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Faridabad News: बाटा और बड़खल चौक पर अंडरपास की जगह स्लिप रोड बनाने का तलाशा जा रहा विकल्प
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की यातायात योजना की नए सिरे से समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की यातायात योजना की नए सिरे से समीक्षा की है। बाटा चौक और बड़खल चौक पर पहले प्रस्तावित अंडरपास की जगह अब स्लिप रोड बनाने का विकल्प तलाशा जा रहा है। पुराने शहर के घने ढांचे, सीमित जगह और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए अंडरपास के बजाय स्लिप रोड को अधिक व्यावहारिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों चौराहों का यातायात और तकनीकी सर्वे कराने के बाद नई डिजाइन और डीपीआर तैयार की जाएगी। इससे फरीदाबाद के भीतर यातायात सुगम होने के साथ गुरुग्राम की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
पुराने शहर के ढांचे में अंडरपास बनाना बड़ी चुनौती
700 करोड़ की लागत के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत बाटा चौक और बड़खल चौक पर यातायात को सुगम बनाने के लिए अंडरपास का विकल्प सामने रखा गया था। दोनों चौराहे शहर के पुराने और घने हिस्से में आते हैं। यहां पहले से सड़क, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय क्षेत्र विकसित हैं। ऐसे में बड़े अंडरपास के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना आसान नहीं है।
इसके अलावा अंडरपास निर्माण के दौरान यातायात डायवर्जन, भूमिगत यूटिलिटी, सीवर और पेयजल लाइनों की स्थिति तथा जल निकासी जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले फरीदाबाद में अंडरपास के लिए मजबूत ड्रेनेज व्यवस्था भी जरूरी होगी। इन्हीं जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए अब विभाग वैकल्पिक समाधान तलाश रहा है।
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सर्वे के बाद तय होगा किस दिशा के वाहनों को मिलेगा अलग रास्ता
एफएमडीए की योजना के अनुसार दोनों चौराहों पर पहले विस्तृत यातायात और तकनीकी सर्वे कराया जाएगा। इसमें पीक आवर्स के दौरान वाहनों का दबाव, सड़क की उपलब्ध चौड़ाई, आसपास के निर्माण, पैदल यात्रियों की आवाजाही और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात का अध्ययन किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किस दिशा से सबसे ज्यादा वाहन आते हैं और किन वाहनों को मुख्य चौराहे पर सिग्नल के कारण रुकना पड़ता है। इसी आधार पर स्लिप रोड की लंबाई, चौड़ाई, प्रवेश और निकास बिंदु तय किए जाएंगे। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर डीपीआर तैयार होगी। इसके बाद प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मुख्य चौराहों पर रुके बिना निकल सकेंगे वाहन
स्लिप रोड का उद्देश्य ऐसे वाहनों को मुख्य चौराहे से अलग रास्ता उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी दूसरी दिशा में जाने के लिए सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं है। इससे मुख्य जंक्शन पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकता है। खासकर उन वाहन चालकों को फायदा मिल सकता है जो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जरिये शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जा रहे हैं।
बाटा चौक और बड़खल चौक पर यातायात व्यवस्था में बदलाव का असर केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इन मार्गों से गुरुग्राम और दक्षिणी फरीदाबाद की ओर आने-जाने वाले वाहनों की भी आवाजाही रहती है। यदि स्लिप रोड के जरिये मुख्य चौराहों पर रुकने वाले वाहनों की संख्या कम होती है तो गुरुग्राम की ओर जाने वाले लोगों के यात्रा समय में भी कमी आ सकती है।
मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगा काम
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शहर के प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री करने और यातायात व्यवस्था में सुधार की दिशा में योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है। अब बाटा और बड़खल चौक पर अंडरपास की जगह स्लिप रोड का विकल्प तलाशा जा रहा है। फिलहाल योजना प्रस्ताव के स्तर पर है। सर्वे, डीपीआर और सरकार की मंजूरी के बाद ही अंतिम डिजाइन और निर्माण की समयसीमा स्पष्ट होगी।
हाईवे स्थित बाटा और बड़खल चौक पर अंडरपास की जगह स्लिप रोड की योजना पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - संदीप दहिया, एफएमडीए के अधीक्षण अभियंता
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की यातायात योजना की नए सिरे से समीक्षा की है। बाटा चौक और बड़खल चौक पर पहले प्रस्तावित अंडरपास की जगह अब स्लिप रोड बनाने का विकल्प तलाशा जा रहा है। पुराने शहर के घने ढांचे, सीमित जगह और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए अंडरपास के बजाय स्लिप रोड को अधिक व्यावहारिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों चौराहों का यातायात और तकनीकी सर्वे कराने के बाद नई डिजाइन और डीपीआर तैयार की जाएगी। इससे फरीदाबाद के भीतर यातायात सुगम होने के साथ गुरुग्राम की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
पुराने शहर के ढांचे में अंडरपास बनाना बड़ी चुनौती
700 करोड़ की लागत के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत बाटा चौक और बड़खल चौक पर यातायात को सुगम बनाने के लिए अंडरपास का विकल्प सामने रखा गया था। दोनों चौराहे शहर के पुराने और घने हिस्से में आते हैं। यहां पहले से सड़क, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय क्षेत्र विकसित हैं। ऐसे में बड़े अंडरपास के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना आसान नहीं है।
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इसके अलावा अंडरपास निर्माण के दौरान यातायात डायवर्जन, भूमिगत यूटिलिटी, सीवर और पेयजल लाइनों की स्थिति तथा जल निकासी जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले फरीदाबाद में अंडरपास के लिए मजबूत ड्रेनेज व्यवस्था भी जरूरी होगी। इन्हीं जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए अब विभाग वैकल्पिक समाधान तलाश रहा है।
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सर्वे के बाद तय होगा किस दिशा के वाहनों को मिलेगा अलग रास्ता
एफएमडीए की योजना के अनुसार दोनों चौराहों पर पहले विस्तृत यातायात और तकनीकी सर्वे कराया जाएगा। इसमें पीक आवर्स के दौरान वाहनों का दबाव, सड़क की उपलब्ध चौड़ाई, आसपास के निर्माण, पैदल यात्रियों की आवाजाही और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात का अध्ययन किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किस दिशा से सबसे ज्यादा वाहन आते हैं और किन वाहनों को मुख्य चौराहे पर सिग्नल के कारण रुकना पड़ता है। इसी आधार पर स्लिप रोड की लंबाई, चौड़ाई, प्रवेश और निकास बिंदु तय किए जाएंगे। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर डीपीआर तैयार होगी। इसके बाद प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मुख्य चौराहों पर रुके बिना निकल सकेंगे वाहन
स्लिप रोड का उद्देश्य ऐसे वाहनों को मुख्य चौराहे से अलग रास्ता उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी दूसरी दिशा में जाने के लिए सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं है। इससे मुख्य जंक्शन पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकता है। खासकर उन वाहन चालकों को फायदा मिल सकता है जो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जरिये शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जा रहे हैं।
बाटा चौक और बड़खल चौक पर यातायात व्यवस्था में बदलाव का असर केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इन मार्गों से गुरुग्राम और दक्षिणी फरीदाबाद की ओर आने-जाने वाले वाहनों की भी आवाजाही रहती है। यदि स्लिप रोड के जरिये मुख्य चौराहों पर रुकने वाले वाहनों की संख्या कम होती है तो गुरुग्राम की ओर जाने वाले लोगों के यात्रा समय में भी कमी आ सकती है।
मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगा काम
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शहर के प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री करने और यातायात व्यवस्था में सुधार की दिशा में योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है। अब बाटा और बड़खल चौक पर अंडरपास की जगह स्लिप रोड का विकल्प तलाशा जा रहा है। फिलहाल योजना प्रस्ताव के स्तर पर है। सर्वे, डीपीआर और सरकार की मंजूरी के बाद ही अंतिम डिजाइन और निर्माण की समयसीमा स्पष्ट होगी।
हाईवे स्थित बाटा और बड़खल चौक पर अंडरपास की जगह स्लिप रोड की योजना पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - संदीप दहिया, एफएमडीए के अधीक्षण अभियंता