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ईएसआई डिस्पेंसरियों में इलाज को तरसे लोग
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फरीदाबाद। ईएसआई डिस्पेंसरियों में मरीज इलाज के लिए तरस रहे हैं। 22 मई से यहां का स्टाफ को स्थानांतरित कर दूसरे जिलों में कोविड ड्यूटी में लगाया गया है। ऐसे में मरीजों को सुविधा देने के लिए डॉक्टर तो दूर कोई सहायक डिस्पेंसरियों में नहीं बचा है। लोगों को ओपीडी जैसे सामान्य इलाज की सुविधा भी इन केंद्रों पर नसीब नहीं हो रही।
डिस्पेंसरियों में लगभग एक माह से ओपीडी सेवाएं बंद हैं। मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। इस बात की जानकारी किसी नोटिस के माध्यम से भी मरीजों तक नहीं पहुंचाई जा रही। ऐसे में हर दिन औसतन 50 मरीज एक डिस्पेंसरी पर दवा के लिए पहुंच रहे हैं। जवाहर कॉलोनी स्थित डिस्पेंसरी पर तैनात स्टाफ ने बताया कि एक माह से ओपीडी सेवाएं बंद हैं। इसकी जानकारी यहां दवा लेने वाले लोगों को मौके पर दी जाती है।
परेशान दंपती ने किया बीके अस्पताल का रुख
पर्वतिया कॉलोनी निवासी मनी (23) अपने संग ईएसआई डिस्पेंसरी(जवाहर कॉलोनी) में इलाज के लिए पहुंची थी। मनी ने बताया कि वह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे डिस्पेंसरी में इलाज के लिए ओपीडी जांच के लिए पहुंची थी। वह बीते तीन दिन से आंख दर्द व खुजली के कारण परेशान थी। मौके पर आकर पता लगा कि ओपीडी बंद है। बीते एक माह से यही स्थिति है। इससे पहले वह दो बार पेट दर्द और बुखार की जांच के लिए आई तो भी ओपीडी बंद कहकर उन्हें लौटा दिया गया। इस कारण वह इलाज नहीं करा सकी। वह अपने पति संग सरकारी शहरी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराकर आई। वहां से कुछ दवाएं उसे लिखी गई। यह दवाएं भी डिस्पेंसरी से मुहैया नहीं की गई। मौजूद कर्मियों ने उन्हें बीके अस्पताल जाने की सलाह दी।
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पत्नी के इलाज के लिए ईएसआई डिस्परेंसरी पहुंचा था। इलाज नहीं हुआ। कहा ओपीडी बंद है। अब इलाज नहीं मिला। ऐसे में वापस लौटना मजबूरी है।
- सौरभ, पाली निवासी
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डिस्पेंसरियों में लगभग एक माह से ओपीडी सेवाएं बंद हैं। मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। इस बात की जानकारी किसी नोटिस के माध्यम से भी मरीजों तक नहीं पहुंचाई जा रही। ऐसे में हर दिन औसतन 50 मरीज एक डिस्पेंसरी पर दवा के लिए पहुंच रहे हैं। जवाहर कॉलोनी स्थित डिस्पेंसरी पर तैनात स्टाफ ने बताया कि एक माह से ओपीडी सेवाएं बंद हैं। इसकी जानकारी यहां दवा लेने वाले लोगों को मौके पर दी जाती है।
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परेशान दंपती ने किया बीके अस्पताल का रुख
पर्वतिया कॉलोनी निवासी मनी (23) अपने संग ईएसआई डिस्पेंसरी(जवाहर कॉलोनी) में इलाज के लिए पहुंची थी। मनी ने बताया कि वह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे डिस्पेंसरी में इलाज के लिए ओपीडी जांच के लिए पहुंची थी। वह बीते तीन दिन से आंख दर्द व खुजली के कारण परेशान थी। मौके पर आकर पता लगा कि ओपीडी बंद है। बीते एक माह से यही स्थिति है। इससे पहले वह दो बार पेट दर्द और बुखार की जांच के लिए आई तो भी ओपीडी बंद कहकर उन्हें लौटा दिया गया। इस कारण वह इलाज नहीं करा सकी। वह अपने पति संग सरकारी शहरी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराकर आई। वहां से कुछ दवाएं उसे लिखी गई। यह दवाएं भी डिस्पेंसरी से मुहैया नहीं की गई। मौजूद कर्मियों ने उन्हें बीके अस्पताल जाने की सलाह दी।
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पत्नी के इलाज के लिए ईएसआई डिस्परेंसरी पहुंचा था। इलाज नहीं हुआ। कहा ओपीडी बंद है। अब इलाज नहीं मिला। ऐसे में वापस लौटना मजबूरी है।
- सौरभ, पाली निवासी