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खोरी गांव के लोगों ने अर्धनग्न होकर जंतर-मंतर पर रोटी यात्रा निकाली
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खोरी गांव के निवासी पूर्नवास की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन करते हुए ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। खोरी गांव के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को जंतर-मंतर पर रोटी यात्रा निकाली। लोगों ने पुनर्वास की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता मीनू वर्मा ने बताया कि खोरी गांव के लोगों ने पुनर्वास की मांग को दोबारा रखा है। कुछ लोग अर्ध नग्न होकर यात्रा में शामिल हुए। पूर्व में भी खोरी गांव के लोगों ने जंतर-मंतर पर पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन अभी तक पुनर्वास नहीं मिला ना ही किसी तरह की सहायता।
दिल्ली सरकार भी बिजली, पानी और राशन देकर खोरी के वासियों को भूल गई है। रोटी यात्रा के माध्यम से रोते हुए खोरी के लोगों ने सरकार से गुहार लगाई की या तो आशियाना दे नहीं तो उन्हें वहीं बसाए। वर्मा ने बताया कि खोरी गांव को तोड़ने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को सुनाया। गांव में करीब 10000 परिवार रह रहा था। खोरी गांव में लोगों के पास बिजली पानी आदि मूलभूत सुविधाएं मिली थीं। उनका कहना है कि होटलों समेत अन्य को न तोड़कर गरीबों के आशियाने तोड़े गए।
लोगों की मांग है कि जमीन बाहरी कंपनियों को बेचने के बजाय लोगों को दी जाए। भूमाफिया, वन विभाग एवं नगरपालिका, बिजली विभाग के शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो व तोड़े गए घरों के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
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सामाजिक कार्यकर्ता मीनू वर्मा ने बताया कि खोरी गांव के लोगों ने पुनर्वास की मांग को दोबारा रखा है। कुछ लोग अर्ध नग्न होकर यात्रा में शामिल हुए। पूर्व में भी खोरी गांव के लोगों ने जंतर-मंतर पर पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन अभी तक पुनर्वास नहीं मिला ना ही किसी तरह की सहायता।
दिल्ली सरकार भी बिजली, पानी और राशन देकर खोरी के वासियों को भूल गई है। रोटी यात्रा के माध्यम से रोते हुए खोरी के लोगों ने सरकार से गुहार लगाई की या तो आशियाना दे नहीं तो उन्हें वहीं बसाए। वर्मा ने बताया कि खोरी गांव को तोड़ने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को सुनाया। गांव में करीब 10000 परिवार रह रहा था। खोरी गांव में लोगों के पास बिजली पानी आदि मूलभूत सुविधाएं मिली थीं। उनका कहना है कि होटलों समेत अन्य को न तोड़कर गरीबों के आशियाने तोड़े गए।
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लोगों की मांग है कि जमीन बाहरी कंपनियों को बेचने के बजाय लोगों को दी जाए। भूमाफिया, वन विभाग एवं नगरपालिका, बिजली विभाग के शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो व तोड़े गए घरों के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
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