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Faridabad News: मतदाताओं के उत्साह और जोश के आगे बुढ़ापे और दिव्यांगता ने मानी हार

Sat, 25 May 2024 10:59 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2024 10:59 PM IST
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Old age and disability accepted defeat before the enthusiasm and enthusiasm of the voters.
निभा रजक
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फरीदाबाद। उत्साह और जोश के आगे उम्र कभी आड़े नहीं आ सकती। यह फरीदाबाद के बुजुर्गों और दिव्यांगों ने साबित कर दिया। कमजोर हड्डियां और चलने-फिरने में असमर्थ होने के बावजूद बुजुर्गों ने व्हील चेयर पर सवार होकर लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में अपना योगदान दिया। वहीं, किसी ने मतदान नहीं करने से दुखी होकर अन्न तक त्याग दिया। इसके अलावा कुछ लोगों ने अपने वोट का महत्व समझते हुए लाठी के सहारे केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया।
आंख से नहीं देता दिखाई, चलने में भी असमर्थ, लेकिन जोश बरकरार
लांबा मोहल्ला मुजेसर निवासी करीब 90 वर्षीय कस्तूरी देवी अपने बेटे और पोते के साथ वोट देने के लिए पहुंची। कस्तूरी देवी ने बताया कि वह देख नहीं सकती हैं। चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। कमर में दर्द रहता है, लेकिन अगर जोश की बात की जाए तो उसमें बिल्कुल भी कमी नहीं है। कस्तूरी देवी सभी चुनावों में मतदान करती हैं। कस्तूरी देवी का वोट गांव के विकास और बुजुर्गों की पेंशन के लिए था। पोते की सहायता से कस्तूरी देवी ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दिया।
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वोट नहीं दे पाने से दुखी महिला ने त्याग दिया अन्न
सेक्टर-23 संजय कॉलोनी निवासी करीब 78 वर्षीय राम प्यारी चलने-फिरने में असमर्थ हैं। लाठी के सहारे जैसे-तैसे घसीट कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती हैं। वह बड़ी मुश्किल से घर के समीप बने एक मतदान केंद्र पर पहुंच सकीं, लेकिन वहीं ना तो लिस्ट में नाम मिला और न ही मतदाता पर्ची। परेशान बुजुर्ग कर्मचारियों और पुलिस से दूसरे मतदान केंद्रों पर पहुंचाने की अपील करती रहीं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। वोट न दे पाने से नाराज बुजुर्ग शाम तक भूखे-प्यासे केंद्र पर बैठी रहीं। वह पसंदीदा पार्टी के प्रत्याशी को वोट देने की लालसा पूरी नहीं हो सकी। इसे प्रशासन की लापरवाही भी कहा जा सकता है। चुनाव से पहले कई दावे किए गए थे, लेकिन सभी धाराशाही हो गए।
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दिव्यांगों में भी कम नहीं था उत्साह
बुजुर्गों के अलावा जिले के दिव्यांगों ने भी जमकर वोटिंग की। परिवारजनों की सहायता से पहुंचे दिव्यांगों ने सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाकर खुशी जाहिर की। पाली में बने मतदान केंद्र पर पहुंचे----- ने बताया कि वह बिना किसी सहारे के चलने-फिरने में समर्थ हैं लेकिन मतदान करके लोकतंत्र के महापर्व में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इसके अलावा साहूपुरा गांव में बने केंद्र पर रामवती छड़ी के सहारे से चलकर वोट देने के लिए पहुंचीं। जिले के मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों का जोश और जज्बा देखकर हर कोई हैरान रह गया।
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