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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Pitbull tossed 12 year old Granth into air six times and sank its teeth into him in 16 places

गली का बसा डर: छह बार हवा में उछाला, 16 जगह दांत गड़ाए... अब साइकिल नहीं, डर के साए में जी रहा 12 साल का ग्रंथ

Sun, 20 Sep 2026 06:50 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद Published by: Akash Dubey Updated Sun, 20 Sep 2026 06:50 PM IST
सार

ब्लॉक-बी में 12 वर्षीय ग्रंथ पर पिटबुल ने हमला किया। कुत्ते ने उसे छह बार पटका, 16 घाव दिए। पिता जितेंद्र ने मालिक ओम के खिलाफ शिकायत की है।

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Pitbull tossed 12 year old Granth into air six times and sank its teeth into him in 16 places
पिटबुल ने बच्चे पर किया हमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एनआईटी-3 के ब्लॉक-बी की जिस गली में 12 साल का ग्रंथ दोस्तों के साथ हंसता-खेलता और साइकिल चलाता था, अब वही गली उसकी आंखों में डर बनकर बस गई है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला मासूम शुक्रवार की शाम तक बेफिक्र था। एक दोस्त को देखकर उसने साइकिल रोकी, मुस्कराया और अर्धवार्षिक परीक्षा से जुड़ी बाते करने लगा। तभी पास के मकान का गेट खुला और पिटबुल ने उस पर हमला कर दिया। ग्रंथ कुछ समझ पाता, उससे पहले कुत्ता उसे दबोच चुका था। परिजनों के मुताबिक, पिटबुल ने उसे एक-दो नहीं, छह बार हवा में उछालकर जमीन पर पटका। हर बार मासूम का शरीर सख्त कंक्रीट से टकराता रहा और उसकी चीखें गली के सन्नाटे को चीरती रहीं। हमले में उसके शरीर पर 16 जगह गहरे घाव हो गए।

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उपचार के बाद ग्रंथ को कमरे के एक कोने में सहमा बैठा देखकर मां अनीता का कलेजा भर आया है। उन्होंने नम आंखों से बताया कि दिनभर खेलने-कूदने वाला बेटा अब घर के कोने में दुबका रहता है। जिस बच्चे को वह रोज साइकिल लेकर हंसते-खेलते घर से निकलते देखती थीं, आज वही बच्चा बाहर निकलने से भी डर रहा है। शरीर पर हमले के गहरे जख्म तो हैं ही, लेकिन मां के लिए सबसे बड़ा दर्द बेटे की आंखों में बसा वह खौफ है, जो उसे बार-बार उस खौफनाक घटना की याद दिला रहा है। 

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परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले ही कुत्ते के मालिक ओम से उसे बांधकर रखने की गुहार लगाई थी। जवाब मिला था कि “यह कुत्ता किसी को नहीं काटेगा।” लेकिन कुछ ही समय बाद यही भरोसा परिवार के लिए जिंदगी भर का डर बन गया। पिता जितेंद्र ने एनआईटी-3 थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। 

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ये नियम टूटे- 
गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को नियंत्रित रखने के लिए पट्टे का इस्तेमाल जरूरी है। वहीं आक्रामक नस्ल के कुत्तों के मामले में मजल लगाने की भी आवश्यकता होती है। एनआईटी-3 में 12 वर्षीय छात्र पर पिटबुल के हमले के मामले में सामने आया है कि घटना के समय कुत्ता न तो पट्टे से बंधा था और न ही उसे मजल लगाया गया था। पालतू कुत्ता रखने के लिए नगर निगम और पशु कल्याण संबंधी नियमों का पालन करना भी जरूरी है। इसके तहत स्थानीय निकाय में कुत्ते का पंजीकरण कराना होता है। चौकी इंचार्ज मनोज ने बताया कि मामले में कुत्ते से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

साल-दर-साल बढ़ रहे हैं कुत्ते के काटने के मामले- 
2026: इस साल अब तक करीब 21 हजार लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं।
2025: 28,478 डॉग बाइट के मामले सामने आए।
2024: 23,215 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए।
2023: 21,600 लोग डॉग बाइट की चपेट में आए।

कुत्तों के हमले के पुराने मामले- 

  • 13 सितंबर 2026: साहूपुरा गांव में ट्यूशन से लौट रही पांच वर्षीय दो बहनों पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। 
  • 24 जून 2026: दस वर्षीय पार्थ पर चार-पांच कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्तों ने उसे नीचे दबाकर बुरी तरह नोंचा और करीब 50 बार काटा।
  • 5 मई 2026: ग्रीन फील्ड कॉलोनी में तीन कुत्तों ने तीन वर्षीय लवण्या पर हमला कर उसे घायल कर दिया।
  • 28 दिसंबर 2025: बल्लभगढ़ के एक पार्क के पास काम कर रहे सलमान पर कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया।
  • 14 दिसंबर 2025: एनआईटी क्षेत्र में दीप चंद के दो बच्चों दक्ष और महक पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दोनों को बुरी तरह घायल कर दिया।
  • 21 नवंबर 2025: फतेहपुर चंदीला की गली में घर के बाहर खड़ी किरण पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
  • 10 अगस्त 2025: ग्रेटर फरीदाबाद की ओमेक्स न्यू डिस्टा सोसाइटी में डॉग फीडिंग विवाद को लेकर आरडब्ल्यूए और एक महिला के बीच विवाद हुआ। महिला पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
  • 1 मई 2023: अनंगपुर गांव में पड़ोसी के पिटबुल ने 55 वर्षीय सुमरती पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। 

पिटबुल हमला: सेक्टर-57 में दूध लेने गए राजीव कॉलोनी निवासी पदम सिंह पर प्रतिबंधित पिटबुल ने हमला कर पैर बुरी तरह जख्मी कर दिया। उपचार के बाद उन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया और एमएलआर तैयार की गई।

डॉग पालने के लिए नगर निगम में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, 15 हजार जुर्माने का प्रावधान
फरीदाबाद में घर पर डॉग पालने के लिए नगर निगम में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। निगम मुख्यालय स्थित एमओएच ऑफिस में 1500 रुपये शुल्क देकर आवेदन किया जा सकता है। जांच के बाद 15 से 30 दिन में प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। रजिस्ट्रेशन हर साल रिन्यू कराना होगा, जिसकी फीस 1000 रुपये है। इसके लिए सरल पोर्टल पर आवेदन करना होता है। डॉग पालक को नियमों के पालन का शपथ-पत्र भी देना होता है। शहर में करीब 20 हजार लोग डॉग पालते हैं, लेकिन निगम के पास रिकॉर्ड नहीं है।

दो साल में 10 हजारा कुत्तों का हुआ नसबंदी-
नगर निगम के पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम के तहत जिले में आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण का अभियान जारी है। कार्यक्रम की प्रभारी वृंदा शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में करीब 10 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है। फिलहाल एसी नगर, एसजीएम नगर और सिही गांव सहित उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जहां पहले नसबंदी की दर कम थी।

नियमों के अनुसार, नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के बाद कुत्तों को उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। जिले में करीब 50 हजार लावारिस कुत्ते होने का अनुमान है। नगर निगम का उद्देश्य नसबंदी और टीकाकरण के माध्यम से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के साथ रेबीज के खतरे को कम करना है।

शहर में नहीं है एक भी डॉग शेल्टर- 
स्मार्ट सिटी में अब तक एक भी डॉग शेल्टर नहीं है। जिले में करीब 50 हजार लावारिस कुत्ते हैं, लेकिन घायल, बीमार या आक्रामक कुत्तों को रखने के लिए नगर निगम के पास कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। शहर की कॉलोनियों, सेक्टरों और गांवों में कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। सुबह-शाम सैर करने वाले बुजुर्गों, स्कूल जाने वाले बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को अक्सर इनके हमलों का सामना करना पड़ता है।

लगातार बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं के बावजूद समस्या के समाधान के लिए अब तक प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालांकि, नगर निगम भूपानी गांव में 1.78 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक डॉग शेल्टर बनाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण चल रहा है जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। 

जिले में किसी भी नस्ल का कुत्ता रखने पर प्रतिबंध नहीं है। अब तक बेहद कम रजिस्ट्रेशन हुआ है। पंजीकरण कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। - नीतीश पोरवाल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम फरीदाबाद

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