फरीदाबाद। कोरोना महामारी को लेकर जमीनी हकीकत से ज्यादा फर्जी मैसेज इन दिनों इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहे हैं। इन मैसेज का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। लोगों में इसको लेकर गलत जानकारी न जाए इसके लिए साइबर सेल की एक टीम इंटरनेट पर निगाह रखे हुए है। यह टीम फर्जी मैसेज वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
इसके साथ ही फरीदाबाद पुलिस द्वारा दिल्ली जा रहे ऑक्सीजन के टैंकरों को रोके जाने के ट्वीट का पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने खंडन किया है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि वायरल हो रहा ये ट्वीट सच्चाई से परे है। इस तरह के मैसेज पुलिस की छवि को खराब करने का काम कर रहे हैं। पुलिस ट्वीट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विशेषज्ञों से राय ले रही है। दरअसल शुक्रवार सुबह सिद्धार्थ नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया था कि फरीदाबाद पुलिस ने द्वारका के आकाश अस्पताल में जा रहे आक्सीजन के टैंकरों को गैर कानूनी तरीके से रोका। इससे अस्पताल में भर्ती 230 मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। यूजर ने यह ट्वीट मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गृहमंत्री अनिल विज और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी टैग किया। शुक्रवार को पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर सेल की एक टीम इंटरनेट पर नजर रखे हुए है। यह टीम इंटरनेट मीडिया पर अफवाह या झूठ फैलाकर सनसनी फैलाने वालों की पहचान करने के बाद उन पर कार्रवाई करेगी।