे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार बर्खास्त 1983 पीटीआई की सेवा बहाली के सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की बजाय अपने कृत्यों पर पर्दा डालने के लिए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के अंतिम दौर में सरकार से राज्य में पीटीआई अध्यापकों के रिक्त पदों के बारे में जानकारी मांगी थी, जिससे 68 याचिकाकर्ताओं को रिक्त पदों पर समायोजित कर पीटीआई भर्ती को नियमित किया जा सके।
सरकार के निर्देश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 29 जनवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट में पीटीआई अध्यापकों का कोई भी पद रिक्त न होने का हलफनामा दाखिल किया गया, जबकि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी, 2020 को 1612 पद टीजीटी फिजिकल एजुकेशन (पीटीआई का बदला हुआ पदनाम) के पद रिक्त थे। पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। जब तक फैसला नहीं आ जाता सरकार को नई भर्ती प्रक्रिया को रोकना चाहिए। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शास्त्री, युद्धवीर खत्री, नीरज ढकोलिया, सुभाष देशवाल आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिक्त पदों के बारे गलत जानकारी देने और कमजोर पैरवी करने की वजह से पीटीआई अध्यापक सुप्रीम कोर्ट में मामला हारे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार बर्खास्त 1983 पीटीआई की सेवा बहाली के सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की बजाय अपने कृत्यों पर पर्दा डालने के लिए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के अंतिम दौर में सरकार से राज्य में पीटीआई अध्यापकों के रिक्त पदों के बारे में जानकारी मांगी थी, जिससे 68 याचिकाकर्ताओं को रिक्त पदों पर समायोजित कर पीटीआई भर्ती को नियमित किया जा सके।
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सरकार के निर्देश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 29 जनवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट में पीटीआई अध्यापकों का कोई भी पद रिक्त न होने का हलफनामा दाखिल किया गया, जबकि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी, 2020 को 1612 पद टीजीटी फिजिकल एजुकेशन (पीटीआई का बदला हुआ पदनाम) के पद रिक्त थे। पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। जब तक फैसला नहीं आ जाता सरकार को नई भर्ती प्रक्रिया को रोकना चाहिए। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शास्त्री, युद्धवीर खत्री, नीरज ढकोलिया, सुभाष देशवाल आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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