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टीकाकरण में महिलाओं व शिक्षण संस्थानों को वरियता
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फरीदाबाद। टीकाकरण के लिए जनता की परेशानी इन दिनों कम होती नहीं दिखाई दे रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग रणनीति बदलकर न सिर्फ लोगों का उत्साह बनाए रखने की कोशिशों में जुटा है, बल्कि सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। इन दिनों महिलाओं को वरीयता दी जा रही है। इसी के साथ अब शिक्षण संस्थानों में सौ फीसदी टीकाकरण की तैयारी है।
दूसरी डोज के लिए अलग केंद्र बनाने का पायलट प्लान बीके अस्पताल में सफल हो रहा है। इस केंद्र पर महज दो मिनट में लोग कोरोनारोधी वैक्सीन लगवा ले रहे हैं। ऐसे में विभागीय रणनीति और टीकाकरण की उपलब्धता वैक्सीनेशन की लिए मारामारी कम करते नजर आ रहे हैं।
मंगलवार को जिले में 20 सरकारी व 10 निजी केंद्रों पर 7836 लोगों ने टीकाकरण कराया। इस दौरान लोगों में उत्साह रहा। अब विभाग शिक्षण संस्थानों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए फोकस है। शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थियों सहित शिक्षक व अन्य सहयोगी स्टाफ का वैक्सीनेशन करने की तैयारी है। इसके लिए शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया है। जल्द ही चिन्हित केंद्रों पर केवल शिक्षण संस्थान के लिए टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे। कॉलेज में इन दिनों ऑनलाइन दाखिला आवेदन जारी हैं।
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माताएं पूछती हैं कई सवाल
टीकाकरण में इन दिनों महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों के साथ केंद्र पर पहुंचने वाली माताओं को अलग से टीकाकरण किया जा रहा है। स्तनपान कराने वाली महिलाएं टीकाकरण के बाद अपने बच्चों की सेहत के लिए चिंतित हैं। बीके अस्पताल के महिला केंद्र पर तैनात वैक्सीनेटर प्रीति और सोनिया बताती हैं कि लगभग हर महिला यह जानना चाहती है कि टीकाकरण के बाद बच्चे को कब दूध पिलाएं। बच्चे की सेहत पर कोई बुरा असर तो नहीं होगा। यदि बुखार आएगा तो इससे बच्चा संक्रमित तो नहीं होगा। ऐसे में एक महिला करीब तीन से चार मिनट तक कई तरह के सवालों में समय ले रही है। ऐसे महिलाओं को अलग से लाइन लगाकर समझाया जा रहा है। उन्हें हर संभव जानकारी के बाद ही वैक्सीनेट किया जा रहा है।
गांव साहपुर कला में महिलाओं के लिए लगाया शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को गांव साहपुर कलां में महिलाओं के लिए विशेष रूप से शिविर लगाया गया। टीकाकरण अभियान प्रभावी हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। महिलाओं और दूसरी डोज वालों के लिए अलग केंद्र लगाए जा रहे हैं। इससे अन्य लोगों को भी जल्दी टीकाकरण का मौका मिल रहा है। प्रयास है टीकाकरण संबंधी हर परेशानी का उचित प्रबंधन किया जाए।
- डॉ. राजेश श्योकंद, टीकाकरण नोडल अधिकारी
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दूसरी डोज के लिए अलग केंद्र बनाने का पायलट प्लान बीके अस्पताल में सफल हो रहा है। इस केंद्र पर महज दो मिनट में लोग कोरोनारोधी वैक्सीन लगवा ले रहे हैं। ऐसे में विभागीय रणनीति और टीकाकरण की उपलब्धता वैक्सीनेशन की लिए मारामारी कम करते नजर आ रहे हैं।
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मंगलवार को जिले में 20 सरकारी व 10 निजी केंद्रों पर 7836 लोगों ने टीकाकरण कराया। इस दौरान लोगों में उत्साह रहा। अब विभाग शिक्षण संस्थानों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए फोकस है। शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थियों सहित शिक्षक व अन्य सहयोगी स्टाफ का वैक्सीनेशन करने की तैयारी है। इसके लिए शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया है। जल्द ही चिन्हित केंद्रों पर केवल शिक्षण संस्थान के लिए टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे। कॉलेज में इन दिनों ऑनलाइन दाखिला आवेदन जारी हैं।
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माताएं पूछती हैं कई सवाल
टीकाकरण में इन दिनों महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों के साथ केंद्र पर पहुंचने वाली माताओं को अलग से टीकाकरण किया जा रहा है। स्तनपान कराने वाली महिलाएं टीकाकरण के बाद अपने बच्चों की सेहत के लिए चिंतित हैं। बीके अस्पताल के महिला केंद्र पर तैनात वैक्सीनेटर प्रीति और सोनिया बताती हैं कि लगभग हर महिला यह जानना चाहती है कि टीकाकरण के बाद बच्चे को कब दूध पिलाएं। बच्चे की सेहत पर कोई बुरा असर तो नहीं होगा। यदि बुखार आएगा तो इससे बच्चा संक्रमित तो नहीं होगा। ऐसे में एक महिला करीब तीन से चार मिनट तक कई तरह के सवालों में समय ले रही है। ऐसे महिलाओं को अलग से लाइन लगाकर समझाया जा रहा है। उन्हें हर संभव जानकारी के बाद ही वैक्सीनेट किया जा रहा है।
गांव साहपुर कला में महिलाओं के लिए लगाया शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को गांव साहपुर कलां में महिलाओं के लिए विशेष रूप से शिविर लगाया गया। टीकाकरण अभियान प्रभावी हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। महिलाओं और दूसरी डोज वालों के लिए अलग केंद्र लगाए जा रहे हैं। इससे अन्य लोगों को भी जल्दी टीकाकरण का मौका मिल रहा है। प्रयास है टीकाकरण संबंधी हर परेशानी का उचित प्रबंधन किया जाए।
- डॉ. राजेश श्योकंद, टीकाकरण नोडल अधिकारी