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Faridabad News: सेक्टर 21-ए में रोजाना बिजली कटौती से बढ़ रही परेशानी
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निवासियों ने डीएचबीवीएन पर साधा निशाना, तकनीकी समाधान की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-46 और सेक्टर-21डी के पावर हाउस से सप्लाई लेने वाले सेक्टर 21-ए में लगातार घंटों की बिजली कटौती अब रोजमर्रा की समस्या बन गई है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि पावर कट के चलते घरेलू कामकाज ठप हो रहे हैं और इन्वर्टर बैकअप भी जवाब देने लगा है।
डीएचबीवीएन के अधिकारी केवल आरडब्ल्यूए के व्हाट्सएप ग्रुप में पावर कट की अनुमानित सूचना भेजकर अपना कर्तव्य निभा लेने की औपचारिकता कर रहे हैं जबकि जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता युगल किशोर शर्मा, रितेश गुप्ता, संदीप सैनी और एचएस मिश्रा सहित अन्य लोगों ने बताया कि इलाके में जर्जर और लटकते बिजली के तार बरसात के मौसम में और भी खतरनाक हो जाते हैं। अक्सर इनमें स्पार्किंग और टूटने से शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन जाती है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।
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निवासियों ने बताया कि विधानसभा चुनावों के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की बात कही थी लेकिन सेक्टर 21-ए में अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का आरोप है कि डीएचबीवीएन के वादे और दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बिजली सप्लाई को सुचारु करने के लिए ठोस तकनीकी उपाय किए जाएं और झूलते तारों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-46 और सेक्टर-21डी के पावर हाउस से सप्लाई लेने वाले सेक्टर 21-ए में लगातार घंटों की बिजली कटौती अब रोजमर्रा की समस्या बन गई है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि पावर कट के चलते घरेलू कामकाज ठप हो रहे हैं और इन्वर्टर बैकअप भी जवाब देने लगा है।
डीएचबीवीएन के अधिकारी केवल आरडब्ल्यूए के व्हाट्सएप ग्रुप में पावर कट की अनुमानित सूचना भेजकर अपना कर्तव्य निभा लेने की औपचारिकता कर रहे हैं जबकि जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता युगल किशोर शर्मा, रितेश गुप्ता, संदीप सैनी और एचएस मिश्रा सहित अन्य लोगों ने बताया कि इलाके में जर्जर और लटकते बिजली के तार बरसात के मौसम में और भी खतरनाक हो जाते हैं। अक्सर इनमें स्पार्किंग और टूटने से शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन जाती है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।
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निवासियों ने बताया कि विधानसभा चुनावों के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की बात कही थी लेकिन सेक्टर 21-ए में अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का आरोप है कि डीएचबीवीएन के वादे और दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बिजली सप्लाई को सुचारु करने के लिए ठोस तकनीकी उपाय किए जाएं और झूलते तारों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।