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Faridabad News: जागा प्रशासन, दिन भर चला बसों का चेकिंग अभियान
Fri, 12 Apr 2024 11:07 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:07 PM IST
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- नियम पूरे नहीं करने पर छह बसें जब्त, 220 की जांच 27 के काटे चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नारनौल में हुए स्कूली बस हादसे में छह मासूमों की जान जाने और 20 से ज्यादा घायल होने के दो दिन बाद फरीदाबाद प्रशासन अपनी नींद से जागा है। शुक्रवार को जिला उपायुक्त द्वारा बनाई गई कमेटी ने छह बसों को जब्त किया। इधर, ट्रैफिक पुलिस की टीम ने 220 बसों की जांच के बाद 27 बसों के चालान काटे हैं। प्रशासन का दावा है कि रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) व ट्रैफिक पुलिस का ये अभियान लगातार जारी रहेगा।
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने शुक्रवार को स्कूल बसों की चेकिंग के लिए विशेष अभियान शुरू किया। इसके तहत छह स्कूल बसों को जब्त किया गया है। इसके साथ ही ईद की छुट्टी वाले दिन स्कूल खोलने वाले स्कूल संचालकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में सभी स्कूलों की बसों की सघनता से जांच की जाए। जिले में 1159 स्कूलों में 3338 बसें हैं। इनकी जांच के लिए पुलिस, डीईओ और आरटीए की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह सभी टीमें लगातार बसों की जांच करेंगी। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि दस दिन के अंदर प्रत्येक बस की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मीटिंग में आरटीए मुनीष सहगल, जिला शिक्षा अधिकारी आशा दहिया भी मौजूद रहे।
ट्रैफिक पुलिस ने अलग से चलाया अभियान
पुलिस उपायुक्त यातायात ऊषा के निर्देश पर सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अंतर्गत करीब 220 स्कूली बसों को चेक किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले 27 स्कूल बस चालकों के चालान किए गए। ऊषा ने बताया पुलिस ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूल बसों की जांच की थी। देखने में आया है काफी स्कूल बसें यातायात नियमों का पालन नहीं करतीं। शुक्रवार को ऐसी 27 बसों के चालान कर जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने वर्ष 2023 में 1162 स्कूल बस चालकों के चालान किए थे। वर्ष 2024 में अब तक 133 बस चालकों के चालान काटे गए हैं।
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इन नियमों का पालन जरूरी
स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
चालक-परिचालक की वर्दी में होने चाहिए।
महिला सहायक का होना जरूरी है।
आगे और पीछे नंबर प्लेट ठीक होनी चाहिए।
पूरे दस्तावेज और प्राथमिक चिकित्सा पेटी व उसके अंदर पूरा सामान होना चाहिए।
बस की लाइटें ठीक काम करनी चाहिए।
बस के आगे व पीछे रिफ्लेक्टर टेप लगी होनी चाहिए।
स्कूल बसों के पीछे आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर लिखे होने चाहिए।
आरटीए के नियमों के तहत डीजल बस 10 साल, पेट्रोल व सीएनजी बस 15 साल से पुरानी नहीं होनी चाहिए।
बस में आईपी कैमरा और मॉनिटर हो और 15 दिन की रिकॉर्डिंग बस में और 90 दिन की स्कूल में हो।
चालक के पास पांच साल का अनुभव हो।
सहायक के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन व फिटनेस सर्टिफिकेट हो।
बसों में स्पीड गवर्नेंस, अग्निशमन यंत्र लगे हों।
ब्रेक, हेड व बैक लाइट सही काम कर रही हो।
फर्स्ट एड बॉक्स लगा होना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नारनौल में हुए स्कूली बस हादसे में छह मासूमों की जान जाने और 20 से ज्यादा घायल होने के दो दिन बाद फरीदाबाद प्रशासन अपनी नींद से जागा है। शुक्रवार को जिला उपायुक्त द्वारा बनाई गई कमेटी ने छह बसों को जब्त किया। इधर, ट्रैफिक पुलिस की टीम ने 220 बसों की जांच के बाद 27 बसों के चालान काटे हैं। प्रशासन का दावा है कि रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) व ट्रैफिक पुलिस का ये अभियान लगातार जारी रहेगा।
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने शुक्रवार को स्कूल बसों की चेकिंग के लिए विशेष अभियान शुरू किया। इसके तहत छह स्कूल बसों को जब्त किया गया है। इसके साथ ही ईद की छुट्टी वाले दिन स्कूल खोलने वाले स्कूल संचालकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में सभी स्कूलों की बसों की सघनता से जांच की जाए। जिले में 1159 स्कूलों में 3338 बसें हैं। इनकी जांच के लिए पुलिस, डीईओ और आरटीए की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह सभी टीमें लगातार बसों की जांच करेंगी। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि दस दिन के अंदर प्रत्येक बस की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मीटिंग में आरटीए मुनीष सहगल, जिला शिक्षा अधिकारी आशा दहिया भी मौजूद रहे।
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ट्रैफिक पुलिस ने अलग से चलाया अभियान
पुलिस उपायुक्त यातायात ऊषा के निर्देश पर सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अंतर्गत करीब 220 स्कूली बसों को चेक किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले 27 स्कूल बस चालकों के चालान किए गए। ऊषा ने बताया पुलिस ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूल बसों की जांच की थी। देखने में आया है काफी स्कूल बसें यातायात नियमों का पालन नहीं करतीं। शुक्रवार को ऐसी 27 बसों के चालान कर जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने वर्ष 2023 में 1162 स्कूल बस चालकों के चालान किए थे। वर्ष 2024 में अब तक 133 बस चालकों के चालान काटे गए हैं।
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इन नियमों का पालन जरूरी
स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
चालक-परिचालक की वर्दी में होने चाहिए।
महिला सहायक का होना जरूरी है।
आगे और पीछे नंबर प्लेट ठीक होनी चाहिए।
पूरे दस्तावेज और प्राथमिक चिकित्सा पेटी व उसके अंदर पूरा सामान होना चाहिए।
बस की लाइटें ठीक काम करनी चाहिए।
बस के आगे व पीछे रिफ्लेक्टर टेप लगी होनी चाहिए।
स्कूल बसों के पीछे आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर लिखे होने चाहिए।
आरटीए के नियमों के तहत डीजल बस 10 साल, पेट्रोल व सीएनजी बस 15 साल से पुरानी नहीं होनी चाहिए।
बस में आईपी कैमरा और मॉनिटर हो और 15 दिन की रिकॉर्डिंग बस में और 90 दिन की स्कूल में हो।
चालक के पास पांच साल का अनुभव हो।
सहायक के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन व फिटनेस सर्टिफिकेट हो।
बसों में स्पीड गवर्नेंस, अग्निशमन यंत्र लगे हों।
ब्रेक, हेड व बैक लाइट सही काम कर रही हो।
फर्स्ट एड बॉक्स लगा होना चाहिए।