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सात बिंदुओं पर काम कर वाहन चोरों को काबू करेगी पुलिस
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police ready with his plan to grabs vehicle thief
फरीदाबाद। लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने खास प्लान तैयार किया है। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने सात बिंदुओं पर खास ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त का कहना है कि एसीपी क्राइम अनिल कुमार वाहन चोरी रोकने के अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। सभी थाना और क्राइम ब्रांच प्रभारी योजना पर अमल करें। पुलिस आयुक्त ने एक माह में वाहन चोरी पर अंकुश लगाने का लक्ष्य दिया है। फिलहाल जिले में रोजाना करीब पांच से छह वाहन चोरी हो रहे हैं।
गश्त : ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएंगे जहां से वाहनों की सबसे अधिक चोरियां हो रही हैं। यह भी देखा जाएगा कि किस समयावधि में ज्यादा चोरी हुई। स्थान और समय को ध्यान में रखकर थाना पुलिस गश्त करेगी।
जागरूकता : सभी थाना पुलिस अपने क्षेत्र में लोगों को वाहन चोरी रोकने के लिए जागरूक करेंगी। उन्हें सेफ्टी लॉक, जीपीएस, एंटी थेफ्ट अलार्म के बारे में बताया जाएगा।
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पार्किंग : पुलिस नगर निगम अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पार्किंग बनाने का प्रयास करेगी। ज्यादातर वाहन बिना पार्किंग इधर-उधर खड़े किए जाने पर चोरी होते हैं। पार्किंग की सुविधा होगी तो वाहन चोरों की कमी आएगी।
निगरानी: सभी थाना और क्राइम ब्रांच टीमें ऐसे चोरों की सूची बनाएंगी जो पहले वाहन चोरी में सक्रिय रहे थे। उनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी कि वे इस समय जेल में हैं या बाहर। अगर वे बाहर हैं तो उनकी निगरानी की जाएगी।
कार्रवाई : इसके तहत चोरी के वाहन खरीदने वालों की जानकारी गुप्तचर विभाग जुटाएगा। इसमें मुखबिरों की भी सहायता ली जाएगी। इनसे चोरों के बारे में जानकारी जुटाकर चोरी के वाहन बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
नाकाबंदी : जिस स्थान और समयावधि में अधिक वाहन चोरी हो रहे हैं, उनके आस-पास क्राइम ब्रांच की टीमें नाकाबंदी करेंगी। संदिग्ध लोगों से पूछताछ होगी।
सूची बनेगी : सभी थाना और क्राइम ब्रांचों को वाहनों के पुराने टायर व कलपुर्जे बेचने वाले लोगों की सूची तैयार करने को कहा गया है। इन लोगों पर पुलिस की टीमें निगरानी करेंगी और कार्रवाई करेंगी।
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गश्त : ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएंगे जहां से वाहनों की सबसे अधिक चोरियां हो रही हैं। यह भी देखा जाएगा कि किस समयावधि में ज्यादा चोरी हुई। स्थान और समय को ध्यान में रखकर थाना पुलिस गश्त करेगी।
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जागरूकता : सभी थाना पुलिस अपने क्षेत्र में लोगों को वाहन चोरी रोकने के लिए जागरूक करेंगी। उन्हें सेफ्टी लॉक, जीपीएस, एंटी थेफ्ट अलार्म के बारे में बताया जाएगा।
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पार्किंग : पुलिस नगर निगम अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पार्किंग बनाने का प्रयास करेगी। ज्यादातर वाहन बिना पार्किंग इधर-उधर खड़े किए जाने पर चोरी होते हैं। पार्किंग की सुविधा होगी तो वाहन चोरों की कमी आएगी।
निगरानी: सभी थाना और क्राइम ब्रांच टीमें ऐसे चोरों की सूची बनाएंगी जो पहले वाहन चोरी में सक्रिय रहे थे। उनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी कि वे इस समय जेल में हैं या बाहर। अगर वे बाहर हैं तो उनकी निगरानी की जाएगी।
कार्रवाई : इसके तहत चोरी के वाहन खरीदने वालों की जानकारी गुप्तचर विभाग जुटाएगा। इसमें मुखबिरों की भी सहायता ली जाएगी। इनसे चोरों के बारे में जानकारी जुटाकर चोरी के वाहन बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
नाकाबंदी : जिस स्थान और समयावधि में अधिक वाहन चोरी हो रहे हैं, उनके आस-पास क्राइम ब्रांच की टीमें नाकाबंदी करेंगी। संदिग्ध लोगों से पूछताछ होगी।
सूची बनेगी : सभी थाना और क्राइम ब्रांचों को वाहनों के पुराने टायर व कलपुर्जे बेचने वाले लोगों की सूची तैयार करने को कहा गया है। इन लोगों पर पुलिस की टीमें निगरानी करेंगी और कार्रवाई करेंगी।