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Faridabad News: बाहर से पराठे पैक कराकर बच्चों को स्कूल भेजने को मजबूर लोग
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फरीदाबाद एयरफोर्स रोड पर गैस एजेंसी पर बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं की लगी भीड़।संवाद
आम लोगों के जीवन पर दिखने लगा गैस संकट का असर, दिनचर्या हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। युद्ध का असर अब सीधे आम लोगों के जीवन पर दिखने लगा है। गैस संकट ने शहर के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं, जो सुबह से शाम तक खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
गैस संकट से अब बच्चों की पढ़ाई और दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। स्कूल खुलने के कारण सुबह जल्दी खाना और नाश्ता तैयार करना जरूरी होता है, लेकिन गैस की कमी से यह काम बेहद मुश्किल हो गया है। कई अभिभावक बच्चों को बाहर से पराठे या अन्य खाद्य सामग्री पैक कर स्कूल भेजने को मजबूर हैं। इस संकट के चलते घरों में बनने वाले व्यंजनों की संख्या भी कम हो गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से गैस सिलिंडर बुक कराना भी अब आसान नहीं रहा। कई लोगों ने बताया कि बुकिंग करने के बाद भी डीएसी (डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड) नंबर समय पर नहीं मिल रहा है। यह नंबर आने में चार से पांच दिन तक का समय लग रहा है। इसके बाद केवाईसी प्रक्रिया के लिए भी एजेंसी पर जाकर फिर से लाइन में लगना पड़ता है।
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कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि उनके सिलिंडर एक सप्ताह से बुक ही नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें रोजाना गैस एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने लोगों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इंडक्शन चूल्हा या लकड़ी का सहारा
गैस संकट का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। कई घरों में पिछले एक हफ्ते से गैस खत्म हो चुकी है। ऐसे में लोग मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे या लकड़ी का सहारा लेकर खाना बना रहे हैं। किराये के मकानों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी सीमित होती है।
लोगों से बातचीत
सिलिंडर बुक न हो पाने की वजह से बहुत दिक्कत आ रही है। मैं सुबह से ही एजेंसी पर लाइन में लगा हुआ हूं। एजेंसी वाले बता रहे हैं कि सर्वर नहीं चल रहा है।- वंश
घर में गैस खत्म हो गई है। पिछले तीन दिन से चूल्हे पर खाना बन रहा है। सिलिंडर बुक नहीं हो रहा है। परिवार में छोटे बच्चे भी हैं। - विपिन सिंह
चार दिन पहले सिलिंडर बुक किया था। अभी तक डीएसी नंबर नहीं आया है। इस कारण मैंने इंडक्शन खरीद लिया है। - सुखवीर
कई दिनों से सिलिंडर बुक कर रहा हूं, लेकिन बुक नहीं हो पा रहा है। एजेंसी पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ पता नहीं चल रहा है।- बलराम
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। युद्ध का असर अब सीधे आम लोगों के जीवन पर दिखने लगा है। गैस संकट ने शहर के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं, जो सुबह से शाम तक खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
गैस संकट से अब बच्चों की पढ़ाई और दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। स्कूल खुलने के कारण सुबह जल्दी खाना और नाश्ता तैयार करना जरूरी होता है, लेकिन गैस की कमी से यह काम बेहद मुश्किल हो गया है। कई अभिभावक बच्चों को बाहर से पराठे या अन्य खाद्य सामग्री पैक कर स्कूल भेजने को मजबूर हैं। इस संकट के चलते घरों में बनने वाले व्यंजनों की संख्या भी कम हो गई है।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से गैस सिलिंडर बुक कराना भी अब आसान नहीं रहा। कई लोगों ने बताया कि बुकिंग करने के बाद भी डीएसी (डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड) नंबर समय पर नहीं मिल रहा है। यह नंबर आने में चार से पांच दिन तक का समय लग रहा है। इसके बाद केवाईसी प्रक्रिया के लिए भी एजेंसी पर जाकर फिर से लाइन में लगना पड़ता है।
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कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि उनके सिलिंडर एक सप्ताह से बुक ही नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें रोजाना गैस एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने लोगों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इंडक्शन चूल्हा या लकड़ी का सहारा
गैस संकट का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। कई घरों में पिछले एक हफ्ते से गैस खत्म हो चुकी है। ऐसे में लोग मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे या लकड़ी का सहारा लेकर खाना बना रहे हैं। किराये के मकानों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी सीमित होती है।
लोगों से बातचीत
सिलिंडर बुक न हो पाने की वजह से बहुत दिक्कत आ रही है। मैं सुबह से ही एजेंसी पर लाइन में लगा हुआ हूं। एजेंसी वाले बता रहे हैं कि सर्वर नहीं चल रहा है।- वंश
घर में गैस खत्म हो गई है। पिछले तीन दिन से चूल्हे पर खाना बन रहा है। सिलिंडर बुक नहीं हो रहा है। परिवार में छोटे बच्चे भी हैं। - विपिन सिंह
चार दिन पहले सिलिंडर बुक किया था। अभी तक डीएसी नंबर नहीं आया है। इस कारण मैंने इंडक्शन खरीद लिया है। - सुखवीर
कई दिनों से सिलिंडर बुक कर रहा हूं, लेकिन बुक नहीं हो पा रहा है। एजेंसी पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ पता नहीं चल रहा है।- बलराम