पत्रकार मौत मामला: इस तकनीक से अनसुलझे सवालों के उत्तर खोजेगी पुलिस
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पत्रकार पूजा तिवारी की मौत आत्महत्या थी या साजिशन हत्या? घटनास्थल के हालात आरोपी इंस्पेक्टर अमित और सहेली अमरीन खान के बयान काफी जुदा नजर आ रहे हैं।
मौत की सच्चाई जानने के लिए पुलिस को कई अनसुलझे सवालों के जवाब खोजने होंगे। क्राइम सीन री-क्रिएट कर पुलिस को कई अहम जवाब मिलेंगे। पुलिस इसकी तैयारी मेें जुटी है।
पूजा सदभावना अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 509 की बालकनी से गिरी थी। इंस्पेक्टर अमित के मुताबिक, पूजा ने बालकनी से छलांग लगाई थी उसने हाथ पकड़ा लेकिन फिसलने की वजह से पूजा जमीन पर गिरी।
बताते चलें कि बालकनी की ग्रिल करीब साढ़े तीन फीट ऊंची है। अमरीन ने बताया कि वह दोनों को हॉल में छोड़कर अपने कमरे में चली गई थी, वह कुंडी भी नहीं लगा पाई थी कि अमित ने उसे घटना की जानकारी दी।
इसका अर्थ हुआ कि जितनी देर में अमरीन अपने कमरे में गई उतनी देर में पूजा हॉल से बालकनी तक गई और साढ़े तीन फीट ऊंची बालकनी पर चढ़कर ग्रिल पकड़कर लटक गई, इतनी देर में ही अमित ने पूजा का हाथ भी पकड़ा और वह फिसल कर नीचे जा गिरी, अमरीन कुंडी बंद भी नहीं कर सकी और अमित वापस उसके कमरे तक जानकारी देने पहुंच गया।
पेट और जांघ में थे खरोंच के निशान
ऐसे में उसके पेट और जांघ में खरोंच आने की संभावना काफी कम है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पैरों में कोई चोट नहीं थी एक हाथ की हड्डी टूटी थी। ग्रिल से लटका व्यक्ति सीधे ही जमीन पर गिरता है।
यदि ऐसा होता तो नीचे के फ्लैटों में कपड़ा सुखाने के लिए करीब डेढ़ फुट बाहर लगाई गई रस्सियों मेें उसे फंसना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसका शव बालकनी से करीब ढाई फुट दूर समानांतर पड़ा हुआ था।
अमरीन भी है महत्वपूर्ण कड़ी
पूजा की सहेली अमरीन घटना के बाद इंदौर वापस लौट गई हैं और उनका फोन भी स्विच ऑफ है। पूजा की मौत के मामले में पुलिस को अमरीन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हो सकती हैं।
मालूम हो कि अमरीन 22 मई से पूजा के साथ उस फ्लैट में रह रही थी। एक सप्ताह में पूजा और अमित के बीच क्या बातें होती थीं, दोनों के बीच क्या संबंध थे।
घटना की रात क्या माहौल इतना खराब हो गया था कि पूजा जान दे देती। क्या अमरीन ने किसी दबाव में पुलिस को यह बयान दर्ज कराए उसके सामने आने पर ही यह सच्चाई सामने आएंगी।