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Faridabad News: लगातार जोड़ों का दर्द हो सकता है ल्युपस का संकेत

Sun, 10 May 2026 12:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2026 12:02 AM IST
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Persistent joint pain may be a sign of lupus
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जिला नागरिक अस्पताल में बढ़ रहे मामले


समय पर पहचान और उपचार से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों जोड़ों के दर्द, सूजन और लगातार थकान की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जांच के दौरान कई मरीजों में ल्युपस (सिस्टमिक ल्युपस एरिथेमेटोसस) जैसी ऑटोइम्यून बीमारी की पुष्टि हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी, गठिया या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है। समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिला नागरिक अस्पताल में वर्तमान में करीब 45 मरीज दर्ज हैं।



जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने बताया कि शुरुआत में हाथ-पैरों के जोड़ों में हल्का दर्द और सूजन होती थी, लेकिन धीरे-धीरे समस्या बढ़ने लगी। कई मरीजों को सुबह उठने में परेशानी, लगातार थकान, शरीर में दर्द और त्वचा पर चकत्तों जैसी शिकायतें भी होने लगीं। कुछ मरीजों ने कहा कि लंबे समय तक उन्हें बीमारी की सही जानकारी नहीं मिल सकी, जिसके कारण हालत और बिगड़ गई। मरीजों का कहना है कि यदि शुरुआती दौर में सही जांच हो जाती तो उन्हें लंबे समय तक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
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मरीजों ने सुनाई आपबीती
जिला नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन बुजुर्ग मरीज दीनानाथ ने बताया कि उन्हें 45 वर्ष की उम्र में इस बीमारी का पता चला था। वह पिछले पांच वर्षों से लगातार उपचार करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित इलाज और दवाओं की वजह से वह अब सामान्य जीवन जी पा रहे हैं। वहीं एक अन्य मरीज कलराजी देवी के पोते ने बताया कि उनकी दादी को लंबे समय से जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत रहती थी। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब परेशानी बढ़ी तो उन्हें अस्पताल लाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें ल्युपस बीमारी है।
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समय पर जांच जरूरी : विशेषज्ञ
जिला नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि शंकर गौड़ ने बताया कि ल्युपस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही अंगों और ऊतकों पर हमला करने लगती है। इसके कारण जोड़ों में दर्द, सूजन, अत्यधिक थकान, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। गंभीर मामलों में किडनी, फेफड़े और हृदय भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस बीमारी से अधिक प्रभावित होती हैं, लेकिन पुरुषों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। डॉ. गौड़ ने कहा कि यदि किसी को लंबे समय तक जोड़ों में दर्द, सूजन, बार-बार बुखार या कमजोरी महसूस हो रही हो तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराएं। नियमित दवा, संतुलित खानपान और समय पर उपचार से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।
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