{"_id":"68c1cf417a10b4ebd8038e35","slug":"preparation-to-explain-the-importance-of-environmental-protection-and-wildlife-with-the-help-of-art-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-51059-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: कला की मदद से पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के महत्व समझाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: कला की मदद से पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के महत्व समझाने की तैयारी
विज्ञापन
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में प्रकृति के बचाव के लिए कला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। वन विभाग ने असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य और इसके इको सेंसिटिव जोन में पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए नई पहल की है। इसके तहत विभाग स्लोगन राइटिंग, वॉल पेंटिंग, म्यूरल आर्ट, आयरन बोर्ड और फ्लेक्स लगाने का काम करेगा।
वन विभाग का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में लोगों को संरक्षण के प्रति जोड़ने के लिए दृश्य संदेश और कला सबसे सशक्त माध्यम है। अभयारण्य के अंदर और आसपास के इलाकों में दीवारों पर स्लोगन और कलात्मक पेंटिंग बनाकर पर्यावरण और वन्य जीवों के महत्व को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही लोहे के बोर्ड और फ्लेक्स के ज़रिए भी साफ संदेश दिए जाएंगे कि इको सेंसिटिव जोन में प्रदूषण, प्लास्टिक, अवैध शिकार या पेड़ों को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
विज्ञापन
फरीदाबाद। असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में प्रकृति के बचाव के लिए कला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। वन विभाग ने असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य और इसके इको सेंसिटिव जोन में पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए नई पहल की है। इसके तहत विभाग स्लोगन राइटिंग, वॉल पेंटिंग, म्यूरल आर्ट, आयरन बोर्ड और फ्लेक्स लगाने का काम करेगा।
वन विभाग का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में लोगों को संरक्षण के प्रति जोड़ने के लिए दृश्य संदेश और कला सबसे सशक्त माध्यम है। अभयारण्य के अंदर और आसपास के इलाकों में दीवारों पर स्लोगन और कलात्मक पेंटिंग बनाकर पर्यावरण और वन्य जीवों के महत्व को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही लोहे के बोर्ड और फ्लेक्स के ज़रिए भी साफ संदेश दिए जाएंगे कि इको सेंसिटिव जोन में प्रदूषण, प्लास्टिक, अवैध शिकार या पेड़ों को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
विज्ञापन