पाकिस्तानी महिला नहीं जाना चाहती वापस: फरीदाबाद में जुड़वा बच्चों को दिया जन्म, टूरिस्ट वीजा पर आई थी
महिला बाई दुर्गा ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के चलते वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। भारत में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। यहां पर हिंदुओं पर कोई अत्याचार नहीं होते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के अटारी की रहने वाली महिला ने मंगलवार की सुबह जुड़वा बच्चों एक बेटा व एक बेटी को जन्म दिया। महिला पति व दो बच्चों के साथ फरवरी में भारत में टूरिस्ट वीजा पर आई थी। उसका वीजा जून के महीने में खत्म हो गया। वह तब से दिल्ली के संजय कॉलोनी में स्थित भाटी माइंस में रह रही है। मूलरूप से पाकिस्तान अटारी के रहने वाली बाई दुर्गा ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ 26 फरवरी 2025 को जब दिल्ली आई थी तो वह करीब 4 महीने की गर्भवती थी। देर रात प्रसव पीड़ा शुरू होने के चलते वह डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल में आई, जहां उसने दो बच्चों को जन्म दिया।
पाकिस्तान में हो रहा हिंदू पर अत्याचार
बाई दुर्गा ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के चलते वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। भारत में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। यहां पर हिंदुओं पर कोई अत्याचार नहीं होते हैं। इसलिए वह अपने और बच्चों के भविष्य के लिए भारत में ही रहना चाहती हैं। बाई दुर्गा ने बताया कि अब उनके दो बच्चे भारत में पैदा हुए हैं। इसलिए उन्हें भारत की नागरिकता मिलनी चाहिए। उनके माता-पिता और सास-ससुर अभी पाकिस्तान में हैं। महिला के पति पुरुषोत्तम ने बताया कि वह फरीदाबाद और दिल्ली से सटे भाटी माइंस इलाके में बच्चों के साथ रहते हैं। वहां पर और भी पाकिस्तानी परिवार रहते हैं, जो पिछले कई वर्षों से रह रहे हैं। कोई भी पाकिस्तानी परिवार अब भारत से वापस नहीं जाना चाहता है क्योंकि भारत में जो सुविधा उन्हें मिल रही हैं वह पाकिस्तान में नहीं मिलती हैं। वह यहां पर मेहनत मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं।
वीजा हो चुका है खत्म
बाई दुर्गा के वीजा पर जो डेट भारत में प्रवेश की अंकित की गई है वह 23 दिसंबर 2024 से लेकर 20 जून 2025 है। उसके हिसाब से दुर्गा का टूरिस्ट वीजा समाप्त हो चुका है, लेकिन दुर्गा का वीजा समाप्त होने के बाद भी दुर्गा वापस पाकिस्तान नहीं गई और भारत सरकार ने भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। दुर्गा की बुआ व सास वजीरा ने बताया कि वह भी लगभग 50 साल पहले भारत में पाकिस्तान से आई थीं, जो कि भाटी माइंस इलाके में ही रह रही हैं। उन्हें यहां पर भारत सरकार से न केवल पेंशन बल्कि सारी सुविधाएं मिलती हैं और ऐसी वह अकेली पाकिस्तान महिला नहीं हैं बल्कि वहां पर लगभग 10,000 पाकिस्तानी लोग रहते हैं।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि इस केस में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं बनती है। अगर कोई कार्रवाई होगी, वह दिल्ली पुलिस करेगी क्योंकि महिला अपने परिवार के साथ दिल्ली के भाटी माइंस में रह रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रहने वाले लोगों को फार्म-सी भरने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि सरकार की ओर से दोनों देश के नागरिकों को छूट दी हुई है। वहीं, महिला की ओर से वीजा के लिए आवेदन किया हुआ है।