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डेंगू-मलेरिया के साथ चिकनगुनिया पर नियंत्रण की तैयारी
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फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू मलेरिया के साथ चिकनगुनिया के मामलों पर काबू पाने के लिए बैठक बुलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पूनिया की अध्यक्षता में डेंगू-मलेरिया के साथ चिकनगुनिया को नियंत्रित करने की रणनीति बनाई गई। जिले में इस वर्ष अब तक मलेरिया के चार मामले मिल चुके हैं।
डॉ. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग उन जगहों की सूची नगर निगम को सौंपकर गड्ढों में भरे पानी को खाली करवाने का काम करेगा। अधिक से अधिक स्लाइड तैयार कर अधिक मरीजों को ट्रैस करने की योजना है। बरसात के दिनों में डेंगू, मलेरिया के अलावा चिकनगुनिया के मामले भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों को सक्रिय रखा गया है। इस मौके पर डॉ. गजराज आदि मौजूद रहे।
यमुना किनारे बसे गांवों पर ज्यादा ध्यान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यमुना नदी के निकटवर्ती गांव में जल्द ही अभियान शुरू करेंगे। पांच साल का रिकॉर्ड बताता है कि यमुना नदी के पास के गांवों से सबसे अधिक मलेरिया के मामले आते हैं। अभी से सक्रिय रहने पर बारिश के दिनों में डेंगू-मलेरिया को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी। कुछ गांवों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। इसमें मोहना, छांयसा, चांदपुर, अरुआ, ददसिया, फज्जूपुर, शाहूपुरा खादर, किड़ावली, लालपुर और मंझावली गांव हैं। नोडल अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि पहले नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद जुर्माना वसूला जाएगा।
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डॉ. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग उन जगहों की सूची नगर निगम को सौंपकर गड्ढों में भरे पानी को खाली करवाने का काम करेगा। अधिक से अधिक स्लाइड तैयार कर अधिक मरीजों को ट्रैस करने की योजना है। बरसात के दिनों में डेंगू, मलेरिया के अलावा चिकनगुनिया के मामले भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों को सक्रिय रखा गया है। इस मौके पर डॉ. गजराज आदि मौजूद रहे।
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यमुना किनारे बसे गांवों पर ज्यादा ध्यान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यमुना नदी के निकटवर्ती गांव में जल्द ही अभियान शुरू करेंगे। पांच साल का रिकॉर्ड बताता है कि यमुना नदी के पास के गांवों से सबसे अधिक मलेरिया के मामले आते हैं। अभी से सक्रिय रहने पर बारिश के दिनों में डेंगू-मलेरिया को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी। कुछ गांवों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। इसमें मोहना, छांयसा, चांदपुर, अरुआ, ददसिया, फज्जूपुर, शाहूपुरा खादर, किड़ावली, लालपुर और मंझावली गांव हैं। नोडल अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि पहले नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद जुर्माना वसूला जाएगा।
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