फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Preparations intensified to tackle waterlogging before monsoon

Faridabad News: मानसून से पहले जलभराव से निपटने की तैयारी तेज

Tue, 21 Apr 2026 10:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:43 PM IST
विज्ञापन
Preparations intensified to tackle waterlogging before monsoon
उपायुक्त ने शहर के विभिन्न संवेदनशील और महत्वपूर्ण बिंदु का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आगामी मानसून को देखते हुए फरीदाबाद में जलभराव और सीवरेज की पुरानी समस्या से निपटने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त आयुष सिन्हा ने शहर के विभिन्न संवेदनशील और महत्वपूर्ण बिंदु का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण कर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इस बार किसी भी हाल में जलभराव की स्थिति न बने। सराय मेट्रो स्टेशन से लेकर बाटा चौक, सीकरी ड्रेन, एनएच-19 संत नगर और औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-59 तक किए गए निरीक्षण में उन्होंने जल निकासी व्यवस्था, सीवर नेटवर्क और ड्रेनेज सिस्टम को करीब से परखा।

निरीक्षण के दौरान साफ हुआ कि कई जगहों पर तकनीकी खामियों, पुराने नेटवर्क और विभागीय देरी के कारण हर साल बारिश में हालात बिगड़ते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए डीसी ने सभी विभागों एनएचएआई, एफएमडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और पंचायती राज को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार केवल अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि स्थायी समाधान पर काम किया जाए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।
विज्ञापन


नए उच्च क्षमता के पंप और मशीनरी से बढ़ेगी जल निकासी क्षमता
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल पुराने पंपों के भरोसे नहीं रहा जाएगा। मौजूदा पंपिंग सिस्टम के साथ 15,000 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले नए पंप लगाए जाएंगे। इसके साथ अतिरिक्त मशीनरी भी जोड़ी जाएगी ताकि तेज बारिश के दौरान भी पानी तेजी से निकाला जा सके और सड़कों पर जलभराव की स्थिति न बने। डीसी ने निर्देश दिए कि मौजूदा पंपिंग क्षमता का सही आंकलन कर उसे बढ़ाया जाए और जरूरत पड़ने पर ज्यादा क्षमता वाले पंप जोड़े जाएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भारी बारिश के दौरान भी पानी जमा न हो और शहर का ड्रेनेज सिस्टम दबाव में न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीपीआर तकनीक का होगा इस्तेमाल
शहर में कई जगह पुरानी और दब चुकी सीवर लाइनों की वजह से निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे देखते हुए डीसी ने जीपीआर तकनीक के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। इस तकनीक के जरिए जमीन के नीचे 6-7 मीटर तक दबी लाइनों को आसानी से खोजा जा सकेगा और उनकी सफाई व मरम्मत समय पर हो पाएगी, जिससे जलभराव की समस्या कम होगी।

जहां ग्रैविटी फेल, वहां बनेंगे मल्टीपल डिस्पोजल पॉइंट
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में केवल ग्रैविटी के जरिए पानी की निकासी संभव नहीं है। ऐसे स्थानों पर डीसी ने एक ही पंप पर निर्भर रहने के बजाय कई निकासी प्वाइंट बनाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रीन बेल्ट और ड्रेन के आसपास खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर नए आउटलेट विकसित करने को कहा गया, ताकि पानी का दबाव एक जगह न पड़े और तेजी से निकासी हो सके।

एनएचएआई की लाइनों के साथ बेहतर तालमेल
एनएचएआई द्वारा पहले से डाली गई स्टॉर्म वॉटर और सीवर लाइनों को लेकर भी बैठक में अहम चर्चा हुई। डीसी ने निर्देश दिए कि कॉलोनियों और गलियों की सीवर लाइनों को मुख्य ट्रंक लाइन से इस तरह जोड़ा जाए कि बारिश का पानी और सीवेज आपस में मिक्स न हो। इससे ड्रेनेज सिस्टम पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और गंदगी फैलने की समस्या भी कम होगी।


खुले मैनहोल पर जालियां लगेंगी
शहर में खुले मैनहोल और ड्रेनेज पॉइंट्स भी खतरा बने हुए हैं। डीसी ने इन्हें तुरंत कवर करने के लिए जालियां लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरओबी के पास और प्रमुख डिस्पोजल पॉइंट्स पर नए टेंडर की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर काम शुरू करने को कहा गया, ताकि मानसून से पहले सभी जरूरी ढांचा तैयार हो सके। डीसी आयुष सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा कि जिन इलाकों में समस्या आसानी से हल हो सकती है, वहां अगर विभागीय लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन अब संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पहले से ही तैयारी सुनिश्चित करेगा, ताकि समस्या पैदा होने से पहले ही उसका समाधान कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान एचएसवीपी के वरिष्ठ अधिकारी संदीप दहिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed